उत्तराखंड: उत्तरकाशी में हिंदू लड़की को अग़वा करने की कोशिश के बाद मुसलमानों के ख़िलाफ़ अभियान – प्रेस रिव्यू

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दिल्ली से छपने वाले अधिकतर अख़बारों में आज मणिपुर में एंबुलेंस जलाने की घटना और बालासोर रेल हादसे के कारणों की सीबीआई जांच को पहले पन्ने पर जगह दी गई है.
इसके अलावा उत्तराखंड में एक नाबालिग़ लड़की को अगवा करने की कोशिश के बाद वहां बढ़े सांप्रदायिक तनाव की ख़बर, देशभर के सभी ज़िले के स्कूलों से कुछ बच्चों के लिए वडनगर में मोदी के स्कूल में पढ़ने का मौक़ा देने की ख़बर और भारतीय गणतंत्र पर व्हाइट हाउस के बयान को भी अख़बारों ने प्रमुखता से छापा है.
इसके अलावा दिल्ली में एक बंद बक्से में दो बच्चों के शव मिलने की घटना को भी कई अख़बारों ने जगह दी है. आज के प्रेस रिव्यू की शुरूआत करते हैं उत्तराखंड की ख़बर से.
द हिंदू में छपी एक ख़बर के अनुसार उत्तराखंड के उत्तरकाशी ज़िले में एक नाबालिग़ लड़की को अगवा करने की कोशिश की ख़बर के बाद इलाक़े में तनाव है और पुलिस स्थिति पर काबू पाने की कोशिश कर रही है.
अख़बार के अनुसार कथित तौर पर 26 मई को हुई इस घटना में एक हिंदू और एक मुसलमान युवक शामिल हैं. इस मामले में लड़की के परिवार की शिकायत के आधार पर पोक्सो के तहत एफ़आईआर दर्ज की गई है जिसके बाद दोनों युवकों को गिरफ्तार कर लिया गया है.
हालांकि मामला इतने पर ख़त्म नहीं हुआ है. देवभूमि रक्षा अभियान नाम के एक स्थानीय दक्षिणपंथी संगठन ने कथित तौर पर पूरे ज़िले में पोस्टर लगाए जिसमें इस इलाक़े में रह रहे मुसलमानों को शहर छोड़ कर जाने को कहा गया.
वहीं हिंदुस्तान अख़बार लिखता है कि 26 मई को मुस्लिम समुदाय के एक व्यक्ति समेत दो लोगों के एक नाबालिग़ लड़की को अगवा करने की कोशिश और उसे भगाकर ले जाने की कोशिश करते हुए पकड़ा गया था जिसके बाद इलाक़े में तनाव बढ़ गया.
संगठन के संस्थापक दर्शन भारती के हवाले से द हिंदू लिखता है कि संगठन इस मामले पर 15 जून को महापंचायत करेगा.
अख़बार लिखता है कि उन्होंने पूरे जिले में पोस्टर लगाने की बात से इनकार किया है. हालांकि उन्होंने कहा, "मैं पूरे इलाक़े में लोगों से मुलाक़ात कर रहा हूं और उनसे अपील कर रहा हूं कि मुसलमान समुदाय के लोगों को घर और दुकान किराए पर न दें. इनमें से 50 फ़ीसदी लोग मुझसे सहमत हैं."
कुछ दिन पहले एक मुसलमान युवक के साथ बीजेपी नेता यशपाल रावत की बेटी की शादी के मामले को लेकर भी इसी संगठन ने राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन किए थे जिसके बाद बीजेपी नेता को ये शादी रोकनी पड़ी थी.
अख़बार लिखता है कि ये प्रदर्शन पुरोला चौक से शुरू हुए जहां ये घटना हुई थी, जिसके बाद ये दूसरे इलाक़ों में फैल गए. इसके बाद कथित तौर पर मुसलमानों को अपनी दुकानों को बंद रखने को बाध्य होना पड़ा. कुछ अनजान लोगों ने मुसलमानों की दुकानों के सामने क्रॉस के निशान भी बनाए और साथ ही उन्हें बॉयकॉट करने के समर्थन में प्रदर्शन आयोजित किए गए.
