You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
हिज़्बुल्लाह ने अमेरिका को 'रूस में बनी' किस चीज़ के दम पर दिखाई आँखें
लेबनान के चरमपंथी संगठन हिज़्बुल्लाह ने चेताया है कि अगर ग़ज़ा पर हमले नहीं रोके गए तो जंग का दायरा बढ़ सकता है.
दक्षिणी लेबनान में मौजूद हिज़्बुल्लाह के लड़ाकों और इसराइली सेना के बीच सात अक्तूबर से ही संघर्ष चल रहा है, मगर हालात फ़िलहाल क़ाबू में हैं.
मगर ईरान समर्थित इस संगठन के दो बड़े नेताओं के बयानों से इसराइल-लेबनान सीमा पर युद्ध छिड़ने की आशंका जताई जाने लगी है.
हिज़्बुल्लाह के दूसरे सबसे बड़े नेता शेख़ नईम क़ासेम ने बीबीसी को दिए इंटरव्यू में कहा, “मध्य पूर्व में बहुत ही गंभीर और ख़तरनाक परिस्थितियां बन सकती हैं और उनके असर को कोई नहीं रोक पाएगा.”
शेख़ नईम क़ासेम का यह बयान हिज़्बुल्लाह प्रमुख हसन नसरल्लाह की अमेरिका को दी गई चेतावनी के बाद आया है.
पिछले हफ़्ते नसरल्लाह ने अमेरिका को चेताया था कि इसराइल और हमास के बीच छिड़ी जंग के बाद इस क्षेत्र में आए अमेरिकी युद्धपोतों के लिए हिज़्बुल्लाह के ‘भंडार’ में कुछ है.
अमेरिका को चेतावनी
हिज़्बुल्लाह नेता शेख़ क़ासेम ने बीबीसी को बेरूत में दिए इंटरव्यू में कहा कि जंग का दायरा कभी भी बढ़ सकता है और इसके लिए इसराइल ज़िम्मेदार होगा.
शेख़ नईम क़ासेम ने कहा, “यह वास्तविक ख़तरा है, क्योंकि इसराइल आम नागरिकों पर आक्रामकता बढ़ा रहा है, महिलाओं और बच्चों को मार रहा है. क्या ऐसा संभव है कि ये सब जारी रहे और इस क्षेत्र के लिए कोई ख़तरा पैदा न हो? मेरे ख़्याल से तो नहीं.”
उन्होंने कहा, “कोई भी लेबनानी जंग से डरेगा. ऐसा होना सामान्य बात है. जंग किसी को जंग पसंद नहीं. मगर इसराइलियों से कहिए कि शांति बरतें, ताकि जंग और न बढ़े.”
शेख़ क़ासेम ने कहा, “हर संभावना का एक जवाब होता है. हिज़्बुल्लाह के पास बहुत संभावनाएं हैं.”
वहीं, हिज़्बुल्लाह प्रमुख हसन नसरल्लाह ने शुक्रवार को दिए भाषण में भूमध्य सागर में अमेरिकी युद्धपोतों की तैनाती को लेकर सवाल उठाए थे.
अमेरिका का कहना है कि उसने अपने दो विमानवाहक युद्धपोत और अन्य जहाज़ इसलिए तैनात किए हैं ताकि हमास, हिज़्बुल्लाह और फ़लस्तीनी इस्लामिक जिहाद की मदद करने वाले ईरान के दख़ल के कारण जंग का दायरा न बढ़ जाए.
हिज़्बुल्लाह इन युद्धपोतों को अपने लिए सीधा ख़तरा मानता है क्योंकि यहां से अमेरिका उसके और उसके सहयोगियों पर हमले करने की क्षमता रखता है.
हसन नसरल्लाह ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा है कि 'मध्य पूर्व में मौजूद अमेरिकी जहाज़ों से न तो हमें कभी डर लगा और न भी लगेगा.'
उन्होंने कहा, “जिन बेड़ों के दम पर आप धमकी दे रहे हैं, हमने उनके लिए इंतज़ाम किया हुआ है.”
रॉयटर्स की रिपोर्ट मुताबिक़, अमेरिका के वर्तमान और पूर्व अधिकारियों का भी मानना है कि हिज़्बुल्लाह के पास कई तरह के हथियार आ गए हैं.
एक अधिकारी ने कहा, “हम बारीक़ी से नज़र रख रहे हैं और पता लगा रहे हैं कि हिज़्बुल्लाह के पास क्या करने की क्षमता है.”
क्या है हिज़्बुल्लाह का 'इंतज़ाम'
समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने हिज़्बुल्लाह के हथियारों के ज़खीरे की जानकारी रखने वाले सूत्रों के हवाले से जानकारी दी है कि हिज़्बुल्लाह प्रमुख ने रूस से मिली शक्तिशाली एंटी-शिप मिसाइलों के दम पर अमेरिका को चेतावनी दी थी.
