पहलगाम हमले में 26 लोगों की मौत, वर्ल्ड मुस्लिम लीग से लेकर ईरान और यूएई तक ने क्या कहा?

पहलगाम हमला

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इमेज कैप्शन, मंगलवार को पहलगाम में हुए हमले में कम से कम 26 लोग मारे गए हैं.

मंगलवार को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर हुए चरमपंथी हमले के बाद दुनिया भर के शीर्ष नेताओं ने हमले की निंदा करते हुए भारत के साथ एकजुटता प्रदर्शित की है.

पहलगाम से लगभग पांच किलोमीटर दूर बैसरन इलाक़े में हथियारबंद लोगों ने हमला किया था.

पीटीआई और रॉयटर्स के मुताबिक इस हमले में 26 से अधिक पर्यटक मारे गए हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि 'हमले के ज़िम्मेदारों को बख्शा नहीं जाएगा.'

पीएम मोदी सऊदी अरब के दौरे पर थे लेकिन हमले के बाद वो समय से पहले भारत लौट आए हैं.

इस समय अमेरिका के उप राष्ट्रपति जेडी वेंस अपने परिवार के साथ भारत की यात्रा पर हैं और उन्होंने पीड़ितों के प्रति संवेदना व्यक्त की है.

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जेडी वेंस ने अपने एक्स अकाउंट पर लिखा, "उषा और मैं भारत के पहलगाम में हुए भयानक आतंकवादी हमले के पीड़ितों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हैं. पिछले कुछ दिनों में, हम इस देश और यहां के लोगों की खूबसूरती से अभिभूत हो गए हैं. इस भयानक हमले में हमारे संवेदनाएं और प्रार्थनाएं उनके साथ हैं."

ट्रंप ने की पीएम मोदी से बात

ट्रंप

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इमेज कैप्शन, हमले के बाद ट्रंप ने पीएम मोदी से फ़ोन पर बात की है.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के साथ एकजुटता ज़ाहिर की है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फ़ोन पर बात की.

भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने पीएम मोदी को फ़ोन कर पीड़ितों के प्रति अपनी गहरी संवेदना ज़ाहिर की है.

प्रवक्ता के अनुसार, "राष्ट्रपति ट्रंप ने आतंकी हमले की कड़ी निंदा की और इस जघन्य हमले के दोषियों को इंसाफ़ के कटघरे में लाने के लिए भारत के प्रति पूरा समर्थन व्यक्त किया. भारत और अमेरिका आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई में एक साथ खड़े हैं."

इससे पहले ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, "कश्मीर से अत्यंत दुखद खबर आ रही है. आतंक की इस लड़ाई में अमेरिका भारत के साथ खड़ा है. हम मृतकों की आत्मा की शांति और घायलों के स्वस्थ होने की प्रार्थना करते हैं. प्रधानमंत्री मोदी और भारत के लोगों को हमारा पूर्ण समर्थन है और गहरी सहानुभूति है."

नेतन्याहू ने क्या कहा?

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इमेज कैप्शन, बिन्यामिन नेतन्याहू ने हमले की कड़ी निंदा की है.
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इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने इसे बर्बर हमला बताया है और चरमपंथ के ख़िलाफ़ लड़ाई में भारत के साथ खड़े रहने की बात कही है.

उन्होंने एक्स पर लिखा, "मेरे दोस्त नरेंद्र मोदी, जम्मू कश्मीर के पहलगाम में बर्बर आतंकी हमले से मैं गहरे तौर पर दुखी हूं, जिसमें दर्जनों निर्दोष लोग मारे गए और घायल हुए हैं. हमारी संवेदनाएं और प्रार्थना पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ हैं. आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई में इसराइल भारत के साथ खड़ा है."

यूरोपीय संघ की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने इसे 'घृणित आतंकवादी हमला' बताया और कहा कि 'भारत की इच्छा शक्ति अटूट' है.

एक्स पर उन्होंने लिखा, "पहलगाम में घृणित आतंकवादी हमले ने कई निर्दोष जानें ले लीं. नरेंद्र मोदी और शोक मना रहे हर भारतीयों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं. मुझे पता है कि भारत की इच्छा शक्ति अटूट है. आप इस मुश्किल घड़ी में मजबूती के खड़े रहेंगे. और यूरोप आपके साथ खड़ा है."

