You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
ट्रंप जिस बीमारी से जूझ रहे हैं उसके बारे में हम कितना जानते हैं?
- Author, बर्न्ड डिबसमैन जूनियर
- पदनाम, बीबीसी न्यूज़, व्हाइट हाउस
- Author, क्वासी क्याम्फ़ी असीडू
- पदनाम, बीबीसी न्यूज़, वॉशिंगटन डीसी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप नसों की एक बीमारी से पीड़ित हैं. गुरुवार को व्हाइट हाउस की ओर से ये जानकारी दी गई. राष्ट्रपति ट्रंप की इस बीमारी को 'क्रोनिक वेनस इनसफ़िएंशी' कहा जाता है.
कुछ तस्वीरों में अमेरिकी राष्ट्रपति के हाथ पर निशान दिखाई दे रहा था और इसी संदर्भ में व्हाइट हाउस प्रवक्ता से सवाल पूछा गया था.
व्हाइट हाउस प्रेस सेक्रेटरी कोरलाइन लेविट के अनुसार, हाल ही में पैरों में सूजन की शिकायत के बाद ट्रंप की सेहत की गहन जांच की गई थी जिसमें नसों की जांच भी शामिल थी.
लेविट ने कहा कि हैंडशेक करने की वजह से त्वचा को जो नुकसान होता है वो सामान्य है, ख़ासकर तब जब वह एस्पिरिन ले रहे हैं, जो कि हृदय रोगों से बचाव के लिए आम तौर पर ली जाती है.
79 साल के ट्रंप लगातार अपनी अच्छी सेहत की ख़ुद तारीफ़ करते रहे हैं और एक बार तो उन्होंने खुद को 'अबतक का सबसे स्वस्थ राष्ट्रपति' बताया था.
लेविट ने कहा कि उनमें 'डीप वेन थ्रॉम्बोसिस या धमनियों की बीमारी' का कोई सबूत नहीं मिला है और सभी जांच रिपोर्ट 'सामान्य सीमा के भीतर' हैं.
व्हाइट हाउस के चिकित्सक सीन बारबाबेला की ओर से जारी एक नोट के मुताबिक़, 'ख़ासकर 70 साल से अधिक उम्र के लोगों में यह स्थिति सामान्य और बिना नुकसानदेह वाली है.'
इसके अनुसार, अतिरिक्त जांच में ट्रंप में 'दिल की कमजोरी, गुर्दे की काम करने की क्षमता में कमी या किसी और बीमारी के कोई लक्षण नहीं पाए गए.
डॉ. बारबाबेला ने अपने नोट में कहा कि लेविट की पहले की ब्रीफ़िंग से भी इसी बात की पुष्टि होती है.
उन्होंने लिखा कि 'कुल मिलाकर, ट्रंप का स्वास्थ्य बेहद अच्छा है.'
'क्रोनिक वेनस इनसफ़िएंशी' में पैर की नसें ख़ून को दिल तक पंप नहीं कर पातीं, जिससे ख़ून पैर के निचले हिस्से में जमा होने लगता है और वहां सूजन आ जाती है.
टेक्सास यूनिवर्सिटी, ऑस्टिन की वैस्कुलर सर्जरी की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉक्टर मेरिल लोगन ने बीबीसी को बताया, "नसें और उनके वाल्व रक्त को ऊपर की ओर धकेलते हैं ताकि वह हृदय तक वापस जा सके."
पैरों से दिल यानी हृदय की ओर बहने वाला रक्त गुरुत्वाकर्षण के विपरीत दिशा में जाता है, जिससे यह प्रक्रिया और कठिन हो जाती है.
उन्होंने कहा, "क्रॉनिक वेनस इनसफिशिएंसी तब होती है जब नसें और उनके वाल्व ठीक से काम नहीं करते और रक्त वापस पैरों की ओर बहने लगता है."
पैरों में सूजन, हाथों पर निशान
13 जुलाई को न्यूजर्सी में हुए फ़ीफ़ा क्लब वर्ल्ड कप फ़ाइनल के दौरान फ़ोटोग्राफरों ने ट्रंप के सूजे हुए पैरों की तस्वीरें ली थीं.
इसके कुछ दिन बाद व्हाइट हाउस में बहरीन के प्रधानमंत्री सलमान बिन हमद बिन ईसा अल-खलीफ़ा से मुलाक़ात के दौरान ली गई तस्वीरों में उनके हाथों पर नीले निशान दिखाई दिए.
