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नवाज़ शरीफ़ ने क्यों कहा- भारत चांद पर और हम देश-देश जाकर डॉलर मांग रहे हैं
पाकिस्तान छोड़कर लंदन में रह रहे पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ ने कहा है कि आज उनका देश दुनिया से डॉलर मांग रहा है और भारत चांद पर पहुंच चुका है.
शरीफ़ ने पाकिस्तान की बिगड़ी माली हालत के लिए पूर्व सैन्य जनरलों और जजों को कसूरवार बताया. नवाज़ शरीफ़ ने पाकिस्तान की बदहाली को रेखांकित करते हुए ये भी कहा कि भारत में अब जी-20 की बैठकें हो रही हैं.
पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पिछले कई सालों से तेज़ी से नीचे जा रही है, जिससे महंगाई बढ़ी है और अब मुल्क़ की गरीब जनता पर दबाव आ गया है.
नवाज़ शरीफ़ ने लंदन से वीडियो लिंक के ज़रिए लाहौर में हो रही पार्टी की बैठक को संबोधित करते हुए कहा, "आज पाकिस्तान के प्रधानमंत्री पैसे मांगने के लिए एक देश से दूसरे देश जा रहे हैं, जबकि भारत चांद पर पहुंच गया है और जी-20 की बैठकें कर रहा है."
नवाज़ शरीफ़ ने ये भी सवाल किया कि जो मुकाम भारत ने हासिल किया है वो पाकिस्तान क्यों नहीं कर सकता. इसके लिए कौन ज़िम्मेदार है?
पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज़) के नेता नवाज़ शरीफ़ लगभग चार साल बाद अगले महीने 21 अक्टूबर को पाकिस्तान वापस जाएंगे.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार 73 वर्षीय नवाज़ शरीफ़ ने ये भी दावा किया कि उन्होंने वर्ष 1990 में अपनी सरकार के दौरान जो आर्थिक सुधार अपनाए बाद में भारत उसी पर चला.
उन्होंने कहा, "जब अटल बिहारी वाजपेयी भारत के प्रधानमंत्री बने, तब उनके खजाने में सिर्फ़ एक अरब डॉलर भी नहीं था, लेकिन अब भारत के पास विदेशी मुद्रा बढ़कर 600 अरब डॉलर तक पहुंच गया है और हम अब भी मुल्क-मुल्क जाकर मांग रहे हैं."
इसी साल जुलाई महीने में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने आर्थिक तंगी से जूझते पाकिस्तान को 1.2 अरब अमेरिकी डॉलर की सहायता दी थी. ये नौ महीने तक के लिए चलने वाले उस बेलआउट पैकेज का हिस्सा है, जिसे पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को स्थिर करने के मकसद से मंजूरी दी गई है.
नवाज़ शरीफ़ का ये वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी शेयर किया जा रहा है.
एक वीडियो में नवाज़ शरीफ़ कहते हैं, "2017 वाला पाकिस्तान याद करो और आज का पाकिस्तान देखो, आज हिंदुस्तान चांद पर चला गया है. जी-20 की मीटिंग्स वहां होती हैं. ये तो सबकुछ हमें करना चाहिए. ये तो हमारी तकदीर में होना चाहिए था, हम ये करते. 1990 में जब मैं पहली बार प्रधानमंत्री बना तो हिंदुस्तान ने पाकिस्तान के आर्थिक सुधारों को कॉपी किया और अपने मुल्क़ को देखें आज कहां ले गए हैं."
नवाज़ शरीफ़ ने पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति पर नाराज़गी ज़ाहिर करते हुए सवाल किया, "क्या इज़्ज़त है हमारी आज? चीन से हम मांगते हैं, अरब मुल्कों से भी हम मांगते हैं. हमारे पीएम जाकर मजबूर होते हैं मांगने के लिए. ये अपने मुल्क के साथ कर क्या दिया आपने? और जिन्होंने ये किया है वो पाकिस्तान के सबसे बड़े मुजरिम हैं."
भारत ने बीते महीने ही चांद के दक्षिणी ध्रुव पर अपने चंद्रयान-3 अभियान को सफलतापूर्वक भेजा था. दक्षिणी ध्रुव पर लैंड करने वाला भारत पहला देश है.
अगले महीने पाकिस्तान लौटेंगे नवाज़ शरीफ़
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ के 2017 में चुनाव लड़ने के लिए आजीवन अयोग्य क़रार दिए जाने के बाद से लंदन में रह रहे हैं. उनके बार-बार पाकिस्तान लौटने की अटकलें लगती रही हैं लेकिन वो अब तक स्वदेश नहीं लौटे हैं.
हालांकि, कुछ दिन पहले ही लंदन में मीडिया के प्रतिनिधियों से बात करते हुए उनके भाई और निवर्तमान प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ का कहना था कि 21 अक्टूबर को पूरा पाकिस्तान लाहौर में नवाज़ शरीफ़ का स्वागत करेगा.
पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज़) के नेता और पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ भ्रष्टाचार के मामले में सात साल की सज़ा के बीच इलाज के लिए वर्ष 2019 में ब्रिटेन चले गए थे.
फिर वह पनामा लीक्स में नाम आने पर अदालत की ओर से दी गई चार सप्ताह की अवधि में वापस नहीं आए जिसके बाद उनकी गिरफ़्तारी का वारंट जारी कर दिया गया था जिसमें उन्हें ज़मानत भी नहीं मिलनी थी.
अब उन्होंने लगभग चार साल के स्व-निर्वासन के बाद पाकिस्तान वापस आने की घोषणा की है.
पीएमएल-एन का कहना है कि नवाज़ शरीफ़ के अगले महीने लाहौर आने से पहले उनके लिए अंतरिम ज़मानत ले ली जाएगी. पार्टी ने नवाज़ शरीफ़ के भव्य स्वागत की तैयारी की है.
नवाज़ शरीफ़ अपने वीडियो में सेना और न्यायपालिका पर नाराज़गी ज़ाहिर करते भी दिखते हैं. नवाज़ शरीफ़ अपनी प्रधानमंत्री की कुर्सी जाने के पीछे सेना और न्यायपालिका को ही ज़िम्मेदार ठहराते रहे हैं.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार नवाज़ शरीफ़ ने अपने भावुक संबोधन में कहा कि उन्हें चार जजों ने मिलकर पीएम की कुर्सी से हटाया.
उन्होंने दावा किया कि इसमें तत्कालीन सेना प्रमुख जनरल क़मर जावेद बाजवा और उस समय इंटर सर्विस इंटेलिजेंस (आईएसआई) प्रमुख रहे जनरल फ़ैज़ हामिद का भी हाथ था.
नवाज़ शरीफ़ ने कहा, "(पूर्व) चीफ़ जस्टिस साक़िब निसार और आसिफ़ सईद खोसा पूर्व सेना प्रमुख और उनके जासूसी विभाग के प्रमुख के टूल थे. इनका अपराध किसी कत्ल से भी बढ़कर है. इन लोगों को माफ़ी देना मुल्क़ के साथ अन्याय करने जैसा है. ये लोग माफ़ी के काबिल नहीं है."
पूर्व पीएम ने ये वादा किया कि "ये लोग, जिन्होंने पाकिस्तान की जनता को आर्थिक बदहाली में धकेला है, उनकी जवाबदेही तय की जाएगी."
नवाज़ शरीफ़ ने ये भी कहा कि उनकी पार्टी आगामी आम चुनाव में जीतेगी.
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