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सीताराम येचुरी का निधन, सीपीएम महासचिव का दिल्ली के एम्स में चल रहा था इलाज
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के महासचिव सीताराम येचुरी का निधन हो गया है. वह पिछले कुछ समय से बीमार थे.
उन्हें दिल्ली के एम्स में भर्ती करवाया गया था. उनकी उम्र 72 साल थी.
सीपीआईएम ने बताया कि आज दोपहर 3 बजकर 3 मिनट पर एम्स में सीताराम येचुरी ने अंतिम सांस ली.
सीपीआई (एम) ने ट्वीट किया, "हमारे प्रिय कॉमरेड सीताराम येचुरी, सीपीआईएम के महासचिव का एम्स में आज निधन हो गया. कॉमरेड सीताराम येचुरी को लाल सलाम."
बीती 10 सितंबर को सीपीएम की ओर से जारी एक बयान में कहा गया था कि येचुरी को सांस की नली में गंभीर संक्रमण हुआ था.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीताराम येचुरी के निधन पर दुख ज़ाहिर करते हुए उन्हें वामपंथी दलों का अग्रणी नेता बताया है.
पीएम मोदी ने लिखा, "येचुरी को सभी राजनीतिक दलों से संपर्क बनाए रखने की उनकी क्षमता के लिए जाना जाता था. उन्होंने एक सांसद के तौर पर भी अपनी अलग छाप छोड़ी. इस शोक की घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिवार और प्रशंसकों के साथ है. "
परिवार ने बॉडी की डोनेट
सीपीएम की छात्र इकाई एसएफ़आई ने सीताराम येचुरी के निधन पर लिखा है, "स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ़ इंडिया ने अपने प्रिय और एसएफ़आई के पूर्व अध्यक्ष, सीपीआईएम के महासचिव सीताराम येचुरी के सम्मान में अपने बैनर को झुका लिया है."
समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार येचुरी को 19 अगस्त को दिल्ली के एम्स में भर्ती कराया गया था. उन्हें पहले इमरजेंसी वॉर्ड में भर्ती कराया गया और फिर इंटेंसिव केयर यूनिट यानी आईसीयू में शिफ़्ट किया गया था.
सीपीआई (एम) ने ट्वीट में बताया कि येचुरी को सांस लेने की नली में संक्रमण था, जिसने बाद में गंभीर रूप ले लिया.
येचुरी के निधन के बाद दिल्ली में पार्टी सीपीआई (एम) कार्यालय में लगा पार्टी का झंडा भी आधा झुका दिया गया.
सीपीआईएम के नेता हन्नान मोल्ला ने एएनआई से कहा, "सीताराम येचुरी सीपीआईएम के महासचिव नहीं रहे. वह एम्स में भर्ती थे."
एम्स की ओर से जारी प्रेस रिलीज़ में बताया गया है कि 72 साल के सीताराम येचुरी को 19 अगस्त 2024 को निमोनिया की शिकायत के कारण भर्ती कराया गया था. 12 सितंबर दोपहर तीन बजकर पाँच मिनट पर उन्होंने अंतिम सांसें ली.
प्रेस रिलीज़ के अनुसार, येचुरी के परिवार ने उनकी बॉडी टीचिंग और रिसर्च के लिए एम्स को डोनेट कर दी है.
सीपीआई(एम) ने बताया है कि 14 सितंबर को सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे के बीच सीताराम येचुरी के शव को अंतिम दर्शन के लिए पार्टी के मुख्यालय यानी नई दिल्ली में एके गोपालन भवन में रखा जाएगा. इसके बाद उनकी बॉडी को मेडिकल रिसर्च के लिए एम्स ले जाया जाएगा.
सीताराम येचुरी भारतीय राजनीति के बड़े नामों में से एक थे. वह 32 सालों से सीपीएम के पोलित ब्यूरो के सदस्य थे. वह साल 2015 से पार्टी के महासचिव थे. सीताराम येचुरी साल 2005 से 2017 तक राज्यसभा सांसद भी रहे.
पिछले महीने 22 अगस्त को एम्स में भर्ती रहते हुए येचुरी ने एक वीडियो संदेश में पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य को श्रद्धांजलि दी थी.