इससे पहले फ़रवरी में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ मुलाकात के दौरान भी ट्रंप के हाथ पर पड़ा एक निशान कैमरे में कैद हुआ था.
ट्रंप के सूजे हुए पैर और नीले निशान देखकर ऑनलाइन अटकलें लगाई जाने लगीं कि शायद राष्ट्रपति किसी ऐसी बीमारी से जूझ रहे हैं जिसके बारे में सार्वजनिक जानकारी नहीं दी गई है.
अप्रैल में हुई सालाना स्वास्थ्य जांच के बाद डॉक्टर बारबाबेला ने लिखा था कि ट्रंप 'मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ हैं.'
जनवरी में जब ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल के लिए शपथ ली, तब उनकी उम्र 78 साल और सात महीने थी, जिससे वह अमेरिका के इतिहास में शपथ लेने वाले सबसे उम्रदराज़ राष्ट्रपति बन गए.
क्रॉनिक वेनस इनसफ़िशिएंसी के बारे में क्या कहते हैं डॉक्टर
डॉक्टरों ने बीबीसी को बताया कि वे क्रॉनिक वेनस इनसफ़िशिएंसी की गंभीरता को लेकर बारबाबेला के अनुमान से सहमत हैं.
वेक फॉरेस्ट यूनिवर्सिटी में वेस्कुलर सर्जरी विभाग के अध्यक्ष डॉ. मैथ्यू एडवर्ड्स ने कहा, "यह कुछ गंभीर स्थितियों से जुड़ी हो सकती है, लेकिन अपने आप में यह कोई गंभीर बीमारी नहीं है और काफ़ी आम है."
उन्होंने कहा, "मैं कहूंगा कि उनकी उम्र के लगभग 10 से 35 प्रतिशत लोगों को यह स्थिति हो सकती है."
विशेषज्ञों के मुताबिक़, अन्य जोखिमों में अधिक वज़न होना, खून के थक्के जमने की हिस्ट्री होना और लंबे समय तक खड़े रहकर काम करने वाली नौकरियां शामिल हैं.
इस स्थिति को मैनेज करने के लिए मेडिकली डिज़ाइन किए गए कंप्रेशन स्टॉकिंग्स पहनने की सलाह दी जाती है और विशेषज्ञ रात को पैरों को ऊपर उठाकर रखने की भी सिफारिश करते हैं.
डॉ. लोगन ने कहा, "मैं अपने मरीज़ों से कहती हूं कि वे रोज़ अपने पैरों और टांगों पर अच्छी क्रीम लगाएं और मोटापे जैसे अन्य संभावित जोखिमों पर काबू रखें."
हाथ पर पड़े नीले निशान
क्रॉनिक वेनस इनसफ़िशिएंसी केवल शरीर के निचले हिस्से को प्रभावित करती है, इसलिए राष्ट्रपति के हाथ पर दिखे नीले निशानों का इस बीमारी से कोई संबंध नहीं है.
इन निशानों को लेकर हाल के दिनों में काफ़ी अटकलें लगाई गई थीं.
राष्ट्रपति के डॉक्टर ने कहा कि हाथों पर पड़े निशान हाथ मिलाने और एस्पिरिन लेने के कारण हैं.
एस्पिरिन एक ऐसी दवा है जो दिल का दौरा, ब्लड क्लॉट और स्ट्रोक से बचाव में मदद करती है.
डॉ. एडवर्ड्स ने कहा कि वह व्हाइट हाउस के डॉक्टर की इस बात से सहमत हैं कि ट्रंप की उम्र और एस्पिरिन का सेवन इन निशानों के लिए ज़िम्मेदार हो सकता है.
उन्होंन कहा, "जैसे-जैसे हमारी उम्र बढ़ती है, हमारे शरीर में नीले निशान पड़ने की संभावना भी बढ़ जाती है, ख़ासकर उन लोगों में जो एस्पिरिन या अन्य ब्लड थिनिंग दवाएं लेते हैं."
डॉ. एडवर्ड्स ने कहा, "अगर कोई आपका हाथ ज़ोर से दबा दे, तो निशान पड़ सकता है, मैं मानता हूं ऐसा हो सकता है."
"वो काफी ज़ोरदार हैंडशेक रहा होगा."
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित