आईपीएल: अय्यर और अय्यर की जोड़ी ने शाहरुख़ की केकेआर को फ़ाइनल में पहुँचाया

    • Author, विधांशु कुमार
    • पदनाम, बीबीसी हिन्दी के लिए

कोलकाता नाइटराइडर्स ने आईपीएल 2024 के फ़ाइनल में जगह बना ली है.

अहमदाबाद में खेले गए पहले प्लेऑफ़ मैच में टेबल टॉपर्स कोलकाता ने दूसरे नंबर की टीम सनराइज़र्स हैदराबाद को एकतरफ़ा मुकाबले में 8 विकेटों से हरा दिया.

पहले बल्लेबाज़ी करते हुए हैदराबाद की टीम पूरे 20 ओवर भी नहीं खेल पाई और 20वें ओवर में 159 पर ऑल आउट हो गई.

मिचेल स्टार्क ने तीन विकेट लेकर हैदराबाद के टॉप ऑर्डर की कमर तोड़ दी और कोलकाता के दूसरे गेंदबाज़ों ने भी उनका अच्छा साथ दिया.

बैटिंग के लिए बढ़िया विकेट पर कोलकाता के बल्लेबाज़ों ने इस टारगेट को मज़ाक सा बना दिया और 38 गेंद बाक़ी रहते मैच अपने शिकंजे में कर लिया.

कोलकाता के लिए वेंकटेश अय्यर और कप्तान श्रेयस अय्यर ने चौथे विकेट के लिए 97 रनों की मैच-जिताऊ साझेदारी निभाई.

दोनों ही ने अर्धशतक लगाए और कोलकाता को चौथी बार आईपीएल के फाइनल में जगह दिलवाई.

बड़े मैच का बड़ा खिलाड़ी

आईपीएल 2024 के ऑक्शन में मिचेल स्टार्क दूसरे सबसे मंहंगे खिलाड़ी रहे लेकिन इस सीज़न के शुरुआती मैचों में वो विकेट के लिए तरस गए.

पिछले कुछ मैचों में वो फ़ॉर्म में आते दिखे और मंगलवार को उन्होंने जताया क्यों उन पर इतनी बड़ी बोली लगती है.

इस सीज़न हैदराबाद और कोलकाता की टीमों में एक ख़ासियत रही कि दोनों ही टीमों को ज़बरदस्त ओपनिंग पार्टनरशिप मिली.

कोलकाता के लिए फ़िल सॉल्ट और सुनील नारायण जबकि हैदराबाद के लिए अभिषेक शर्मा और ट्रैविस हेड गेंदबाज़ों के लिए बड़ा सिरदर्द साबित हुए हैं.

ख़ासकर ट्रैविस हेड ने इस मैच से पहले 13 पारियों में 533 रन बनाए और एक शतक के साथ चार अर्धशतक लगाए.

उन्हें जल्दी आउट करना कोलकाता के लिए ज़रूरी था और ये काम पहले ही ओवर में स्टार्क ने कर दिखाया और उन्हें शून्य के स्कोर पर बोल्ड किया.

इसके बाद स्टार्क ने ख़तरनाक नीतीश रेड्डी और शहबाज़ अहमद को भी अपने पहले ही स्पेल में पविलियन वापस भेज दिया.

स्टार्क ने चार ओवरों में 34 रन देकर तीन विकेट लिए.

क्रिकेट एक्सपर्ट टॉम मूडी ने कहा कि स्टार्क ने जता दिया कि वो बड़े मैच के खिलाड़ी हैं और क्यों बड़े मैच के खिलाड़ी को बड़ा पैसा मिलता है.

स्टार्क को दिए विकेटों के अलावा हैदराबाद के इन-फ़ॉर्म बल्लेबाज़ अभिषेक शर्मा भी दूसरे ही ओवर में वैभव अरोरा की गेंद पर आउट हो चुके थे.

हैदराबाद ने 39 रन पर चार विकेट गंवा दिए थे और यहाँ से उन्हें रिकवरी करना बेहद कठिन था.

त्रिपाठी का 50 काम आया

ऐसे नाज़ुक मौके पर राहुल त्रिपाठी और हेनिरक क्लासेन ने पांचवे विकेट के लिए 62 रनों की साझेदारी निभाई.