मामले की संनवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने जिले में अलर्ट जारी कर दिया है. एडीजी (क़ानून व्यवस्था) वी. मुरुगेशन के अनुसार स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है, लेकिन महापंचायत को लेकर आख़िरी फ़ैसला जिला प्रशासन करेगा.

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बृजभूषण के घर पहुंची दिल्ली पुलिस
मंगलवार को दिल्ली पुलिस ने बताया कि पुलिस ने रेसलिंग फ़ेडेरेशन ऑफ़ इंडिया के प्रमुख और बीजेपी नेता बृजभूषण शरण सिंह पर लगे आरोपों के सिलसिले में गोंडा, उत्तर प्रदेश स्थित उनके घर पर जाकर पूछताछ की है.
अख़बार इंडियन एक्सप्रेस में छपी ख़बर के अनुसार शनिवार को पुलिस की एक टीम गोंडा में उनके घर गई और "उनके क़रीबी लोगों" और कर्मचारियों से पूछताछ की.
उस दौरान उनके साथ सालों से काम कर रहे उनके ड्राइवर समेत क़रीब 10-12 लोगों के बयान दर्ज किए गए हैं. पुलिस ने अब तक ये स्पष्ट नहीं किया है कि जिन लोगों से पूछताछ की गई है उनमें बृजभूषण सिंह के परिजन शामिल थे या नहीं.
अख़बार लिखता है कि पुलिस ने बताया है कि बृजभूषण सिंह पर पहलवानों ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है, जिससे बृजभूषण सिंह ने इनकार किया है. इसी के मद्देनज़र पुलिस ने अपनी पूछताछ में कुछ ख़ास दिनों पर बृजभूषण की हरकतों, काम और फ़ोन कॉल के बारे में जानकारी हासिल की.
पुलिस का कहना है कि उन्हें मिली जानकारी बृजभूषण के बयान से अधिक "मेल खाती है" जो बीते महीने दर्ज किया गया था.
मणिपुर में मां-बच्चे को ज़िन्दा जलाया गया
द हिंदू अख़बार में छपी एक ख़बर के अनुसार मणिपुर में हिंसा नहीं रुकने के बाद मंगलवार को केंद्र सरकार ने बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स के एक हज़ार जवानों को वहां एयरलिफ्ट कराया है.
अख़बार लिखता है कि 3 मई को मणिपुर में कुकी और मैतेई समुदायों के बीच शुरू हुई हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही जिसके मद्देनज़र अब तक 20 हज़ार से अधिक सुरक्षाकर्मियों को वहां तैनात किया गया है. अब तक इस हिंसा में सौ से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है.
द टेलीग्राफ़ में छपी एक ख़बर के अनुसार इम्फाल के बाहरी इलाक़े में पुलिस की सुरक्षा में जा रही एक एंबुलेंस पर हमला हुआ जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई.
अख़बार लिखता है कि ये घटना रविवार को उस वक्त हुई जब गोली लगने के बाद मरीज़ को इलाज के लिए अस्पताल जा रही एंबुलेंस में क़रीब 2000 लोगों की एक भीड़ ने हमला किया. ये लोग मैतेई समुदाय के बताए जा रहे हैं.
भीड़ ने एंबुलेंस को आग के हवाले कर दिया जिस कारण उसमें मौजूद सात साल के बच्चे, उनकी मां (मैतेई ईसाई जिनकी शादी एक कुकी व्यक्ति से हुई थी) और उनके एक रिश्तेदार (मैतेई ईसाई) की मौत हो गई.
द हिंदू के अनुसार ये परिवार कुकी लोगों के लिए बने असम राइफ़ल्स के राहत शिविर में रह रहा था जिस पर हिंसक भीड़ ने हमला किया था. इस हमले में बच्चा घायल हो गया था जिसे लेकर एंबुलेंस इम्फाल में मौजूद रीजनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइन्सेंस लेकर जा रही थी.
