हाथरस में हुई मौतों के लिए कौन ज़िम्मेदार और कहां हुई चूक? - बीबीसी पड़ताल
उत्तर प्रदेश के हाथरस में एक सत्संग के दौरान मची भगदड़ में 120 से अधिक लोग मारे गए.

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उत्तर प्रदेश के हाथरस में एक सत्संग के दौरान मची भगदड़ में 120 से अधिक लोग मारे गए. पुलिस के मुताबिक़, 80 हज़ार लोगों को ही सत्संग में शामिल होने की अनुमति थी लेकिन वहां लाखों की संख्या में लोग जुट गए.
पीड़ितों का आरोप है कि आयोजन स्थल पर ना तो डॉक्टर थे और ना ही एंबुलेंस की सुविधा.
बीबीसी ने अपनी रिपोर्ट में पाया है कि एक ओर जहां इतने बड़े पैमाने पर सत्संग का आयोजन हो रहा था वहीं ज़िले के बड़े अस्पतालों को इस बारे में पूरी जानकारी तक नहीं थी. घायलों को अस्पताल पहुंचाने में भी कुछ लापरवाही बरती गई, उन्हें पास के निजी अस्पतालों में ना ले जाकर दूर के सरकारी अस्पताल ही ले जाया गया.
इतने बड़े हादसे से स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी और डॉक्टरों की किल्लत से जूझ रही व्यवस्था की सच्चाई भी सामने आ गई है.
देखिए, बीबीसी संवाददाता जुगल पुरोहित और संदीप यादव की रिपोर्ट.
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