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ग़ज़ा में कितनी तबाही मचाई गई है, देखें पहले और बाद की तस्वीरों में
- Author, डोमिनिक बेले, एरवान रिवॉल्ट और डेनियेल पालुम्बो
- पदनाम, बीबीसी विज़ुअल जर्नलिज़्म और बीबीसी वेरिफ़ाई
बीबीसी की ओर से जुटाई गई नई सैटेलाइट तस्वीरों से उत्तरी ग़ज़ा में बड़े पैमाने पर हुई तबाही का पता चलता है. ये तस्वीरें इसराइल और हमास के बीच अस्थायी युद्ध विराम के पहले की हैं.
हफ़्तों तक चले इसराइली हवाई हमलों और ज़मीनी सैन्य अभियान के बाद दोनों पक्षों में युद्ध विराम होने के ठीक पहले पिछले हफ़्ते गुरुवार को ये तस्वीरें ली गई थीं.
सैटेलाइट डेटा का विश्लेषण समूचे ग़ज़ा में हुई तबाही की तस्वीर मुहैया कराता है.
ड्रोन फुटेज और सत्यापित वीडियो भी मलबे में तब्दील हो चुकी इमारतों और पूरे के पूरे इलाक़े को दिखाते हैं.
हालांकि, इसराइली ज़मीनी अभियान उत्तरी ग़ज़ा में केंद्रित रहा है और यहाँ सबसे अधिक तबाही हुई है, लेकिन व्यापक नुक़सान का दायरा पूरी ग़ज़ा पट्टी में फैला है.
सैटेलाइट डेटा में उत्तरी ग़ज़ा के नुकसान का आकलन
इसराइल का कहना है कि सबसे बड़े शहरी इलाक़े ग़ज़ा सिटी समेत पूरा उत्तरी ग़ज़ा, हमास की गतिविधियों का प्रमुख केंद्र था. सात अक्टूबर को इसराइल पर हमले के पीछे हमास ही था.
इसराइल के अनुसार, उसकी हवाई बमबारी ने सफलतापूर्वक हमास के कमांडरों और इसके लड़ाकों को निशाना बनाया है. इसराइल का आरोप है कि हमास ने नागरिक इलाकों में ख़ुद को छिपा रखा था.
सैटेलाइट डेटा के विश्लेषण से पता चलता है कि पूरी ग़ज़ा पट्टी में लगभग 98,000 इमारतों को नुक़सान हुआ हो सकता है, जिनमें से अधिकांश उत्तर में स्थित हैं, जैसा कि ऊपर मैप में दिखाया गया है.
डाटा का विश्लेषण न्यूयॉर्क सिटी यूनिवर्सिटी के ग्रैजुएट सेंटर के कोरे शर और ओरेगन स्टेट यूनिवर्सिटी के जैमोन वान डेन होएक ने किया है.
यह दो अलग-अलग तस्वीरों की तुलना पर आधारित है, जिससे इमारतों की ऊंचाई या संरचना में बदलाव का पता चलता है और इससे नुक़सान के बारे में जानकारी मिलती है.
हमने बड़े पैमाने पर हुए नुक़सान वाले कई इलाक़ों की सैटेलाइट तस्वीरों का विश्लेषण किया है.
पहली बमबारी से प्रभावित उत्तर पूर्वी इलाक़ा
ग़ज़ा पट्टी के उत्तर और उत्तर पूर्व में स्थित बेत लाहिया और बेत हानून के शहर वो इलाके हैं, जो सात अक्टूबर के हमास के हमले के बाद शुरुआती इसराइली हवाई हमलों के निशाने पर रहे.
इसराइल डिफ़ेंस फ़ोर्सेस (आईडीएफ़) का आरोप है कि ये इलाक़े हमास के छिपने की जगह थे.
बेत लाहिया के हिस्से, जो इसराइली सीमा तक ऑलिव (जैतून) के पेड़ों और रेत के टीलों की शृंखला के रूप में फैले हैं, पूरी तरह ज़मींदोज़ हो गए हैं.
नीचे की सैटेलाइट तस्वीर में बेत लाहिया का उत्तरी पूर्वी इलाक़ा दिखता है, जहां बड़ी संख्या में इमारतों के ब्लॉक अब समतल हो चुके हैं.
ऐसा लगता है कि मलबे के बीच बुलडोज़र से रास्ता बनाया गया है और इसराइली सेना ने इलाक़े खाली करा लिए हैं और आस पास के मैदानों में रक्षात्मक ठिकाने बना लिए हैं.
इसके पड़ोस में अपेक्षाकृत छोटे शहर बेत हानून पर भी आईडीएफ़ ने हमला किया, जो कि सीमा से महज 1.6 किलोमीटर दूर है. इसराइली सेना ने कहा कि पहले दिन के हवाई हमलों में उसने इस इलाक़े में 120 जगहों को निशाना बनाया.
