रोहित शर्मा बोले, मोहम्मद सिराज को रोकने के लिए मेरे पास ट्रेनर से मैसेज आया

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रविवार को कोलंबो में हुए एशिया कप के फ़ाइनल में भारत ने केवल 50 रनों पर श्रीलंका की पूरी टीम को आउट कर दिया.
आर प्रेमदासा स्टेडियम में हो रहे इस मैच में 10 विकेट से श्रीलंका को हराकर भारत आठवीं बार चैंपियन बना.
इस मैच में मोहम्मद सिराज ने अपनी गेंदबाज़ी से सात ओवर में श्रीलंका के कुल छह विकेट झटके. एक और ओवर मिलता तो वो शायद सात विकेट भी ले सकते थे लेकिन ऐसा नहीं हुआ क्योंकि कप्तान रोहित शर्मा ने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया.
मैच के बाद रोहित शर्मा ने संवाददाताओं से बात करते हुए कहा कि उन्हें ऐसा करने के लिए ट्रेनर्स ने कहा था.
क्या थी वजह?
मोहम्मद सिराज ने जैसे ही अपना छठा ओवर ख़त्म किया कप्तान रोहित शर्मा थर्डमैन पर उनके पास गए और उनसे बात की.
सिराज और गेंदबाज़ी करना चाहते थे लेकिन इस बातचीत के बाद सिराज को एक और ओवर गेंद फेंकने को नहीं मिला.
वो छह विकेट ले चुके थे और अपना सातवां विकेट लेते-लेते रह गए. अगर वो सात विकेट ले लेते तो स्टुअर्ट बिन्नी के रिकॉर्ड का तोड़ कर एकदिवसीय मैच में सबसे अधिक विकेट लेनेवाले खिलाड़ी बन जाते.
2014 में मीरपुर में बांग्लादेश के ख़िलाफ़ खेलते हुए बिन्नी ने 4 ओवर 4 गेंदों में छह विकेट झटके थे.
बाद में मैच के बाद हुए संवाददाता सम्मेलन में कप्तान रोहित शर्मा ने इसकी वजह बताई और कहा कि उन्हें मोहम्मद सिराज को रोकने के लिए कहा गया था.
उन्होंने कहा "उन्होंने 7 ओवर फेंके और मैं चाहता था कि उन्हें और भी ओवर दिए जाएं लेकिन मुझे अपने ट्रेनर्स से मैसेज मिला कि उन्हें अभी रोका जाना चाहिए."
अपने इस क़दम के बारे में उन्होंने बेहद संयमित तरीके से कहा, "सिराज ख़ुद गेंदबाज़ी को लेकर उत्साहित थे, वो और गेंद फेंकना चाहते थे. लेकिन ये किसी भी गेंदबाज़ या बल्लेबाज़ का स्वभाव होता है कि जब भी मौक़ा दिखता है वो उसका और फ़ायदा उठाना चाहते हैं. लेकिन इसी जगह पर मेरी भूमिका आती है, मुझे सब चीज़ें नियंत्रण में रखनी होती हैं ताकि कोई भी खिलाड़ी खुद पर ज़रूरत से ज़्यादा दबाव न बनाए और अधिक न थके."
"मुझे याद है त्रिवेन्द्रम में जब हम श्रीलंका के ख़िलाफ़ खेल रहे थे, उस वक़्त भी स्थिति इसी तरह थी. उन्होंने चार विकेट लिए थे और 8-9 ओवर गेंदें फेंकी थी. लेकिन मुझे लगता है कि 7 ओवर भी सही ही हैं."
श्रीलंका के साथ हुए मैच में गेंदबाज़ी को लेकर रोहित शर्मा ने कहा, "मैच में भारत की तरफ़ से तीन गेंदबाज़ों ने बोलिंग की और सिराज को बाक़ी दो के मुक़ाबले गेंदबाज़ी का थोड़ा अधिक मौक़ा मिला. रविवार का दिन सिराज का था. वो उस दिन के हीरो थे."

