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बर्फीले इलाक़ों में शोध करने वाले वैज्ञानिक क्यों कर रहे हैं पीरियड्स पर बात?
- Author, हैरियल ब्रैडशॉ
- पदनाम, बीबीसी क्लाइमेट एंड साइंस रिपोर्टर
आप किसी ग्लेशियर के बर्फीले माहौल में अपने सहकर्मियों के साथ हों. वहां आपको पता चले कि आपको पीरियड्स आने वाले हैं. ऐसे में आप क्या करेंगी.
आर्कटिक या अंटार्कटिक में फ़ील्डवर्क के दौरान पीरियड्स से निपटना एक चुनौती हो सकती है.
वह भी ऐसे समय जब पीरियड्स के बारे में बात करना टैबू बना हुआ है.
इसी वजह से यह यूके पोलर नेटवर्क (यूकेपीएन) के एजेंडे में है. यूकेपीएन एक स्वयंसेवी संगठन है.
इससे 400 से अधिक युवा वैज्ञानिक जुड़े हुए हैं. यह संगठन इस समस्या से निपटने के लिए वर्कशॉप आयोजित करता है.
पीरियड्स और ध्रुवीय अनुसंधान
एली होनान एक ध्रुवीय वैज्ञानिक हैं.
उम्र के दूसरे दशक में चल रहीं एली यूकेपीएन की उपाध्यक्ष हैं.
वो कहती हैं, ''मेरे कई दोस्त और सहकर्मी मेरे पास आए और कहा, 'हे भगवान, मैं इस बारे में किसी से बात नहीं कर सकते. मैंने बहुत असहज महसूस किया. कई बार मुझे डर भी लगता था.''
वो कहती हैं कि यही वजह है कि हम इन विषयों को सामने लाना चाहते हैं, जिससे वो आसान और बुनियादी बात लगें, ऐसा इसलिए है कि ऐतिहासिक रूप से शौचालय लोगों के फ़ील्डवर्क के क्षेत्र में जाने में बाधा रहा है.
अभी हाल ही में आई एक रिपोर्ट से पता चला है कि ऑस्ट्रेलिया के अंटार्कटिक अनुसंधान शिविरों में काम करने वाली महिलाओं को अपने मासिक धर्म और टैम्पोन को छुपाना पड़ा.
इस रिपोर्ट की लेखक प्रोफेसर मेरेडिथ नैश ने बताया कि उनके इस काम के बाद ध्रुवीय फ़ील्डवर्क के दौरान पीरियड्स और शौचालयों को और सुलभ बनाने के काम में तेजी आई है.
मेंस्ट्रुअल कप और पीरियड पैंट
यूकेपीएन के वर्कशाप में छात्रों को मेंस्ट्रुअल कप से लेकर पीरियड पैंट जैसे उत्पाद दिखाकर उन्हें बताया जाता है कि ख़राब मौसम में उनका इस्तेमाल कैस किया जाए.
ध्रुवों पर शोध करने वालों के लिए मेंस्ट्रुअल कप बहुत लाभदायक हैं. आपको महीनों तक चलाने के लिए बड़ी मात्रा में टैम्पोन ले जाने की जगह केवल एक मेंस्ट्रुअल कप लेकर जाना होता है.
नए लोगों के लिए टैम्पोन बेकार साबित हो सकते हैं, खासकर ऐसे समय में जब आप ग्लेशियर के आधे रास्ते में हैं और आपको टैम्पेन इस्तेमाल करने का तरीका न पता हो.
पीएचडी कर रही 26 साल के फोबे नोबल कहती हैं, "मुझे आश्चर्य है कि क्या लोग फ़ील्डवर्क नहीं करते हैं टैबू की वजह से विज्ञान पर अमल नहीं करते हैं और इन चीजों के बारे में लोग बात नहीं करते हैं. "
वह वायुमंडलीय गतिशीलता पर नजर रखने पर काम कर रही हैं. इतने ऊंचे दर्जे के विज्ञान पर काम के बावजूद शौचालय संबंधी चर्चा पर उनकी प्रतिक्रिया अधिक जमीनी है.
वो कहती हैं, '' जब मैं 13 साल की थी और स्कूल में थी तो मुझे अपना पैड लोगों से छिपाकर बाथरूम में जाना पड़ता था, क्योंकि मैं यह नहीं चाहती थी कि लोगों को यह पता चले कि मुझे पीरियड आ रहे हैं."
"जब आप फ़ील्ड वर्क के लिए जाना चाहते हैं, आपको नहीं पता है कि आपको किस तरह के हालात का सामना करना पड़ेगा, ऐसे में इस तरह की खुली चर्चा वास्तव में बहुत महत्वपूर्ण है.''
