जल्लीकट्टू के लिए सांडों के ट्रेनिंग देने वालीं मदुरै की अलगुपेच्ची की कहानी

जल्लीकट्टू के लिए सांडों के ट्रेनिंग देने वालीं मदुरै की अलगुपेच्ची की कहानी

तमिलनाडु के मदुरै की रहने वाली अलगुपेच्ची पिछले चार साल से दो सांड पाल रही हैं.

वह 15 साल की हैं और कक्षा 10 में पढ़ती हैं. अलगुपेच्ची इन सांडों को जल्लीकट्टू के लिए ट्रेनिंग भी देती हैं.

अलगुपेच्ची उन गिनी-चुनी महिलाओं में शामिल हैं जो वाडिवासल यानी जल्लीकट्टू के मैदान के प्रवेश द्वार पर सांडों को अकेले ही खोलती हैं.

आमतौर पर यह काम पुरुष करते हैं. अलगुपेच्ची के सांड कई जल्लीकट्टू प्रतियोगिताओं में इनाम जीत चुके हैं.

प्रोड्यूसर: विजयानंद अरुमुगम

शूट-एडिट: सैम डेनियल

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और व्हॉट्सऐप पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)