You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
महिला वर्ल्ड कप: सेमीफ़ाइनल में अब भी पहुंच सकती है भारतीय टीम
आईसीसी क्रिकेट वर्ल्ड कप में लगातार तीन मैच हारने के बाद भारतीय महिला क्रिकेट टीम मुश्किल में नज़र आ रही है. भारत ने इस टूर्नामेंट में अच्छी शुरुआत की थी.
लेकिन दो मैच जीतने के बाद भारतीय टीम लगातार तीन मैच हार गई. इंग्लैंड और भारत के बीच का मैच काफ़ी क़रीबी था.
भारतीय टीम ये मैच सिर्फ़ चार रन से हार गई. इस मैच में प्रदर्शन के बाद भारतीय क्रिकेटर्स पर सवाल भी उठे.
इंग्लैंड के ख़िलाफ़ मैच में भारत की ओर से सर्वाधिक रन बनाने वाली स्मृति मंधाना ने हार की ज़िम्मेदारी भी स्वीकार की. काफ़ी अच्छा खेल रही स्मृति ने ख़राब शॉट मारकर अपना विकेट गँवा दिया.
बीबीसी हिंदी के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें
इन सबके बीच सवाल ये है कि क्या भारत की टीम अब भी सेमीफ़ाइनल में जगह बना सकती है?
आइए आपको इस बारे में विस्तार से बताते हैं.
सेमीफ़ाइनल की रेस
महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप अपने आख़िरी दौर में पहुँच गया है. ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और दक्षिण अफ़्रीका की टीमें पहले ही सेमीफ़ाइनल में पहुँच चुकी हैं.
यानी सेमीफ़ाइनल के लिए बस एक जगह बची हुई है.
भारत के पाँच मैचों में चार अंक हैं. भारत का नेट रन रेट 0.526 है.
न्यूज़ीलैंड की टीम के भी पाँच मैचों में चार अंक हैं, लेकिन उसका नेट रन रेट फ़िलहाल भारत से कम है.
न्यूज़ीलैंड की टीम अंक तालिका में पाँचवें नंबर पर है और उसका नेट रन रेट -0.245 है.
श्रीलंका के भी चार अंक हैं, लेकिन उसने छह मैच खेले हैं. बांग्लादेश और पाकिस्तान के दो-दो अंक हैं.
यानी सेमीफ़ाइनल में जगह के लिए भारत की टक्कर न्यूज़ीलैंड से है.
अगर भारत को सेमीफ़ाइनल में जगह बनानी है, तो उसके लिए न सिर्फ़ उसे अपने दोनों मैच जीतने होंगे, बल्कि ये भी देखना होगा कि बाक़ी टीमों का प्रदर्शन कैसा रहता है.
भारत को सेमीफ़ाइनल में किन-किन परिस्थितियों में जगह मिल सकती है? ये समझते हैं.
1. भारत को जीतने होंगे दोनों बचे हुए मैच
भारत के लिए बेहतर समीकरण उस समय बनेगा, जब टीम अपने बचे हुए दोनों मैच जीत जाए.
भारत को अभी न्यूज़ीलैंड और बांग्लादेश से खेलना है.
अगर भारतीय टीम अपने दोनों मैच जीत जाती है, तो उसके आठ अंक हो जाएँगे.
भारत का नेट रन रेट फ़िलहाल बेहतर है और जीतने की स्थिति में ये और बेहतर होगा.
यानी भारत अगर अपने दोनों मैच जीत जाए, तो सेमीफ़ाइनल में उसके पहुँचने की संभावना ज़्यादा है.
2. भारत न्यूज़ीलैंड से हार जाए और बांग्लादेश से जीत जाए
अगर भारत की टीम न्यूज़ीलैंड से हार जाती है और बांग्लादेश को हरा देती है, तो उसके पास छह अंक होंगे.
लेकिन इस स्थिति में भारतीय टीम चाहेगी कि न्यूज़ीलैंड अपना आख़िरी लीग मैच इंग्लैंड से हार जाए.