सहकर्मियों की गरिमा और निजता
ब्रिटेन की राष्ट्रीय ध्रुवीय शोध संस्था दी ब्रिटिश अंटार्कटिक सर्वे (बीएएस) ध्रुवीय हालात में काम करने के दौरान पीरियड्स से निपटने के लिए सुझाव देने के लिए एक कार्यदल की शुरुआत करने वाला है.
बीएएस रॉश मॉरिश बताते हैं, ''आपको अपने और अन्य जरूरी चीजों की रक्षा करते हुए उन्हें समझना होगा.''
उन्हें याद है कि एक बार एक तंबू में अपने सहकर्मियों और कुत्तों की मौजूदगी में बहुत ही खराब परिस्थितियों में टैम्पोन बदलना पड़ा था.
वह इस बात से खुश थीं कि वो अपनी टीम को अच्छी तरह से जानती थीं. वो कहती हैं कि तैयार रहना और अपने सहकर्मियों को समझना बहुत महत्वपूर्ण है.
बीएएस ने पीरियड उत्पादों के लिए कर्मचारियों को भुगतान करना शुरू किया है.
फ़ील्डवर्क से पहले व्यक्तिगत स्वच्छता, शरीर में पानी की कमी और पेशाब की नली में होने वाले संक्रमण यूटीआई पर चर्चा होती है.
ध्रुवीय अभियानों में महिलाओं की उपलब्धियां
बीएएस की मारिएला जियानकोला बताती हैं ,''कई महिलाओं के लिए बीएएस में करियर बनाना ऐतिहासिक रूप से चुनौतीपूर्ण था, क्योंकि शुरुआती दौर में अंटार्कटिक में अनुसंधान केंद्र में केवल पुरुष तैनात थे."
वो कहती हैं कि अब स्थितियां बदल रही हैं, क्योंकि महिलाएं इंजीनियर से लेकर लैब मैनेजर तक के रूप में काम कर रही हैं.
वो बताती हैं कि उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए अब तक बीएएस की 13 महिलाओं को पोलर मेडल से सम्मानित किया जा चुका है.
जियानकोला कहती हैं, ''मैं ईमानदारी से कह सकती हूं कि हमने बहुत प्रगति की है, लेकिन हमें अभी और आगे बढ़ना है. अभी कई चीजों में सुधार की जरूरत है.''
अभी हाल ही में यूकेपीएन ने अपने सदस्यों से पूछा, "क्या आपको कभी भी क्षेत्र में अभियान पर जाने से पहले मासिक धर्म से निपटने के लिए कोई विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया है.'' इस सवाल का उत्तर देने वाले 135 सदस्यों में से 88 फीसदी ने "नहीं" में उत्तर दिया.
कार्यशाला में किन मुद्दों पर हुई चर्चा
यूकेपीएन की कार्यशाला में शामिल एंड्रू मैकडोनाल्ड पीएचडी कर रहे हैं. वो सलाहों को बड़े गौर सले सुनते हैं. इसमें हर लिंग के लोग शामिल हैं.
मैकडोनाल्ड कहते हैं कि कमरे में पुरुषों और महिलाओं की मौजूदगी में फ़ील्ड में पीरियड्स जैसी चीजों पर चर्चा बहुत उपयोगी रहा. इससे मैं यह समझ सका कि एक पुरुष सहकर्मी अपने टीम की मदद कैसे कर सकता है और अच्छा नेतृत्व दे सकता है.
डेवोन के डार्टमूर में सर्वाइव करने के कौशल पाठ्यक्रम के हिस्से के रूप में पर्सनल हाइजीन पर वर्कशाप आयोजित की जाती है. यह चार साल के कार्यक्रम का पहला कदम है.
इसमें पूरे ब्रिटेन के विश्वविद्यालयों से 16 प्रतिभागियों को चुना गया है.
इन सभी की उम्र 20 साल के आसपास है. इनको ध्रुवीय अभियानों पर ले जाना है.
इन प्रतिभागियों में अधिकतर महिलाएं हैं. इन प्रतिभागियों को उम्मीद है कि इसमें लैंगिक असंतुलन दूर होगा.
21 साल की वर्षीय समुद्री जीवविज्ञानी एमी शेफर्ड कहती हैं, "मैं और अधिक महिलाओं को विज्ञान के क्षेत्र में और आर्कटिक और अंटार्कटिक में जाते हुए देखना बिल्कुल पसंद करूंगी."
एली होनान कहती हैं कि यह जानना कि बाथरूम में कहां जाना है, टैम्पोन कहां बदलना है और दूर-दराज के इलाके में यह सब कैसे करना है, कठिन नहीं होना चाहिए."
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