कमलनाथ की विदाई, एमपी-छत्तीसगढ़ में हार के बाद कांग्रेस ने बदले चेहरे, ज़मीन पर क्या बदलेगा?- प्रेस रिव्यू

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मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में हार के बाद कांग्रेस ने अपने चेहरे बदल दिए हैं. मध्य प्रदेश में कमलनाथ की जगह अब जीतू पटवारी मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के चीफ होंगे.
विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार के बाद कमलनाथ में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था.
इसके बाद पार्टी ने राऊ के पूर्व विधायक 50 वर्षीय पटवारी को कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त किया. कांग्रेस ने आदिवासी नेता उमेश सिंघार को मध्य प्रदेश विधानसभा में विपक्ष का नेता बनाया है. वहीं हेमंत कटारे को उप नेता बनाया गया है.
'इंडियन एक्सप्रेस' ने इन नियुक्तियों पर विस्तृत रिपोर्ट प्रकाशित करते हुए लिखा है कि इन नियुक्तियों में ओबीसी, ब्राह्मण और आदिवासी समीकरण का ध्यान रखा गया है.
पटवारी कमलनाथ सरकार में उच्च शिक्षा, खेल और युवा मामलों के मंत्री थे. वो मालवा-निमाड़ क्षेत्र से आते हैं. ये इलाका मध्य प्रदेश की राजनीति को नई दिशा देता रहा है. इस इलाके में राज्य की 66 सीटें हैं.
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव भी इसी इलाके से आते हैं. जीतू पटवारी भी ओबीसी समुदाय से आते हैं और राहुल गांधी के करीबी समझे जाते हैं. अंदरुनी सूत्रों के मुताबिक़ मध्य प्रदेश में उनके कांग्रेस अध्यक्ष बनने में इस नजदीकी ने अहम भूमिका निभाई है.
चुनाव के दौरान पटवारी को कांग्रेस के चुनावी अभियान का सह-अध्यक्ष बनाया गया था. उनकी जन-आक्रोश रैलियों में अच्छी खासी भीड़ जुट रही थी.
पटवारी शिवराज सिंह चौहान को पटवारी, पुलिस और शिक्षक भर्ती में कथित घोटाले को लेकर घेरते रहे हैं. हालांकि इसके बावजूद बीजेपी की मधु वर्मा ने उन्हें 35 हजार से अधिक वोटों से हरा दिया.
कमलनाथ उस दिन कांग्रेस विधायक दल की बैठक में नहीं आए थे, जिसमें पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक लाइन का प्रस्ताव पेश कर पटवारी को राज्य का कांग्रेस अध्यक्ष बनाया
दूसरी ओर विधानसभा में विपक्ष के नेता बनाए गए उमंग सिंघार ने धार जिले की गंधवानी सीट से जीत कर आए हैं.
कटारे कांग्रेस नेता और स्वर्गीय सत्यदेव कटारे के पुत्र हैं. वो भिंड के अटेर सीट से जीत कर आए हैं.

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छत्तीसगढ़ में चरण दास महंत बने विपक्ष के नेता
कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ में भी अपने नेता बदले हैं. यहां 69 वर्षीय चरण दास महंत को विधानसभा में विपक्ष का नेता बनाया है.
कांग्रेस के महासचिव केसी वेणुगोपाल ने बताया कि कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे ने महंत को विधानसभा में विपक्ष का नेता बनाने की मंजूरी दे दी है.
महंत को छत्तीसगढ़ में कांग्रेस विधायक दल का नेता चुना गया है. लोकसभा सांसद दीपक बैज को राज्य का कांग्रेस अध्यक्ष बनाए रखा गया है.
महंत राज्य के उन पांच वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं में शामिल हैं, जो इस चुनाव में अपनी सीट बचाने में कामयाब रहे हैं. कांग्रेस की दूसरी पीढ़ी के नेता महंत विधानसभा के स्पीकर थे.
पक्ष और विपक्ष दोनों उनसे संतुष्ट रहे हैं. बीजेपी ने भी स्पीकर के तौर पर उनके निष्पक्ष रुख का समर्थन किया है.
महंत के पास पीएचडी की डिग्री हैं और वो सामाजिक कार्यकर्ता हैं.
महंत केंद्र भी मंत्री रह चुके हैं. वो तीन बार से लोकसभा सांसद हैं. उनके पिता बिसाहू दास महंत छत्तीसगढ़ के सबसे लंबे समय तक के विधायकों में से एक थे. वो अविभाजित मध्य प्रदेश में कांग्रेस के अध्यक्ष भी थे.
2013 में जब झीरम घाटी में एक नक्सली हमले में पूरा कांग्रेस नेतृत्व मारा गया था तो तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने महंत को राज्य में कांग्रेस अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालने को कहा था. उस हमले में राज्य के तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष नंद कुमार पटेल मारे गए थे.
जहाज का अपहरण, बचाव में उतरी भारतीय नौसेना