तब दोनों ही टीमों के छह-छह अंक रहेंगे.
लेकिन बेहतर नेट रन रेट के आधार पर भारतीय टीम सेमीफ़ाइनल में पहुँच सकती है.
3. भारतीय टीम न्यूज़ीलैंड को हरा दे और बांग्लादेश से हार जाए
अगर ऐसा होता है, तो भारत के पास छह अंक होंगे.
यानी एक बार फिर भारत का भविष्य इस पर निर्भर करेगा कि न्यूज़ीलैंड की टीम अपने आख़िरी मैच में कैसा प्रदर्शन करती है.
अगर अपने आख़िरी मैच में न्यूज़ीलैंड की टीम हार जाती है, तो भारत आसानी से सेमीफ़ाइनल में पहुँच जाएगा.
लेकिन अगर न्यूज़ीलैंड की टीम इंग्लैंड को हरा दे, तो फिर दोनों के छह-छह अंक होंगे और एक बार फिर फ़ैसला नेट रन रेट के आधार पर हो सकता है.
भारत के बांग्लादेश से हारने की स्थिति में नेट रन रेट के मामले में टीम पिछड़ सकती है. ये भारत के लिए मुश्किल रास्ता हो सकता है.
अगर भारत की टीम अपने दोनों मैच हार जाती है
अगर भारतीय क्रिकेट टीम अपने बचे हुए दोनों मैच हार जाती है, तो उसके खाते में सिर्फ़ चार अंक ही रहेंगे.
साथ ही, दोनों मैच हारने के कारण उसका नेट रन रेट भी प्रभावित होगा.
भारतीय टीम अगर दोनों मैच हारती है, तो न्यूज़ीलैंड के ख़ाते में कम से कम छह अंक तो आ ही जाएँगे, क्योंकि भारत का एक मैच तो न्यूज़ीलैंड से ही है.
इस स्थिति में अगर न्यूज़ीलैंड की टीम अपना आख़िरी मैच हार भी जाती है, तो उसका सेमीफ़ाइनल में पहुँचना ज़्यादा संभव होगा.
अगर इन सभी परिस्थितियों को देखें, तो भारत और न्यूज़ीलैंड का मैच काफ़ी अहम है.
क्योंकि इस मैच का फ़ैसला बहुत हद तक तय कर देगा कि कौन सी टीम के सेमीफ़ाइनल में पहुँचने की ज़्यादा उम्मीद है.
भारतीय टीम का अब तक का प्रदर्शन
भारत ने अपने पहले मैच में श्रीलंका को 59 रनों के बड़े अंतर से मात दी थी.
अपने दूसरे मैच में भारत ने परंपरागत प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को भी आसानी से हरा दिया.
इस मैच में भी भारत की जीत का अंतर बहुत बड़ा था. भारत ने ये मैच 88 रनों से जीता था.
लेकिन इसके बाद के तीन मैच भारतीय टीम के लिए निराशाजनक साबित हुए.
दक्षिण अफ़्रीका ने भारत को तीन विकेट से हराया, तो ऑस्ट्रेलिया ने भी उसे तीन विकेट से ही मात दी.
इन दोनों ही मैचों में भारतीय टीम एक समय थोड़ी मज़बूत स्थिति में दिख रही थी, लेकिन आख़िरकार उसने मैच गँवा दिया.
इंग्लैंड के ख़िलाफ़ मैच भारतीय टीम के लिए काफ़ी अहम था.
भारत ने इस मैच में अच्छा प्रदर्शन भी किया. लेकिन टीम दबाव नहीं झेल पाई और सिर्फ़ चार रन से ये मैच हार गई.
अभी तक भारत की ओर से स्मृति मंधाना ने सर्वाधिक रन बनाए हैं. उनके खाते में 222 रन हैं और अगर पूरी प्रतियोगिता की बात करें, तो रन बनाने के मामले में वो पाँचवें नंबर पर हैं.
लेकिन गेंदबाज़ी में भारत की दीप्ति शर्मा ने अभी तक सबसे ज़्यादा 13 विकेट लिए हैं.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित