अमेरिकी स्टेट विज़िट क्या होती है जिस पर पीएम मोदी पहली बार जा रहे हैं

पीएम मोदी अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के साथ

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भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगामी 20 जून को अपने चार दिवसीय दौरे पर अमेरिका जा रहे हैं जहां वह अमेरिकी संसद को संबोधित करेंगे.

ये पहला मौका नहीं है जब पीएम नरेंद्र मोदी अमेरिका जा रहे हों. इससे पहले कई मौकों पर वह अमेरिका जा चुके हैं.

लेकिन ये पीएम मोदी की पहली स्टेट विज़िट है जिसका निमंत्रण सीधे अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन की ओर से आया है. जून की 21 से 24 तारीख तक चलने वाले इस दौरे पर जो बाइडन ही मोदी की मेज़बानी करेंगे.

लेकिन ऑफिशियल स्टेट विज़िट यानी राजकीय यात्रा का मतलब क्या होता है और दूसरे दौरों की तुलना में इसकी अहमियत अधिक क्यों मानी जाती है.

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ऑफिशियल स्टेट विज़िट क्या होती है?

मोदी का अमेरिका दौरा

विदेशी ज़मीन पर होने वाली ऑफिशियल स्टेट विज़िट की पहल किसी भी देश के प्रमुख यानी हेड ऑफ स्टेट के ज़रिए ही की जाती है.

इसे किसी व्यक्ति या नेता के दौरे की बजाय एक देश के दौरे के तौर पर बयां किया जाता है.

अमेरिका में होने वाली ऑफिशियल स्टेट विज़िट हमेशा अमेरिकी राष्ट्रपति के न्योते पर ही आयोजित होती है.

जैसा कि इस बार अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को यह न्योता भेजा है.

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आमतौर पर इसमें मेज़बान देश की तरफ़ से मेहमान राष्ट्र प्रमुख का आधिकारिक तरीके से स्वागत होता है.

उन्हें आधिकारिक तौर पर खाने का न्योता भी दिया जाता है.

अगर अमेरिका में पीएम मोदी के ऑफिशियल स्टेट विज़िट में होने वाले प्रोग्राम की बात करें तो पीएम मोदी 21 जून को न्यूयॉर्क में मौजूद संयुक्त राष्ट्र के मुख्यालय में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के कार्यक्रम की शुरुआत करेंगे.

इसके बाद 22 जून को वो वॉशिंगटन पहुंचेंगे, जहां अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन उनका स्वागत करेंगे. फिर पीएम मोदी को 21 तोपों की सलामी दी जाएगी.

इसी दिन पीएम मोदी अमेरिकी संसद की संयुक्त बैठक को भी संबोधित करेंगे. वो साल 2016 में भी अमेरिकी संसद को संबोधित कर चुके हैं, ऐसे में दो बार अमेरिकी संसद को संबोधित करने वाले वो भारत के पहले प्रधानमंत्री होंगे.

इसके बाद 22 जून की शाम को ही राष्ट्रपति बाइडन और उनकी पत्नी जिल बाइडन पीएम मोदी के लिए ऑफिशियल डिनर की मेज़बानी करेंगे.

23 जून को पीएम मोदी अमेरिका की उप राष्ट्रपति कमला हैरिस और विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन से मिलेंगे जहां पीएम मोदी के लिए लंच का आयोजन किया जाएगा.

इसी दिन पीएम मोदी वॉशिंगटन में मौजूद कई कंपनियों के सीईओ और दूसरी महत्वपूर्ण शख़्सियतों से भी मुलाकात करेंगे. और वो भारतीय मूल के लोगों से भी मिलेंगे.

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अमेरिकी राष्ट्रपति के गेस्ट हाउस में रुकेंगे पीएम मोदी

जो बाइडन

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अपने इस दौरे में पीएम मोदी वॉशिंगटन में मौजूद ब्लेयर हाउस में रुकेंगे. यह अमेरिकी राष्ट्रपति का गेस्ट हाउस है.

इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी मिस्र की ऑफिशियल स्टेट विज़िट पर जाएंगे. जहां वो 24 और 25 जून को रहेंगे. पहली बार मिस्र का दौरा कर रहे मोदी, वहां के राष्ट्रपति अब्दुल फतेह अल-सीसी से भी मुलाक़ात करेंगे.

पीएम मोदी से पहले साल 2009 में तत्कालीन भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी अमेरिका की ऑफिशियल स्टेट विज़िट पर गए थे.

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क्या विदेशी राष्ट्राध्यक्ष की हर विज़िट को स्टेट विज़िट कहा जाता है?

मोदी

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नहीं, ऐसा बिलकुल नहीं है.

स्टेट विज़िट को विदेशी दौरों में सबसे ऊंची रैंकिंग दी जाती है. इसे दो देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों के लिए सबसे बड़ी अभिव्यक्ति बताया जाता है.

अगर अमेरिका में होने वाले बाकी दौरों को अलग-अलग कैटेगरी में देखें तो इन्हें रैंकिंग के हिसाब से ऐसे रखा जाता है -

पहला स्थान - ऑफिशियल स्टेट विज़िट

दूसरा स्थान - ऑफिशियल विज़िट

तीसरा स्थान - ऑफिशियल वर्किंग विज़िट

चौथा स्थान - वर्किंग विज़िट

पांचवा स्थान - गेस्ट-ऑफ़-गर्वमेंट विज़िट

छठवां स्थान - प्राइवेट विज़िट

इन सभी दौरों के लिए अलग-अलग प्रोटोकॉल तय किए गए हैं.

पीएम मोदी इससे पहले जब भी अमेरिका गए तो वो इन्हीं अलग-अलग तरह के दौरों पर थे.

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