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वो फ़लस्तीनी जिन्हें रिहाई तो मिली मगर राहत नहीं
इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मिलने अमेरिका पहुंच गए हैं. दोनों नेताओं के बीच ग़ज़ा में जारी संघर्षविराम के भविष्य पर बातचीत होने की उम्मीद है.
अभी जो संघर्षविराम हुआ है, वह अस्थायी है. इसकी शर्तों के तहत हमास ने कुछ इसराइली बंधकों को छोड़ा है तो बदले में इसराइल ने भी अपनी जेलों में बंद फ़लस्तीनी क़ैदी रिहा किए हैं.
इनमें कुछ ऐसे फ़लस्तीनी भी हैं, जिनपर न तो कोई आरोप तय किए गए, न कोई मुक़दमा चला. फिर भी वे महीनों तक इसराइली जेलों में बंद रहे. और फिर रिहा हुए तो उनकी दुनिया हमेशा के लिए बदल गई थी.
देखिए बीबीसी संवाददाता उरी डेविस की रिपोर्ट.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित