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फ़्लाइट में शख़्स को थप्पड़ मारने का मामला, लापता बताया जा रहा पीड़ित परिजनों को मिला
- Author, विश्वकल्याण पुरकायस्थ
- पदनाम, सिलचर से बीबीसी हिन्दी के लिए
मुंबई से कोलकाता जा रही इंडिगो एयरलाइंस की एक फ़्लाइट में सफ़र कर रहे एक शख़्स को थप्पड़ मारने के मामले की चर्चा है. इंडिगो एयरलाइंस ने सहयात्री को थप्पड़ मारने वाले शख़्स को उड़ान सेवा से प्रतिबंधित कर दिया है.
वहीं कोलकाता में फ़्लाइट लैंड करने के बाद लापता बताए जा रहे पीड़ित शख़्स परिजनों को मिल गए हैं.
सोशल मीडिया पर शुक्रवार शाम से विमान की घटना का वीडियो वायरल हो रहा है. वीडियो में एक शख़्स को एक सहयात्री थप्पड़ मारते देखा जा रहा है.
जिस व्यक्ति के साथ हिंसा हुई उनकी पहचान असम के कछार ज़िले के काटिगोरा विधानसभा के लाथिमारा गांव के 32 वर्षीय हुसैन अहमद मजूमदार के रूप में हुई है.
यह घटना गुरुवार 31 जुलाई को इंडिगो की फ़्लाइट नंबर 6E138 में हुई जो मुंबई से कोलकाता जा रही थी. इस मामले पर सोशल मीडिया यूज़र्स की तीखी प्रतिक्रियाएं और आलोचनाएं देखने को मिलीं.
हुसैन मजूमदार के पिता अब्दुल मन्नान मजूमदार से बीबीसी ने बातचीत की थी. अब्दुल मन्नान मजूमदार ने वायरल वीडियो में पीड़ित व्यक्ति की पहचान अपने बेटे के रूप में की थी.
मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा था कि जिस शख़्स को थप्पड़ मारा गया उनकी तबीयत ख़राब हो गई थी और केबिन क्रू उनकी मदद कर रहा था तभी एक दूसरे यात्री ने अचानक उन्हें थप्पड़ मार दिया.
वीडियो में क्या दिख रहा है?
सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में थप्पड़ के बाद शख़्स परेशान दिख रहा है और रो रहा है. जबकि एक अन्य यात्री को यह कहते हुए सुना जा सकता है, "आपने उसे क्यों मारा? आपको किसी को मारने का कोई हक़ नहीं है."
वीडियो में दो केबिन क्रू मेंबर्स पीड़ित की मदद करते और उन्हें विमान से बाहर निकलने में मदद करते नज़र आ रहे हैं.
इसी वक़्त किनारे की सीट पर बैठे एक यात्री ने अचानक उन्हें ज़ोर से थप्पड़ मार दिया. इस पर फ्लाइट अटेंडेंट ने कहा, "सर, प्लीज़ ऐसा न करें."
वीडियो रिकॉर्ड कर रहे व्यक्ति को यह कहते सुना जा रहा है, "आपने उसे क्यों मारा?"
इस पर थप्पड़ मारने वाले शख्स ने जवाब दिया, "उसकी वजह से हमें प्रॉब्लम हो रही थी.''
विमान में बैठे एक अन्य पैसेंजर ने कहा, "हां, प्रॉब्लम हो रही थी लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आप उसे मारेंगे."
शख़्स ने फिर क्रू से उस व्यक्ति के लिए पानी लाने को कहा. वीडियो बनाने वाला यात्री बोला, "उसे पैनिक अटैक आया है. प्लीज़ उसके लिए पानी लाइए."
इंडिगो ने थप्पड़ मारने वाले को किया बैन
इंडिगो एयरलाइंस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शुक्रवार देर रात लिखा कि थप्पड़ मारने वाले शख़्स को कोलकाता में लैंड करने के तुरंत बाद ही अधिकारियों को सौंप दिया गया.
एयरलाइंस ने थप्पड़ मारते दिख रहे शख़्स को 'उपद्रवी' क़रार दिया था और कहा था कि निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत संबंधित विमानन सुरक्षा एजेंसियों को इस घटना की जानकारी दे दी गई है.
शनिवार को इंडिगो एयरलाइन ने एक्स पर बयान जारी कर कहा, "पूरी जांच के बाद, आवश्यक कार्रवाई के लिए अनुशासनहीन व्यवहार में शामिल यात्री की शिकायत संबंधित अधिकारियों को भेजी गई है. हमारी प्रतिबद्धता के तहत उड़ानों में इस तरह के व्यवहार को प्रोत्साहित नहीं किया जा सकता."
"संबंधित शख़्स को नियामक के प्रावधानों के अनुसार, इंडिगो की किसी भी उड़ान में यात्रा करने से निलंबित कर दिया गया है."
घटना के बाद हुसैन थे लापता, अब परिजनों को मिले
घटना के बाद से हुसैन लापता हो गए थे, जिससे उनका परिवार सदमे और चिंता में था. उनके परिवार ने बीबीसी से कहा, "हमने वीडियो देखा, लेकिन उसके बाद क्या हुआ, हमें कुछ पता नहीं. जब वह घर लौटेगा, तभी सच्चाई सामने आएगी."
