भारत और ईरान अहम समझौते के क़रीब, क्या होगा असर?- प्रेस रिव्यू

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भारत और ईरान के बीच चाबहार पोर्ट के संचालन के लिए प्रस्तावित 10-साल के समझौते पर मतभेदों को कम किया जा रहा है. उम्मीद है कि जल्द दोनों पक्षों की राजनीतिक मंज़ूरी के बाद समझौते पर हस्ताक्षर हो सकता है.
अंग्रेज़ी अख़बार हिंदुस्तान टाइम्स को इस मामले को क़रीब से जानने वालों ने ये जानकारी दी है.
ईरान घटते विदेशी मुद्रा भंडार के बीच चाय, चावल और दवाओं को भारत से निर्यात करने के लिए वोस्ट्रो अकाउंट (दो देशों के बीच व्यापार के लिए इस्तेमाल होने वाला खाता) को शुरू करने पर भी विचार कर रहा है.
दोनों देशों के बीच पहले भी स्थानीय मुद्राओं में व्यापार होता था.
इस समझौते के कुछ बिंदुओं पर मतभेद थे, जिन्हें सुलझाने की कोशिश की जा रही है.

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ईरान मकरान तट पर स्थित पोर्ट के ज़रिए अफ़ग़ानिस्तान और मध्य एशिया से चाय, खाद्य पदार्थ, इलेक्ट्रॉनिक्स, निर्माण सामग्री और भारी उपकरण जैसे सामानों का ट्रांस-शिपमेंट कर सकता है.
यह पोर्ट भारत के लिए भी रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि यह पश्चिम एशिया और मध्य एशियाई देशों तक भारत की पहुँच मुमकिन करता है.
सितंबर 2022 में अख़बार ने ये रिपोर्ट छापी थी कि भारत और ईरान चाबहार पर दीर्घकालीन समझौते को लेकर बातचीत कर रहे हैं.
ईरानी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, प्रस्तावित समझौते पर अगस्त में तेहरान में एक बैठक में ईरानी विदेश मंत्री और भारत में ईरान के राजदूत इराज इलाही के बीच चर्चा हुई थी.
तेहरान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी विदेश मंत्री ने ईरान की "लुक ईस्ट पॉलिसी" में भारत के महत्व पर ज़ोर दिया था और आशा जतायी थी कि चाबहार पोर्ट के विस्तार के लिए भारत के साथ एक "निर्णायक सौदा" जल्द हो सकता है.
वोस्ट्रो खाते में ईरानी पक्ष के रुपये के भंडार में कमी ने ईरान की बासमती चावल और चाय जैसी चीज़ों को आयात करने की क्षमता को पहले ही प्रभावित कर दिया है.
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, ईरान 2014-15 से भारतीय बासमती चावल का सबसे बड़ा या दूसरा सबसे बड़ा आयातक रहा है और उसने 2022-23 में 998,879 मीट्रिक टन चावल ख़रीदा था.
अख़बार को एक सूत्र ने कहा कि ‘हम वोस्ट्रो अकाउंट को रिचार्ज करने के तरीक़ों पर विचार कर रहे हैं.’
उन्होंने ये भी कहा दोनों पक्षों के छोटे आयातकों और निर्यातकों ने भी व्यापार जारी रखने के तरीके ढूंढ लिए हैं.
एक अन्य व्यक्ति ने अख़बार को बताया, “ईरान स्थानीय मुद्रा में व्यापार करने को इच्छुक है क्योंकि भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने जुलाई 2022 में भारतीय रुपये में अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के लिए भुगतान को हरी झंडी दी थी.”
अमेरिकी और पश्चिमी प्रतिबंधों से प्रभावित ईरान के लिए रुपया और रियाल में व्यापार दोनों देशों के बीच व्यापार को पुनर्जीवित करने का तरीक़ा हो सकता है.
2014-15 के दौरान भारत-ईरान व्यापार 13.13 अरब डॉलर का था, जिसमें 8.95 अरब डॉलर का भारतीय आयात था उसमें भी मुख्य रूप से कच्चा तेल लिया गया था. इसके अलावा 4.17 अरब डॉलर का निर्यात शामिल था.

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भारत, ईरान को चावल के अलावा चीनी, मानव निर्मित स्टेपल फ़ाइबर, इलेक्ट्रिक मशीनरी और कृत्रिम आभूषण निर्यात करता है. वहीं भारत कच्चे तेल के अलावा ईरान से सूखे मेवे, केमिकल और कांच के बर्तन ख़रीदता है.
आधिकारिक आँकड़ों के मुताबिक़ साल 2019-20 में ईरान के साथ भारत का व्यापार तेज़ी से गिरा है. आयात (मुख्य रूप से कच्चा तेल) 2018-19 में 13.53 अरब डॉलर की तुलना में लगभग 90% गिरकर 2019-20 में 1.4 अरब डॉलर हो गया.
इससे पहले 60-डे क्रेडिट नीति का फ़ायदा उठाते हुए भारत ने 2018-19 में लगभग 23.5 मिलियन टन ईरानी कच्चे तेल का आयात किया था. जो में भारत की कुल ज़रूरत का लगभग दसवां हिस्सा था.
ट्रेड बैलेंस जो मई 2019 से पहले तक ईरान के पक्ष में था, कच्चे तेल के आयात को पूरी तरह से बंद करने के बाद धीरे-धीरे भारत के पक्ष में हो गया.
मौजूदा वित्तीय वर्ष (अप्रैल 2023) के पहले महीने में भारत ने 12.3 करोड़ डॉलर (मुख्य रूप से बासमती चावल) का निर्यात किया जो कि साल -दर-साल के लिहाज से 1.06% की वृद्धि है. लेकिन ईरान का भारत को आयात 7.24% घटकर मात्र 6.9 करोड़ डॉलर रह गया.

