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भारत के बाद अब चीन से किस बात को लेकर भिड़ गया है कनाडा
पिछले दिनों भारत के साथ राजनयिक तनाव को लेकर चर्चा में रहे कनाडा की अब चीन के साथ ठन गई है.
चीन और कनाडा ने एक-दूसरे पर अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा के उल्लंघन और अनावश्यक सैन्य टकराव को बढ़ावा देने के गंभीर आरोप लगाए हैं.
मामला दक्षिणी चीन सागर से जुड़ा हुआ है जिसे लेकर चीन अतिरिक्त संवेदनशील रहा है.
इस बड़े समुद्री इलाक़े को चीन अपना बताता है जबकि इस क्षेत्र के अन्य कई देश उसके दावे को चुनौती देते हैं.
कनाडा ने चीन के लड़ाकू विमानों पर दक्षिणी चीन सागर से गुज़र रहे उसके हेलीकॉप्टर को ख़तरे में डालने का आरोप लगाया है.
वहीं चीन का कहना है कि कनाडा के हेलीकॉप्टर ने कुछ अज्ञात कारणों से उसके द्वीपों की ओर उड़ान भरी थी.
चीन पर 'ख़तरनाक हरकतों' का आरोप
कनाडा के रक्षा मंत्री बिल ब्लेयर ने कहा है कि चीन के लड़ाकू विमानों ने दक्षिण चीन सागर में अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा के ऊपर उड़ रहे उसके हेलीकॉप्टर को ख़तरे में डाल दिया था.
उन्होंने शुक्रवार को कहा कि ‘इन लड़ाकू विमानों ने कनाडा के हेलीकॉप्टर के बेहद क़रीब आकर इस पर फ़्लेयर (चेतावनी देने के लिए छोड़ी जाने वाली चिंगारियां) दाग़कर क्रू की जान ख़तरे में डाल दी थी.’
ब्लेयर ने कहा कि चीनी जेट बीते रविवार को पहले तो हेलीकॉप्टर के ठीक ऊपर से गुज़रे जिससे वह डगमगा गया. बाद में एक और जेट ने हेलीकॉप्टर के आगे फ़्लेयर दाग़े जिनसे बचने के लिए उसे एकदम रास्ता बदलना पड़ा.
उन्होंने कहा, “इस तरह से सभी को बेवजह ख़तरे में डाला गया. चीन के लड़ाकू विमानों की ये हरकतें बहुत असुरक्षित हैं."
चीन बोला- कनाडा के इरादे 'दुर्भावना' भरे
शनिवार को चीन ने ब्लेयर के दावों प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ‘कनाडा के हेलीकॉप्टर ने किन्हीं गोपनीय इरादों के तहत दुर्भावनापूर्ण और उकसाने वाला काम किया था.’
चीन के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ज़ांग शाओगांग ने ऑनलाइन जारी बयान में कनाडा के युद्धपोत के नाम का ज़िक्र करते हुए कहा है, “हाल ही में कनाडा के एचएमसीएस ओटावा से उड़ान भरने वाले हेलीकॉप्टर ने किन्हीं अनजान इरादों के चलते चीन के ज़िशा द्वीपों की ओर छोटी उड़ानें भरीं.”
उन्होंने, कहा, “चीन की पीपल्स लिबरेशन आर्मी ने नौसेना और वायुसेना को अपने क़ानूनों के तहत छानबीन करने को कहा और कई चेतावनियां जारी कीं, मगर कनाडा के हेलीकॉप्टर ने न सिर्फ़ कोई जवाब नहीं दिया बल्कि बहुत ही कम ऊंचाई पर उड़ान भरने जैसा उकसाने वाला काम भी किया.”
चीन के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने कनाडा पर घटना को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने का भी आरोप लगाया.
उन्होंने कहा, “कनाडा की कार्रवाई से चीन के घरेलू क़ानूनों और अंतरराष्ट्रीय क़ानूनों का उल्लंघन हुआ है और चीन की संप्रभुता व सुरक्षा खतरे में पड़ी है. हम कनाडा से अपील करते हैं कि समंदर में और अपनी वायुसेना की गतिविधियों पर लगाम लगाए ताकि हादसों को टाला जा सके.”
दो हफ़्तों में दूसरा टकराव
समाचार एजेंसी रॉयटर के अनुसार, दो हफ़्तों के अंदर यह दूसरा मौक़ा है जब कनाडा ने चीन की एयरफ़ोर्स पर ‘ख़तरनाक रवैया’ अपनाने का आरोप लगाया है.
इससे पहले अक्टूबर महीने में कनाडा के रक्षा मंत्री बिल ब्लेयर ने कहा था कि चीनी फ़ाइटर जेट उनके एक निगरानी करने वाले हवाई जहाज़ के पांच मीटर तक क़रीब आ गए थे.
कनाडा का कहना था कि निगरानी रखने वाला उनका विमान संयुक्त राष्ट्र के अभियान के तहत उड़ान भर रहा था ताकि यह देख सके कि उत्तर कोरिया पर लगाए गए प्रतिबंधों का पालन सही से हो रहा है या नहीं.
उस घटना को लेकर चीन ने कहा था कि कनाडा का विमान चीन की संप्रभुता का उल्लंघन कर रहा था.
इस बार भी कनाडाई हेलीकॉप्टर को लेकर चीन ने ऐसी ही प्रतिक्रिया दी है.
चीन पर आरोप
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक़, अमेरिका का कहना है कि 'हाल के दिनों में चीन के सैन्य विमान ख़तरनाक व्यवहार कर रहे हैं.'
मई में पेंटागन ने कहा था कि ‘चीनी फ़ाइटर जेट्स ने दक्षिण चीन सागर में अंतरराष्ट्रीय हवाई क्षेत्र में उड़ रहे अमेरिकी सेना विमान के क़रीब आकर अनावश्यक तौर पर आक्रामकता दिखाई थी.”
इससे पहले भी कई मौक़ों पर विभिन्न देशों के जहाज़ों और विमानों के दक्षिण चीन सागर से गुज़रने पर चीन आपत्ति जताता रहा है.
शनिवार को भी चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ज़ांग शाओगांग ने कहा, “चीनी सेना अपनी संप्रभुता, सुरक्षा, समुद्री अधिकारों और हितों की रक्षा व दक्षिण चीन सागर में शांति और स्थिरता के लिए हमेशा हाई अलर्ट पर रहती है.”
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