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ऑस्ट्रेलिया के मूल निवासियों के अधिकारों की लड़ाई पटरी से क्यों उतर गई? - दुनिया जहान
इस सप्ताह हम दुनिया जहान में यही समझने की कोशिश करेंगे कि आख़िर ऑस्ट्रेलिया के मूलनिवासियों के अधिकारों की लड़ाई पटरी से क्यों उतर गई?
ऑस्ट्रेलिया के नए प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ ने पद संभालने के बाद दिए अपने पहले भाषण में जहां आर्थिक विकास और सुरक्षा के वादे किए वहीं एक ऐसा वादा भी किया जिसे सुन कर ऑस्ट्रेलिया के इंडिजिनस समुदाय यानी मूलनिवासियों में ख़ुशी की लहर दौड़ गई.
ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री अल्बानेज़ ने कहा कि ‘जिस ज़मीन पर यह देश बना है उसके पूर्व और वर्तमान मूलनिवासियों के प्रति वो आदर व्यक्त करते हैं और देश के संविधान में उनके अधिकारों को जगह दी जाएगी.’ शुरूआत में इस प्रस्ताव को अच्छा समर्थन भी मिला.
शुरुआती सर्वेक्षणों के अनुसार, 60 प्रतिशत से अधिक ऑस्ट्रेलियाई लोग इस प्रस्ताव के पक्ष में थे. लेकिन 18 महीने बाद इस साल अक्तूबर में मतदाताओं ने इस प्रस्ताव को नामंज़ूर कर दिया. इस सप्ताह हम दुनिया जहान में यही समझने की कोशिश करेंगे कि आख़िर ऑस्ट्रेलिया के मूलनिवासियों के अधिकारों की लड़ाई पटरी से क्यों उतर गई?
प्रेज़ेंटर: सारिका सिंह
प्रोड्यूसर: अनीश अहलूवालिया
ऑडियो मिक्सिंग: तिलक राज
मोशन ग्राफ़िक: परवाज़ लोन
वीडियो एडिटिंग: सदफ़ ख़ान
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