द टेलीग्राफ़ लिखता है कि मणिपुर में हिंदू बहुसंख्यक मैतेई समुदाय और अल्पसंख्यक कुकी ईसाई समुदाय के लोगों के बीच बीते महीने की तीन तारीख से तनाव बढ़ गया था, जिसके बाद दोनों के बीच हिंसा की कई घटनाएं हुईं थीं.
इस कारण क़रीब 35 हज़ार लोग विस्थापित हुए हैं. इसी हिंसा के दौरान इस परिवार ने राहत शिविर में पनाह ली थी.
बक्से के भीतर दो बच्चों के शव मिले
हिन्दुस्तान टाइम्स में छपी एक और ख़बर के अनुसार राजधानी दिल्ली के जामिया नगर इलाक़े में लकड़ी के एक बक्से में दो बच्चों को मृत पाया गया है.
पुलिस का कहना है कि यहां के बटला हाउस इलाक़े में हुई ये घटना खेल के दौरान घटी हो सकती है. 6 और 8 साल के इन दोनों बच्चों के शरीर पर किसी तरह के निशान नहीं है.
अख़बार के अनुसार पुलिस ने कहा है कि हो सकता है कि दोनों बच्चे खेल के दौरान बक्से में छिप गए हों, जो लॉक हो गया हो जिस कारण ऑक्सीजन की कमी से दोनों की मौत हो गई.

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भारत एक जीवंत लोकतंत्र
अख़बार टाइम्स ऑफ़ इंडिया में छपी एक ख़बर के अनुसार अमेरिकी व्हाइट हाउस ने कहा है कि भारत एक जीवंत लोकतंत्र है जिसके वहां जाने वाला कोई भी व्यक्ति खुद महसूस कर सकता है.
इस महीने के आख़िर में भारतीय पीएम नरेंद्र मोदी अमेरिका दौरे पर जाने वाले हैं. उनके दौरे से ठीक पहले व्हाइट हाउस के रणनीतिक संचार मामलों के समन्वयक जॉन किर्बी ने देश के लोकतंत्र की स्थिति पर चिंताओं को खारिज करते हुए कहा है कि अमेरिका भारत के साथ "गहरी और मज़बूत दोस्ती और सहयोग" की उम्मीद करता है.
प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि आने वाले दौरे में इस पर चर्चा हो सकती है. उन्होंने कहा, "आप दोस्तों के साथ ही ऐसा कर सकते हैं, दुनिया में किसी को लेकर अगर आपकी चिंताएं हैं तो आप अपने दोस्तों के सामने इन पर बात कर सकते हैं. लेकिन आगामी दौरा दोनों देशों के बीच दोस्ती और सहयोग आगे बढ़ाने के लिए है."
पीएम का विद्यालय 'बच्चों के लिए प्रेरणा केंद्र'
अख़बार जनसत्ता में छपी एक ख़बर के अनुसार गुजरात के वडनगर स्थित उस विद्यालय की मरम्मत कर उसे फिर से दुरुस्त किया गया है जहां प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा ली थी.
अख़बार लिखता है कि इसका 'प्रेरणा योजना' के तहत इस विद्यालय का जीर्णोद्धार भारतीय पुरात्तव सर्वेक्षण (एएसआई) ने एक पुरानी स्थापत्य शैली में किया है. इसका उद्देश्य ये है कि ये विद्यालय बच्चों के लिए एक प्रेरणा केंद्र की तरह काम करे.
एक सूत्र के हवाले से अख़बार लिखता है कि ये कार्यक्रम इस साल के आख़िर में शुरू होगा और इसके तहत देश के हर जिले से दो बच्चों को इस विद्यालय में शिक्षा दी जाएगी. इसके लिए 15 जिलों से 30 बच्चों के समूह बनाए जाएंगे और देश के 750 जिलों के बच्चे इसमें शामिल होंगे.
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