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‘न्यूज़क्लिक केस और अघोषित आपातकाल’
मंगलवार को न्यूज़क्लिक के एडिटर इन चीफ़ प्रबीर पुरकायस्थ की गिरफ़्तारी और न्यूज़ वेबसाइट से जुड़े 46 पत्रकारों के घरों पर दिल्ली पुलिस की छापेमारी पर द हिंदू अख़बार ने एक संपादकीय लिखा है जिसका शीर्षक है- अनडिक्लेयर्ड इमरजेंसी: ऑन अरेस्ट एंड एक्शन इन न्यूज़क्लिक केस.
संपादकीय में लिखा गया है कि ऐसी सरकारें जो ख़ुद को लेकर आलोचनात्मक पत्रकारिता के प्रति असहिष्णु हों, उनके लिए भी न्यूज़ वेबसाइट न्यूज़क्लिक पर बीजेपी सरकार की आतंकवाद के केस में की गई ये कार्रवाई अत्यधिक प्रतिशोध और उत्पीड़न से भरी हुई मानी जाएगी.
अब तक सरकार ने ये नहीं बताया है कि वो कौन से विशिष्ट आरोप हैं, जिसके आधार पर प्रबीर पुरकायस्थ की गिरफ़्तारी आतंकवाद विरोधी क़ानून यूएपीए के तहत की गई है. कथित तौर पर वेबसाइट पर "चीनी लिंक और आतंकवाद के मामले " की जांच चल रही है, लेकिन ऐसा कोई लेख या कॉन्टेंट सामने नहीं आया है, जिसके आधार पर यह कहा जा सके कि न्यूज़क्लिक ने कथित तौर पर "आतंकवाद" या चीनी के एजेंडा चलाया हो.
न्यूज़क्लिक ने यह भी कहा है कि उसे एफ़आईआर की कॉपी नहीं दी गई है या उस पर लगाई गई धाराओं की जानकारी नहीं दी गई है.
फिर भी संस्था के पत्रकारों, कंट्रीब्यूटर्स और इससे जुड़े कर्मचारियों के घरों पर छापे मारे गए हैं और उनके मोबाइल फोन और लैपटॉप जब्त किए गए हैं.
वेबसाइट पर ये एक्शन कोई नया नहीं है, साल 2021 से न्यूज़क्लिक को लेकर ईडी जांच कर रही है. उनके कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त कर लिए गए थे लेकिन अब तक उस केस में चार्ज़शीट तक नहीं दायर की गई है. उस केस में दिल्ली हाई कोर्ट ने प्रबीर पुरकायस्थ को गिरफ़्तारी से राहत दी थी और ईडी से कहा था कि वह न्यूज़क्लिक पर कोई पाबंदी वाले क़दम नहीं उठा सकती है.
लेकिन अगस्त में न्यूयॉर्क टाइम्स के लेख ने फिर से न्यूज़क्लिक के लिए ट्रिगर का काम किया. अख़बार ने न्यूज़क्लिक के चीनी सरकार से क़रीबी की बात तो कही लेकिन बेबसाइट के किसी कवरेज या लेख का हवाला नहीं दिया.
हिन्दू ने अपनी संपादकीय टिप्पणी में लिखा है, मंगलवार की कार्रवाई एक मीडिया आउटलेट को बलि का बकरा बनाने और आलोचनात्मक पत्रकारिता करने वालों को डराने की कोशिश लगती है.
कोई भी सरकार केवल फंडिंग के बारे में संदेह के आधार पर पत्रकारों को इस तररह निशाना नहीं बना सकती है और न ही ऐसा करना चाहिए. ये संविधान से मिले अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार को कमज़ोर करना है.

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सिक्किम बाढ़: 10 की मौत, सेना के 22 जवान लापता
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार को भारी बारिश के कारण उत्तरी सिक्किम की तीस्ता नदी बेसिन में बाढ़ आ गई, जिससे कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई और 22 सेना के जवानों सहित 42 लोग लापता हो गए.
अधिकारियों का कहना है कि लापता लोगों को खोजने के लिए तलाशी अभियान जारी है.
सेना की पूर्वी कमान ने कहा कि लाचेन घाटी के कुछ ठिकाने बाढ़ से प्रभावित हुए हैं.
सेना के बयान में कहा गया है, “चुंगथांग बांध से पानी छोड़े जाने के कारण नीचे की ओर जल स्तर 15-20 फीट तक अचानक बढ़ गया. इससे सिंगताम के पास बारदांग में खड़े सेना के वाहन बह गए . 23 सेना के लोगों के लापता होने की सूचना है और कुछ वाहनों के कीचड़ में डूबे होने की खबर है, तलाशी अभियान जारी है.''
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