क्लासेन 32 रन बनाकर आउट हुए जबकि त्रिपाठी ने 35 गेंदों पर 55 रनों का योगदान दिया.

आख़िरी ओवरों में हैदराबाद के कप्तान पैट कमिंस ने 30 रन बनाए और टीम के स्कोर को 150 के पार पंहुचाया.

लेकिन हैदराबाद को ये रन बनाने में बहुत मुश्किल पेश आई पूरी टीम 19.3 ओवर में 159 पर आउट हो गई.

कोलकाता के सभी बॉलरों नें विकेटों के कॉलम में अपना नाम लिखवाया.

स्टार्क को 3, चक्रवर्ती को 2 और रसेल, नारायण, अरोरा और हर्षित राना को 1-1 विकेट मिले.

लगभग 10 दिनों बाद पूरा मैच खेल रही कोलकाता की टीम नए उत्साह के साथ मैदान पर उतरी थी और गेंदबाज़ों के ऑलराउंड प्रदर्शन से उन्होंने पहली ही पारी में मैच पर अपना दावा मज़बूत कर लिया.

सॉल्ट नहीं तो कोई ग़म नहीं

हैदराबाद के लिए इस स्कोर की रक्षा करना और भी मुश्किल था क्योंकि दूसरी पारी में दूधिया रौशनी के अंदर ओस के कण झलकने लगे थे. हालांकि ये हैरान करने वाला था क्योंकि पूरे भारत की तरह अहमदाबाद में भी गर्मी चरम पर थी और पिच रिपोर्ट में भी कहा गया था कि ओस के आसार नहीं हैं.

हैदराबाद के लिए अच्छी ख़बर ये थी कि कोलकाता के पास ज़बरदस्त फ़ॉर्म में चल रहे फ़िल सॉल्ट नहीं थे क्योंकि वो इंग्लैंड की टीम के साथ वर्ल्ड कप के लिए तैयारियों में जुट गए हैं.

सुनील नारायण के साथ रहमतुल्लाह गुरबाज़ ओपनिंग करने आए.

वसीम जाफ़र जैसे एकस्पर्ट्स गुरबाज़ को कोलकाता की कमज़ोर कड़ी मान रहे थे क्योंकि उन्हें इस मैच से पहले एक बार भी बैटिंग नहीं मिली थी और डर ये था कि गुरबाज़ के बल्ले पर कहीं जंग ना चढ़ गई हो. लेकिन गुरबाज़ ने इस डर को झूठा साबित कर दिया.

वो पैट कमिंस और भुवनेश्वर कुमार की गेंद पर फ्रंट फुट पर खेल रहे थे और बड़े प्रहार कर रहे थे.

तीसरे ओवर में ही कोलकाता ने बिना विकेट खोए 40 रन बना लिए थे जिसमें ज्यादातर रन गुरबाज़ के बल्ले से आए थे.

लेकिन चौथे ओवर में हैदराबाद को पहली सफलता मिली जब गुरबाज़ ने आगे बढ़कर नटराजन को खेलना चाहा और कवर में वियसकांत को कैच थमा बैठे. उन्होंने 14 गेंदों पर 2 चौकों और दो छक्कों के साथ 23 रन बनाए.

हैदराबाद को तीन ओवर बाद एक बड़ी सफलता मिली जब सुनील नारायण कमिंस की गेंद पर 21 रन बनाकर कैच आउट हो गए.

हैदराबाद ने गिराए दो कैच

कोलकाता का स्कोर 67-2 था और ये ऐसा मौक़ा था, जहाँ हैदराबाद की टीम मैच में वापसी कर सकती थी.

वेंकटेश अय्यर और श्रेयस अय्यर खुल कर खेल रहे थे और बैटिंग में रिस्क भी ले रहे थे.

लेकिन हैदराबाद ने कप्तान श्रेयस अय्यर को आउट करने के दो आसान मौक़े गंवा दिए.

दसवें ओवर में वियसकांतकी बॉलिंग पर श्रेयस के बल्ले से गेंद छिटक कर शॉर्ट फाइन लेग पर गई जहाँ डाइव लगाकर कीपर क्लासेन पंहुच गए थे.

गेंद उनके ग्लव्स में भी आ गई थी लेकिन उसी कैच को पकड़ने के चक्कर में राहुल त्रिपाठी क्लासेन से टकरा गए और कीपर के हाथों से कैच छूट गया.