हुसैन अब कोलकाता से ट्रेन के ज़रिए असम पहुंच गए हैं और अपने परिजनों के साथ हैं.
वहीं, हुसैन अहमद मजूमदार के परिवार वालों ने बीबीसी को बताया था कि हुसैन मुंबई के एक होटल में काम करते हैं और पिछले सात वर्षों से वहीं रह रहे हैं.
उनके पिता अब्दुल मन्नान मजूमदार ने बताया, "यह मुंबई से सिलचर की शायद उनकी पांचवीं यात्रा थी, लेकिन जो कुछ कल हुआ, वैसा पहले कभी नहीं हुआ था."
अब्दुल मन्नान ने कहा कि उन्होंने हुसैन के साथ मारपीट का एक वायरल वीडियो देखा और फिर उससे संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उनका मोबाइल बंद था.
उन्होंने बताया, "मुंबई से निकलने से पहले उसने हमें एक अन्य नंबर से कॉल किया था और बताया था कि उसका फ़ोन खो गया है. उसने कहा था कि वह घर पहुंचकर नया फोन ख़रीदेगा."
परिजनों ने कहा था, "हमें सुबह एक वीडियो मिला जिसमें हुसैन को एक सहयात्री थप्पड़ मार रहा था. हम तुरंत एयरपोर्ट पहुंचे. उम्मीद थी कि वह उतरेगा लेकिन वह नहीं आया.''
असम पुलिस ने क्या बताया
असम के कछार ज़िले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) नुमल महत्ता ने कहा कि वह कोलकाता पुलिस के संपर्क में हैं और उनके अनुसार, हुसैन को 31 जुलाई को उस यात्री के साथ सुलह के बाद कोलकाता एयरपोर्ट से जाने दिया गया था, जिसने उनको फ्लाइट में थप्पड़ मारा था.
महत्ता ने कहा, "सीआईएसएफ अधिकारियों ने हुसैन और हमलावर के बीच बैठक करवाई. दोनों पक्षों के बयान दर्ज करने के बाद उन्हें जाने दिया गया. हुसैन को अगले दिन सुबह कोलकाता से सिलचर जाने वाली फ्लाइट पकड़नी थी, लेकिन वह शायद फ्लाइट नहीं पकड़ पाए थे.''
उन्होंने बताया कि हुसैन ने शनिवार को कोई फ्लाइट नहीं ली और न ही अपने परिवार से संपर्क किया.
महत्ता ने कहा, "परिवार वालों के अनुसार, मुंबई में उसका मोबाइल फोन खो गया था, जिसकी वजह से वह संपर्क नहीं कर पा रहे हैं. हमें लगता है कि वह किसी अन्य माध्यम से सिलचर लौटने की कोशिश कर रहे हैं.''
सोशल मीडिया पर भड़के लोग
इस घटना पर सोशल मीडिया पर व्यापक प्रतिक्रिया दिख रही है.
जाने-माने वकील संजय हेगड़े ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "इंडिगो ने कमज़ोर और ढीली प्रतिक्रिया दी है. क्या उस शख़्स को नो-फ्लाई लिस्ट में डाला गया है, जिसने सहयात्री के साथ हाथापाई की. क्या इंडिगो ने विमान लैंड करने के बाद पुलिस और संबंधित अधिकारियों से अपनी शिकायत को आगे बढ़ाया. अगर यात्री को सीआईएसएफ़ को सौंपा गया तो उस पर क़ानून के तहत क्या आरोप लगाए गए.''
वहीं फ़ैक्ट चेकर और ऑल्ट न्यूज़ के सह-संस्थापक मोहम्मद ज़ुबैर ने द हिंदू अख़बार की एविएशन जर्नलिस्ट जागृति चंद्रा के हवाले से एक्स पर लिखा कि फ़्लाइट में यात्री बेचैन था और विमान से उतरना चाहता था तब सहयात्री ने थप्पड़ मारा, दोनों शख़्स एक ही धार्मिक समुदाय से हैं.
शिवराज यादव नाम के एक यूज़र ने लिखा, ''इंडिगो फ्लाइट का वीडियो देखकर हैरान हूं! एक बीमार मुस्लिम यात्री को एयर होस्टेस सहारा देकर ले जा रही थीं इतने में एक व्यक्ति ने थप्पड़ मार दिया! अब समझ में ये नहीं आ रहा कि थप्पड़ सिर्फ दाढ़ी टोपी देखकर मारा या फिर कोई विवाद हुआ था? सच्चाई आने का इंतज़ार रहेगा लेकिन ये गलत है.''
डॉ. शीतल यादव नाम एक यूज़र ने लिखा, ''इंडिगो की फ़्लाइट में जो कुछ भी हुआ वो बेहद शर्मनाक है धर्म के आधार पर भेदभाव ग़लत है. इस्लामोफ़ोबिया अब वास्तव में एक चिंता का विषय है.''
एक यूज़र ने लिखा, ''इस घटना में कोई सांप्रदायिक पहलू नहीं है क्योंकि पीड़ित और हमलावर दोनों एक ही समुदाय से हैं. कांग्रेस की आईटी सेल इस घटना को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश कर रही है ताकि हिंदू समुदाय को बदनाम किया जा सके."
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.