संजू सैमसन क्या तोड़ सकते हैं विराट कोहली का सपना

    • Author, संजय किशोर
    • पदनाम, वरिष्ठ खेल पत्रकार, बीबीसी हिन्दी के लिए

आईपीएल 2024 के प्ले ऑफ़ मुक़ाबले तय हो गए हैं. क्वॉलिफ़ायर-1 में टेबल टॉपर कोलकाता नाइटराइडर्स का सामना सनराइज़र्स हैदराबाद से मंगलवार को होगा.

वहीं एलिमिनेटर मैच राजस्थान रॉयल्स और रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के बीच बुधवार को खेला जाएगा. दोनों मैच अहमदाबाद में होंगे. फ़ाइनल रविवार को चेन्नई में खेला जाएगा.

रविवार को दिन के मैच में सनराइज़र्स हैदराबाद पंजाब किंग्स को हरा देती है.

उसके बाद आईपीएल-2024 का अंतिम लीग मैच जो राजस्थान और कोलकाता नाइटराइडर्स के बीच खेला जाना था, बारिश की भेंट चढ़ जाता है. दोनों टीमें को एक-एक अंक मिलते हैं.

कोलकाता नाइटराइडर्स नौ जीत और तीन हार के बाद 20 अंक के साथ टॉप पर बनी रहती है. केकेआर का रन रेट रहा +1.428. केकेआर की टीम आईपीएल इतिहास में एक सीजन में सबसे ज़्यादा नेट रन रेट हासिल करने वाली टीम बन गई.

मगर पहले दो में पहुँचने की राजस्थान की उम्मीदें बादलों में उड़ जाती हैं. राजस्थान की टीम ने आठ मैच जीते और पाँच में उनकी हार हुई.

17 अंकों के साथ टीम तीसरे नंबर पर रही. सनराइजर्स हैदराबाद के भी 17 अंक हैं लेकिन उसे बेहतर रन- रेट का फ़ायदा मिला और वह दूसरे नंबर पर पहुंच गई.

दूसरे नंबर पर रहने से टीम को एक जीवनदान मिलता है. यानी क्वॉलिफ़ायर-1 में हार भी गए तो क्वॉलिफ़ायर-2 जीत कर फ़ाइनल में पहुँचने का दूसरा मौक़ा होता है. संजू सैमसन की टीम ने इसे गँवा दिया.

टॉस हुआ मगर एक गेंद का खेल नहीं

गुवाहाटी में बारिश थमने का नाम ही नहीं ले रही थी. रात साढ़े दस बजे टॉस हुआ और तय हुआ कि सात-सात ओवर का मैच पौने ग्यारह बजे शुरू होगा.

टॉस जीतकर श्रेयस अय्यर ने पहले गेंदबाज़ी चुनी थी. लेकिन बारिश फिर आ गई और मैच में एक भी गेंद का खेल नहीं हो पाया. राजस्थान रॉयल्स ने गुवाहाटी को अपना दूसरा घर क्यों चुना, यह किसी को समझ नहीं आया.

राजस्थान रॉयल्स तीसरे नंबर पर रही और कोलकाता टॉप पर. यहाँ एक दिलचस्प आँकड़ा बनता है. राजस्थान की टीम जहाँ-जहाँ पहले आठ मैच में सात में जीती थी, वहीं बैंगलोर ने आठ में से सात मैच हारे थे.

राजस्थान लगातार चार मैच हारी है तो बैंगलोर पिछले छह मैचों से अपराजेय है. एक महीने पहले राजस्थान रॉयल्स पहली पायदान पर थी और रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर सबसे निचली पायदान पर. लेकिन जब सबसे ज़्यादा ज़रूरत थी तो राजस्थान के बल्लेबाज़ फ़्लॉप हो गए जबकि बैंगलोर की टीम ने टूर्नामेंट के निर्णायक दौर में ज़बरदस्त प्रदर्शन किया.

राजस्थान की मज़बूती और कमज़ोरी

आईपीएल के पहले हाफ़ में राजस्थान रॉयल्स का डंका बोल रहा था. संजू सैमसन की टीम ने नौ में से आठ मैच जीत कर धमाल मचा दिया. ऐसा लगा कि इस टीम के विजय रथ को इस बार रोक पाना नामुमकिन होगा.

टीम ने प्ले ऑफ़ में जगह बना ली. और टीम के कप्तान संजू सैमसन को विश्व कप की टीम में भी चुन लिया गया. मगर क्रिकेट को अनिश्चितताओं का खेल ऐसे ही नहीं कहा जाता. राजस्थान रॉयल्स की टीम अगले चार मैचों में हार जाती है.

राजस्थान की बल्लेबाज़ी क्रम कमज़ोर नज़र आ रहा है. कई जीत में अहम भूमिका निभाने वाले जॉस बटलर वापस इंग्लैंड जा चुके हैं. यशस्वी जायसवाल के प्रदर्शन में निरंतरता की कमी है.

14 मैचों में 152.63 के स्ट्राइक रेट से 348 रन बनाए हैं, जिसमें एक शतक और एक अर्धशतक शामिल है. पिछली तीन पारियों में 04, 24 और 04 रनों की पारी खेली है. ध्रुव जुरेल 13 मैचों में 131 रन रन बना पाए हैं, जिसमें सिर्फ़ एक अर्धशतक शामिल है.

पराग पर दारोमदार

इस साल राजस्थान रॉयल्स के लिए सबसे ज़्यादा रन गुवाहाटी में जन्मे 22 साल के रेयान पराग ने बनाए हैं. पराग ने अब तक 14 मैचों में 531 रन बनाए हैं, जिनमें चार हाफ़ सेंचुरी शामिल है. एलिमिनेटर मैच में पराग पर टीम की बल्लेबाज़ी का दारोमदार रहेगा.

एलिमिनेटर मुक़ाबले में उनसे टीम एक शानदार पारी की उम्मीद करेगी. संजू सैमसन से भी कप्तानी पारी की उम्मीद होगी. संजू 504 रन बना चुके हैं. पहली बार आईपीएल करियर में उन्होंने 500 से ज़्यादा रन बनाए हैं.

रॉयल्स का सबसे मज़बूत पहलू उनकी गेंदबाज़ी इकाई है, जिसने लगभग पूरे सत्र में अच्छा प्रदर्शन किया है. डेथ ओवरों में संदीप शर्मा का 8.07 का इकॉनमी रेट और पावर प्ले में ट्रेंट बोल्ट का 8.38 का इकॉनमी रेट टीम के लिए प्रभावशाली रहा है.

टीम के लिए सबसे ज़्यादा 17 विकेट युज़वेंद्र चहल ने लिए है. मगर टूर्नामेंट में सबसे ज़्यादा 708 रन बना चुके विराट कोहली को रोकना इनके लिए भी आसान नहीं होगा.

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