जर्मनी के विदेश मंत्रालय ने इस हमले को बर्बर बताते हुए इसकी निंदा की है. एक्स पर लिखे संदेश में मंत्रालय ने कहा है कि इस मुश्किल घड़ी में जर्मनी भारत के साथ खड़ा है, "पीड़ितों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं."

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री सर कीएर स्टार्मर ने एक्स पर लिखा, "कश्मीर में हुआ भयानक आतंकवादी हमला बेहद भयावह है. मेरी संवेदनाएं प्रभावित लोगों, उनके प्रियजनों और भारत के लोगों के साथ हैं."

सऊदी अरब और ईरान ने क्या कहा

सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान

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इमेज कैप्शन, सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने पीड़ितों के प्रति संवेदना ज़ाहिर की है.

सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर इसे 'आतंकवादी हमला' बताया और इसकी कड़ी निंदा की है.

सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने 'भयानक हमले' की कड़ी निंदा करते हुए पीड़ितों के प्रति गहरी संवेदना ज़ाहिर की है.

यूएई ने भी एक बयान जारी कर इस हमले को आपराधिक कृत्य बताया और इसकी कड़ी निंदा की है.

यूएई के विदेश मंत्रालय ने 'भारत सरकार और इस जघन्य हमले के पीड़ितों के परिवारों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना और सहानुभूति' व्यक्त की.

भारत में ईरान के दूतावास ने एक्स पर एक बयान जारी कर हमले की कड़ी निंदा की है.

दूतावास की ओर से जारी बयान के अनुसार, "नई दिल्ली में स्थित इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ़ ईरान का दूतावास जम्मू कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले की कड़ी निंदा करता है, जिसमें कई निर्दोष लोग मारे गए हैं और घायल हुए हैं."

दूतावास ने पीड़तों और उनके परिवारों के प्रति गहरी संवेदना ज़ाहिर की है और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है.

मंगलवार को जब इस हमले की ख़बर आई, उस समय पीएम मोदी जेद्दा में थे. वहां मुस्लिम वर्ल्ड लीग के सेक्रेटरी जनरल शेख़ मोहम्मद बिन अब्दुलकरीम अल-इसा ने पीएम मोदी से मुलाक़ात की.

समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, उन्होंने 'भयानक आतंकी हमले' में मारे गए लोगों के प्रति संवेदना ज़ाहिर की.

शेख़ मोहम्मद बिन अब्दुलकरीम अल-इसा ने मंगलवार को एक्स पर लिखा, "आज मैं भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जेद्दा में मिला. हमने आपसी हितों के कई मुद्दों पर चर्चा की. भारत में विविधता और शांति सम्मेलन करने के विचार पर भी बात की."

यात्रा के बीच मोदी और सीतारमण की वापसी

पीएम मोदी

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इमेज कैप्शन, पीएम मोदी बुधवार की सुबह दिल्ली लौट आए हैं.

हमले के बाद पीएम मोदी सऊदी अरब की अपनी यात्रा को बीच में ही रोक कर वापस आ गए.

पीएम मोदी पहले बुधवार रात कौ लौटने वाले थे. लेकिन वो सुबह ही दिल्ली लौट आए हैं.

भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण भी इस समय अमेरिका और पेरू की यात्रा पर हैं, लेकिन उन्होंने अपनी यात्रा को छोटा कर दिया और लौट रही हैं.

वित्त मंत्रालय ने एक्स पर जानकारी दी है कि मुश्किल और दुखद घड़ी में अपने लोगों के बीच पहुंचने के लिए निर्मला सीतारमण पहली उड़ान से भारत आ रही हैं.

उधर इस हमले के ख़िलाफ़ मंगलवार की शाम पहलगाम के टैक्सी ड्राइवरों ने कैंडल मार्च निकालकर हमलावरों को सज़ा दिए जाने की मांग की है.

समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, घाटी में मौजूद पर्यटकों ने अपनी आगे की योजना को स्थगित कर दिया और वापस लौटने लगे हैं.

बुधवार की सुबह पहलगाम में सन्नाटा पसरा हुआ है और चहल पहल से भरा रहने वाला इलाक़ा पर्यटकों से खाली है.

पहलगाम में यह चरमपंथी हमला तब हुआ है जब घाटी में टूरिस्ट सीज़न पीक पर है. हमले के विरोध में घाटी में आज बंद का आह्वान किया गया है और राजनीतिक दलों ने हमले की कड़ी निंदा करते हुए इस बंद का समर्थन किया है.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

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