ऊपर दी गई तस्वीरों में दिखाई देता है कि गगनचुंबी इमारतों की पूरी शृंखला और एक मस्जिद 14 अक्टूबर और 22 नवम्बर के बीच मलबे में तब्दील हो गई.
पांच सितारा होटल क्षतिग्रस्त, पड़ोस का इलाक़ा समतल
हफ़्तों तक ग़ज़ा पर हवाई हमले के बाद इसराइल ने ज़मीनी अभियान शुरू किया था. टैंक और बुलडोज़र उन इलाकों में गए, जहां भारी बमबारी की गई थी. इसराइली सेना ग़ज़ा सिटी में शाती रेफ़्यूजी कैंप की ओर समुद्र तट के साथ-साथ आगे बढ़ी.
जैसा कि नीचे की तस्वीर में दिखता है, यहां कभी रिहाइशी इलाक़ा हुआ करता था. समुद्र तट की ओर बनी कुछ इमारतें, जहां ग़ज़ा का पहला फ़ाइव स्टार होटल, अल-मश्तल, कुछ झोपड़ियां और रेस्तरां आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हैं.
दक्षिणी ग़ज़ा में नुकसान का सैटेलाइट विश्लेषण
हवाई हमले शुरू होने के एक सप्ताह बाद इसराइली सेना ने उत्तरी ग़ज़ा में रहने वाले फ़लस्तीनी लोगों को अपनी सुरक्षा के लिए वादी ग़ज़ा नदी के दक्षिण की ओर जाने की चेतावनी जारी की थी.
चेतावनी देने और हज़ारों की संख्या में लोगों के ग़ज़ा सिटी छोड़ कर जाने के बावजूद दक्षिणी ग़ज़ा को निशाना बनाया गया.
नुकसान और इसराइली आदेश ने 10 लाख लोगों को दक्षिणी ग़ज़ा सिटी की ओर धकेला
दक्षिणी ग़ज़ा में ख़ान यूनिस में लाखों लोग टेंटों और बमबारी से ध्वस्त इमारतों में पनाह लिए हुए हैं.
हालांकि, उत्तर के मुकाबले उतना नुकसान नहीं है, लेकिन कोरे शर और जैमोन वान डेन होएक के विश्लेषण के अनुसार, यहां 15% इमारतें ध्वस्त हुई हो सकती हैं.
युद्ध विराम के चलते हवाई हमले में आए विराम ने लोगों को बाज़ार तक जाने के लिए प्रोत्साहित किया है.
नीचे की तस्वीर में शहर की विशाल मस्जिद की ध्वस्त इमारत को देखा जा सकता है.
इसराइल ने एक लंबी लड़ाई की तैयारी की है
उत्तर से आबादी को दक्षिण की ओर धकेलने के साथ ही इसराइली सेना ने ग़ज़ा पट्टी के पश्चिम की ओर से काट दिया है और दक्षिण से भी ग़ज़ा सिटी को अलग थलग कर दिया है.
ग़ज़ा सिटी के दक्षिण से ली गई नीचे की तस्वीर में हम देख सकते हैं कि आईडीएफ़ ने भारी मशीनों से इस इलाक़े को खाली करा दिया है, जोकि सघन आबादी वाला इलाका हुआ करता था. साथ ही मध्यपूर्व सागर के पश्चिमी तट की ओर सड़क जाती सड़क भी दिखती है.
आप दर्जनों सैन्य गाड़ियां भी देख सकते हैं, जिनमें टैंक भी हैं और ये एक किलेनुमा जगह में इकट्ठा हैं.
सैटेलाइट तस्वीरों में अल-अज़हर यूनिवर्सिटी के पास स्टार ऑफ़ डेविड के साथ एक खुली चौकोर जगह देख सकते हैं, जहां गाड़ियों के आने जाने के रास्ते हैं.
युद्ध के पहले ऑनलाइन तस्वीरों में दिखता है कि बच्चे यहां खेलते थे, जिससे ये भी पता चलता है कि यह एक पार्क था. लेकिन आईडीएफ़ प्रवक्ता डैनियल हगारी ने कहा कि इस मैदान का इस्तेमाल हमास अपने बेस के करीब परेड स्क्वायर के रूप में करता था. इस इलाक़े पर आईडीएफ़ की गैलोनी ब्रिगेड ने क़ब्जा किया है.
स्टार ऑफ़ डेविड को यहूदी और इसराइली प्रतीक के रूप में इस्तेमाल किया जाता है- इसे युद्ध शुरू होने के बाद मारे गए इसराइली सैनिकों की याद में एक समारोह के दौरान बख़्तरबंद गाड़ियों से बनाया गया था. इसे हगारी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर साझा किया है.
थॉमस स्पेंसर, जेक हार्टन, एलेक्स मुरे, शायान और जेमिमा हर्ड की अतिरिक्त रिपोर्टिंग
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