उन्होंने अपने संदेश में कहा था, “यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि मुझे एम्स से ही बुद्धो दा के प्रति भावनाएं प्रकट करना और लाल सलाम कहना पड़ रहा है.”
राहुल ने बताया दोस्त, ममता बनर्जी क्या बोलीं?
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने ट्वीट किया, "सीताराम येचुरी के निधन की सूचना पाकर दुखी हूं. उनका जाना राष्ट्रीय राजनीति के लिए नुकसान है. उनके परिवार, मित्रजन और सहयोगियों के प्रति मेरी संवेदनाएं है."
वहीं, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक ट्वीट में सीताराम येचुरी को अपना एक दोस्त बताया.
उन्होंने लिखा, "आइडिया ऑफ़ इंडिया के संरक्षणकर्ता, जिन्हें देश की गहरी समझ थी. हमारे बीच होने वाली लंबी चर्चाओं को मैं याद करूंगा. दुख की इस घड़ी में उनके परिवार, मित्र और समर्थकों के प्रति मेरी संवेदनाएं."
येचुरी के निधन के बाद आरजेडी के नेता मनोज झा ने कहा, "इस ख़बर पर अभी तक भरोसा ही नहीं हो रहा है. कुछ ही समय पहले उनसे मुलाकात हुई थी. बीते दिनों मैं उनसे लगातार संपर्क में रहा. लालू यादव के साथ उनका एक लंबा संगठन रहा.ये उम्र जाने की नहीं थी. अभी बहुत कुछ बाकी था. उनके परिवार, साथियों को ईश्वर संबल दें."
एलजेपी (रामविलास) के नेता चिराग पासवान ने लिखा, "सीपीआई (एम) के महासचिव और पूर्व राज्यसभा सांसद श्रद्धेय सीताराम येचुरी जी के निधन का समाचार दुखद है. मेरी पूरी संवेदना उनके परिजनों के साथ है. मैं उन्हें अपनी श्रद्धाजंलि अर्पित करता हूं और ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में उच्च स्थान प्रदान करें."
झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन ने कहा, "कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) के महासचिव और वरिष्ठ नेता सीताराम येचुरी जी के निधन का समाचार सुनकर गहरा दुःख हुआ. उनका जाना भारतीय राजनीति के लिए एक बड़ी क्षति है. वे एक कुशल राजनेता, विचारक और जनता के हितों के लिए समर्पित नेता थे. मरांग बुरु से दिवंगत आत्मा को शांति एवं उनके परिवार को यह दुख सहने की शक्ति प्रदान करने की कामना करता हूँ."
समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्वीट किया, "देश के वरिष्ठ राजनेता एवं सीपीएम के महासचिव श्री सीताराम येचुरी जी का निधन, अत्यंत दुःखद! ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दें. शोकाकुल परिजनों को यह असीम दुःख सहने का संबल प्राप्त हो. भावभीनी श्रद्धांजलि !"
प्रियंका गांधी ने लिखा, "सीताराम येचुरी जी का जाना हम सबके लिए बड़ी क्षति है. उनका इस देश के लिए सेवा और समर्पण बड़े सम्मान के योग्य है. इन सबसे ऊपर वह एक ऐसे अच्छे इंसान थे जो राजनीति की कटु दुनिया में संतुलन और शिष्टता लाए. ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे और इस दुख की घड़ी में उनके प्रियजनों को संबल दे."
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लिखा, "सीपीआई(एम) महासचिव और पूर्व राज्यसभा सांसद सीताराम येचुरी के निधन से बेहद दुख हुआ. सार्वजनिक जीवन में उनके इतने सालों के सफ़र में उन्होंने एक मंझे हुए सांसद के तौर पर अपनी पहचान बनाई, जिन्हें उनके ज्ञान और स्पष्टवादिता के लिए जाना जाता था. वो मेरे मित्र भी थे जिनके साथ मेरी कई चर्चाएं होती थीं. मुझे हमेशा उनके साथ हुई चर्चाएं याद आएंगी. उनके परिवार और मित्रजनों के प्रति संवेदनाएं."
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित
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