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अरब सागर में भारतीय नौसेना का एक निगरानी विमान उस जहाज का पीछा कर रहा है, जिसका अज्ञात हमलावरों ने अपहरण कर लिया है.
भारतीय नौसेना का निगरानी विमान पी-81 सोमालिया की ओर जा रहे इस मर्चेंट शिप पर नजर रखे हुए है.
इसके साथ ही यूरोपियन यूनियन नेवल फोर्स अटलांटा ( पश्चिमी हिंद महासागर में ईयू का मैरीटाइम सिक्योरिटी ऑपरेशन) भी इस ऑपरेशन में शामिल हो गया है.
सबसे पहले भारतीय नौसेना ने माल्टा के झंडे वाले शिप एमवी रुएन को देखा था. इसमें 18 नाविक हैं.
'हिंदुस्तान टाइम्स' में छपी ख़बर के मुताबिक़ भारतीय नौसेना के प्रवक्ता कमांडर विवेक मधवाल ने बताया कि हालात को देखते हुए भारतीय नौसेना ने अपना गश्ती विमान इसकी ओर मोड़ दिया और इस इलाके को अपनी निगरानी में ले लिया.
अदन की खाड़ी का ये इलाके अब भारतीय नौसेना के गश्ती विमान और युद्धपोत की निगरानी में है.
अपहरण के संकेत मिलते ही इस जहाज ने तुरंत यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशन को इसका संदेश भेजा.
14 दिसंबर को इस जहाज का परिचालन करने वाली कंपनी ने कहा कि ऐसा लगता है कि चालक दल का अब इस जहाज पर नियंत्रण नहीं है.
जिन लोगों ने जहाज का अपहरण किया है उनकी पहचान तो नहीं हो सकी है लेकिन माना जा रहा है कि सोमालियाई समुद्री डाकू हो सकते हैं.
थोक सामान ले जाने वाले इस जहाज का संचालन बुल्गारिया की एक कंपनी कर रही है. जहाज पर जो चालक दल है वो बुल्गारिया, अंगोला और म्यांमार का है.

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अमेरिकी संगठन ने बताया 'भारत को खास चिंता' वाला देश
खालिस्तानी समर्थक नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारतीय एजेंट का हाथ होने की पुष्टि भले ही नहीं हुई हो लेकिन धार्मिक स्वतंत्रता पर निगरानी रखने वाली अमेरिकी संस्था यूएस कमीशन फॉर इंटरनेशनल रिलिजस फ्रीडम (यूएससीआईआरएफ) ने बाइडन प्रशासन से भारत को 'खास चिंता' वाले देश की कैटेगरी में रखने को कहा है.
'टाइम्स ऑफ इंडिया' ने लिखा है कि इस साल के लिए पेश की गई रिपोर्ट में कहा गया है, "धार्मिक स्वतंत्रता के गंभीर उल्लंघन" के लिए जिम्मेदार भारतीय सरकारी एजेंसियों और अधिकारियों पर लक्ष्य पर प्रतिबंध लगाया जाए. उन व्यक्तियों की संपत्ति और संयुक्त राज्य अमेरिका में उनके प्रवेश पर रोक लगाई जाए.''
रिपोर्ट के मुताबिक, ''कनाडा में सिख कार्यकर्ता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारत सरकार की कथित संलिप्तता और अमेरिका में गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की साजिश बेहद परेशान करने वाली है और भारत की स्थिति इस मामले में खराब हुई है.''
रिपोर्ट में लिखा है, ''ये अपने देश और विदेश में धार्मिक अल्पसंख्यकों और मानवाधिकार रक्षकों को चुप कराने की कोशिश है.''
कनाडा सरकार ने भारत पर आरोप लगाया था कि उसकी एजेंसियों का निज्जर की हत्या में हाथ रहा है. हालांकि कनाडा सरकार इसे लेकर कोई सबूत पेश नहीं कर पाई है.
वहीं अमेरिका में रह रहे सिख फॉर जस्टिस के नेता गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की साजिश रचने की कोशिश का आरोप भारतीय नागरिक पर लगा है और भारतीय एजेंसियों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं.
भारत सरकार ने इन आरोपों की जांच के लिए एक कमेटी बनाई है. इस मामले में अमेरिका में भारतीय अमेरिकी सांसदों ने भी चिंता जताई है.
'सुशांत सिंह राजपूत की हत्या में ठाकरे जेल जाएंगे'

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दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मैनेजर दिशा सालियान की मौत मामला महाराष्ट्र में राजनीतिक रूप ले रहा है.
मुंबई पुलिस की एसआईटी फिलहाल मामले की जांच कर रही है.
इस बीच भाजपा नेता नारायण राणे ने शनिवार को दावा किया कि दिशा सालियान की मौत के मामले में शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे निश्चित रूप से जेल जाएंगे.
पूर्व केंद्रीय मंत्री नारायण राणे ने कहा है कि सुशांत सिंह और दिशा सालियान दोनों की हत्या की गई है. उन्होंने कहा है कि ये मैं पहले ही कह चुका हैं.
उन्होंने कहा, "जब दोनों की मौत हुई तो उनकी सरकार थी और हत्या कराई गई थी. मैंने उस वक्त भी कहा था कि इसमें एक मंत्री शामिल है."
"पहले कोई जांच नहीं हुई और अब जांच हो रही है. अब सच्चाई सामने आ जाएगी. आदित्य ठाकरे निश्चित रूप से जेल जाएंगे.
'अमर उजाला' ने नारायण का ये बयान छापा है. महाराष्ट्र सरकार के आदेश पर 15 दिसंबर को मुंबई पुलिस ने दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत की जांच के लिए तीन सदस्यीय विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया था.
महाराष्ट्र सरकार ने 12 दिसंबर, 2023 को दिशा सालियान की मौत की एसआईटी जांच के आदेश दिए थे. एसआईटी का गठन एडिशनल कमिश्नर नॉर्थ रीजन के नेतृत्व में किया गया है.
एसआईटी ने लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है. बीते वर्ष दिसंबर में उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा को बताया था कि सालियान की मौत की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया जाएगा.
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