रोहित शर्मा ने और क्या-क्या कहा?
संवाददाता सम्मेलन में रोहित शर्मा, "खेल में अलग-अलग वक़्त हमें अलग-अलग चुनौतियां मिलीं और हमने एक टीम के तौर पर उनका सामना किया."
मोहम्मद सिराज की गेंदबाज़ी के सवाल पर उन्होंने कहा, "मुझे काफ़ी राहत मिलती है, जब मैं किसी गेंदबाज़ को ऐसे गेंदबाज़ी करते देखता हूं. मेरे पहले जितने खिलाड़ी खेले, जिन्होंने कप्तानी की मुझे लगता है कि फास्ट बोलर्स ऐसी चीज़ हैं, जिसे लेकर कप्तान ख़ुद को गर्वित अनुभव करते हैं."
"हमारी टीम में पाँच फास्ट बोलर्स हैं और सभी में अलग-अलग क़ाबिलियत हैं, इसलिए कप्तान के तौर पर मुझे टीम में बहुत भरोसा मिलता है. हमारी कोशिश थी कि हमारे बोलिंग अटैक में जो होंगे वो थोड़ी वैराइटी लेकर आएं और मौजूदा टीम की बात करें तो हमारे पास वैराइटी थी."
कुलदीप यादव के बारे में उन्होंने कहा, "बीते देढ़ साल में वो लगातार बेहतर होते गए हैं, अपनी गेंदबाज़ी से उन्होंने मैचों में उस वक़्त योगदान दिया जब टीम को ज़रूरत थी. उनका होना टीम के लिए अच्छी बात है."

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सिराज की गेंदबाज़ी
मोहम्मद सिराज ने महज 16 गेंदों में पांच श्रीलंकाई बल्लेबाज़ों को पविलियन भेजा. इस दौरान सिराज ने एक ओवर में चार विकेट भी झटके. वहीं जसप्रीत बुमराह ने एक और हार्दिक पांड्या ने भी तीन विकेट झटके.
मोहम्मद सिराज ने पथुम निसांका, सदीरा, चरिथ असलंका, धनंजय डी सिल्वा, दासुन शनाका और कुसल मेंडिस का विकेट लिया.
उन्हें 7 ओवर में 6 विकेट लेने के लिए प्लेयर ऑफ़ द मैच का ख़िताब दिया गया.

मोहम्मद सिराज कौन हैं?
साल 1994 में जन्मे सिराज के पिता मोहम्मद गौस ऑटो चालक थे. परिवार की आमदनी सीमित थी इसलिए सिराज को कभी किसी क्रिकेट अकादमी में जाने का मौका नहीं मिला.
उन्होंने टेनिस गेंद से लगातार गेंदबाज़ी करके क्रिकेट का ककहरा सीखा. हालांकि शुरू में उनकी ज़्यादा दिलचस्पी बल्लेबाज़ी में थी.
साल 2015 में हैदराबाद की रणजी टीम में वो जगह बनाने में कामयाब हो गए. पहले ही सीजन में उन्होंने अपनी शानदार गेंदबाज़ी से सबका ध्यान अपनी ओर खींचा.
साल 2017 उनके करियर का टर्निंग प्वाइंट था. 2017 की आईपीएल नीलामी के दौरान हैदराबाद सनराइजर्स और रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के बीच उनको अपनी टीम में शामिल करने की होड़ लग गई.
नतीजा ये रहा कि उन्हें उनकी बेस प्राइस से 13 गुना ज़्यादा की क़ीमत मिली. उनका बेस प्राइस 20 लाख रुपये था.
सनराइजर्स हैदराबाद ने उन्हें 2.6 करोड़ रुपये में ख़रीदा था.
इसके बाद उन्हें न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ टी-20 टीम में मौका मिल गया. फिर 2019 में ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ उन्होंने अपना वनडे डेब्यू किया और अगले साल 2020 में ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ ही टेस्ट डेब्यू किया.
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