रॉयटर्स ने लेबनान में मौजूद दो सूत्रों के हवाले से बताया है कि हिज़्बुल्लाह प्रमुख का इशारा रूस में बनी यखोंट मिसाइल की ओर था, जो जहाज़ों को निशाना बन सकती है. इस मिसाइल की रेंज 300 किलोमीटर है.
मीडिया में आई कई रिपोर्टों और विशेषज्ञों के मुताबिक़, हिज़्बुल्लाह को ये मिसाइलें सीरिया के ज़रिए मिली हैं.
एक दशक पहले जब सीरिया में गृह युद्ध छिड़ा था, तभी से हिज़्बुल्लाह राष्ट्रपति बशर अल असद का साथ दे रहा है. माना जाता है कि वहीं से उसे ये मिसाइलें मिली हैं. हालांकि, हिज़्बुल्लाह ने कभी अपने पास यखोंट मिसाइल होने का दावा नहीं किया.
रॉयटर्स के एक सूत्र ने बताया कि हिज़्बुल्लाह के पास जहाज़ों को तबाह करने की क्षमता है. इसका पता उस समय चला था, जब 2006 में इसराइल के साथ छिड़ी जंग के दौरान उसने भूमध्य सागर में इसराइली युद्धपोत को निशाना बनाया था.
ज़्यादा जानकारी न देते हुए इस सूत्र ने कहा, "हिज़्बुल्लाह के पास यखोंट मिलाइल तो है ही, इसके अलावा भी कुछ है. हिज़बुल्लाह ने अगर इसे अमेरिकी जहाज़ों पर इस्तेमाल किया, तो इसका मतलब होगा कि पूरा क्षेत्र जंग की चपेट में आ जाएगा."
हिज़्बुल्लाह-इसराइल भिड़े तो क्या होगा?
राजनीतिक और सैन्य रूप से बेहद ताक़तवर इस लेबनानी शिया समूह को ब्रिटेन, अमेरिका और अरब लीग ने आतंकवादी संगठन घोषित किया है.
अभी तक ग़ज़ा युद्ध को लेकर इसकी प्रतिक्रिया में चेतावनियां ज़्यादा रही हैं.
हालांकि, सात अक्तूबर को इसराइल पर हमास के हमले के बाद से ही लेबनान-इसराइल सीमा पर उसके लड़ाकों और इसराइली सैनिकों के बीच छोटे स्तर पर संघर्ष चल रहा है.
लेकिन जैसे-जैसे ग़ज़ा में इसराइल के हमले तेज़ होते जा रहे हैं, पूरे मध्य पूर्व में तनाव बढ़ता जा रहा है.
हिज़्बुल्लाह प्रमुख हसन नसरल्लाह ने चेतावनी दी थी कि 'लेबनान में हर आम नागरिक की मौत पर सीमा के दूसरी ओर एक और जान जाएगी.' हालांकि, उन्होंने इसराइल के साथ खुली जंग की धमकी नहीं दी है.
बेरूत में डिफ़ेंस एंड सिक्यॉरिटी कंसल्टेंट निकोलस ब्लैन्फ़ॉर्ड ने बीबीसी को बताया, “अगर इसराइल की हिज़्बुल्लाह से जंग होती है तो उसका सामना एक ऐसे दुश्मन से होगा, जिसके पास इतने हथियार हैं, जितने कई देशों के पास नहीं हैं. अनुमान है कि हिज़्बुल्लाह के पास डेढ़ लाख रॉकेट-मिसाइलें और 60 हज़ार लड़ाके हैं.”
निकोलस ने कहा, “अगर हिज़्बुल्लाह और इसराइल में जंग छिड़ी तो उसके आगे ग़ज़ा में जो कुछ चल रहा है, वह तो बहुत मामूली लगने लगेगा. इसराइल में एक तरह का लॉकडान लग जाएगा. ज़्यादातर आबादी को बमों से बचने के लिए बनाए गए शेल्टरों में शरण लेनी पड़ेगी.”
उन्होंने कहा, "इसराइल में हवाई और समुद्री यातायात बंद हो जाएगा. हिज़्बुल्लाह की गाइडेड मिसाइल इसराइल में कहीं भी लक्ष्यों को भेद सकती है. वहीं, लेबनान को इसराइल एक कार पार्किंग (समतल जगह) में तब्दील कर सकता है."
अभी तक हिज़्बुल्लाह ने मुख्य तौर पर इसराइली सैन्य अड्डों को ही निशाना बनाया है. अब तक उसके 60 लड़ाके मारे जा चुके हैं.
रविवार को दक्षिणी लेबनान में इसराइल के हवाई हमले में एक महिला और तीन बच्चों की मौत हो गई थी.
इसके जवाब में हिज़्बुल्लाह ने रूस में बने ग्रैड रॉकेट दागे थे, जिससे एक इसराइली नागरिक की जान गई थी.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)