अगले ही ओवर में हेड जैसे कमाल के फील्डर ने भी पॉइंट पर श्रेयस का कैच गिरा दिया और कोलकाता के कप्तान को दो जीवनदान मिले.

अय्यर और अय्यर की जोड़ी

तीसरे नंबर पर बैटिंग करने आए वेंकटेश अय्यर शुरु से ही आक्रामक बल्लेबाज़ी कर रहे थे. किसी भी छोटी गेंद पर वो आसानी से मिडविकेट के उपर 6 रन बटोर रहे थे.

उन्होंने एक और शानदार छक्का जड़कर सिर्फ 28 बॉल पर अपनी फ़िफ्टी पूरी कर ली.

दूसरे छोर पर कप्तान ने अगले ओवर में दो छक्के और एक चौका लगाकर ना सिर्फ़ अपने पचास रन बनाए, कोलकाता को भी मैच 14वें ओवर में ही जिता दिया.

वेंकटेश ने 28 गेंदों पर नाबाद 51 रन बनाए जबकि श्रेयस 24 बॉल में 58 रनों पर नॉट आउट रहे.

कोलकाता ने आसानी से मैच जीत लिया और फ़ाइनल में पंहुच गए.

मैच के बाद रवि शास्त्री ने जब इस पार्टनरशिप पर इशारा करते हुए श्रेयस से पूछा कि क्रीज पर दोनों अय्यरों को बात करने में कोई दिक्क़त नहीं हुई होगी तो श्रेयस ने हंसते हुए कहा, “वो तमिल में कह रहे थे और मैं हिंदी में जवाब दे रहा था क्योंकि मैं तमिल समझ लेता हूं लेकिन उतना बढ़िया बोल नहीं पाता.” वैसे दोनों के पास कोई भी बोली हो, मंगलवार को उनकी भाषा जीत की ही थी.

दूसरी टीमों के लिए संदेश

कोलकाता के इस जीत के बाद सुनील गावस्कर मे कहा कि ना सिर्फ़ ये एक बड़ी जीत है, दूसरी टीमों के लिए संदेश भी है.

“इसे किसी भी तरह से देखा जाए ये एक बड़ी जीत कहलाएगी. टी20 का मैच 14वें ओवर में जीत लेना और वो भी 8 विकेट रहते एक बहुत बड़ी जीत है. ये दूसरी टीमों के लिए संदेश भी है कि जो भी फाइनल में पंहुचे हमसे बचकर रहना.”

मैथ्यू हेडन ने कोलकाता की तारीफ़ करते हुए कहा, “केकेआर ने दिखाया है कि वो बड़े मैचों को जीत सकते हैं. गेंदबाज़ी में स्टार्क के अलावा वरुण चक्रवर्ती और सुनील नारायण कमाल के दिखे जबकि श्रेयस और वेंकटेश ने बल्लेबाज़ी को आसान बना दिया.”

पूर्व क्रिकेटर रॉबिन उथप्पा ने कहा की श्रेयस अय्यर और वेंकटेश अय्यर का फ़ॉर्म कोलकाता की बैटिंग को और मज़बूती देता है.

उन्होंने कहा, “इन दोनों का फ़ॉर्म में होना कोलकाता के लिए ज़बरदस्त बात है क्योंकि कोलकाता के ओपनर्स ताबड़तोड़ बैटिंग कर रहे हैं और लोवर ऑर्डर में उनके पास आंद्रे रसल और रिंकू सिंह जैसा फायरपावर है. दोनों अय्यर की जोड़ी ओपनर्स और लोवर ऑर्डर के बीच की कड़ी है जो तेज़ी से रन भी बनाते हैं और मोमेंटम भी बरकरार रखते हैं.”

हैदराबाद के पास फाइनल में जाने का एक मौक़ा और मिलेगा जब वो दूसरा क्वॉलीफायर मैच खेलेंगे.

उनके सामने कौन सी टीम होगी ये राजस्थान बनाम बेंगलुरु के एलिमिनेटर मैच के बाद पता चलेगा.

ये मैच जीतने वाली टीम हैदराबाद से भिड़ेगी और उसके बाद दूसरे क्वॉलीफायर का विजेता चेन्नई में कोलकाता के ख़िलाफ़ खेलेगा.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)