You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
भारत-इंग्लैंड लॉर्ड्स टेस्ट: जो रूट, राहुल द्रविड़ का रिकॉर्ड तोड़ने से सिर्फ़ एक रन दूर
- Author, मनोज चतुर्वेदी
- पदनाम, वरिष्ठ खेल पत्रकार, बीबीसी हिंदी के लिए
भारत और इंग्लैंड के बीच लॉर्ड्स पर खेले जा रहे एंडरसन-तेंदुलकर सिरीज़ के तीसरे टेस्ट के पहले दिन का खेल जो रूट के नाम रहा.
वह जिस तरह के खेल के लिए जाने जाते हैं, उन्होंने उसका बख़ूबी प्रदर्शन किया. वह अपने करियर के 37वें टेस्ट शतक से सिर्फ़ एक रन दूर हैं.
इंग्लैंड ने दिन का खेल ख़त्म होने तक चार विकेट पर 251 रन बना लिए हैं. इस वक़्त रूट का साथ कप्तान बेन स्टोक्स 39 रन बनाकर निभा रहे हैं.
भारतीय गेंदबाज़ों के लिए राहत की बात यह रही कि उन्होंने इंग्लैंड की 'बैज़बॉल' की हवा निकालकर सिर्फ़ 3.02 के रन रेट से ही रन बनाने दिए.
(बीबीसी हिंदी के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें)
इंग्लैंड के संकटमोचक रहे रूट
जो रूट विकेट पर टिक कर खेलने वाले बल्लेबाज़ माने जाते हैं.
भारतीय गेंदबाज़ों ने दोहरे झटके देकर दबाव बनाने का प्रयास किया. ऐसा दो बार हुआ. लेकिन दोनों ही मौक़ों पर वह टीम को संकट से बाहर निकालने में सफल रहे.
नितीश रेड्डी ने लंच से पहले दोनों सलामी बल्लेबाज़ बेन डकेट और जैक क्रावली के विकेट निकालकर इंग्लैंड को दबाव में ला दिया.
लेकिन रूट ने इस मौक़े पर ओली पोप के साथ शतकीय साझेदारी (109 रन) निभाकर मैच का रुख़ इंग्लैंड के पक्ष में मोड़ दिया.
चाय के बाद पहली ही गेंद पर जडेजा ने ओली पोप को विकेट के पीछे ध्रुव जुरेल (सब्सीट्यूट) के हाथों लपकवाकर और फिर बुमराह ने हैरी ब्रुक को बोल्ड करके एक बार फिर इंग्लैंड को दबाव में ला दिया.
लेकिन रूट ने कप्तान बेन स्टोक्स के साथ 79 रन की नाबाद साझेदारी निभाकर दिन का खेल ख़त्म होने तक इंग्लैंड को मज़बूत स्थिति में रखा.
रूट का बुमराह के ख़िलाफ़ अच्छा रिकॉर्ड नहीं है. बुमराह उन्हें 10 बार आउट कर चुके हैं.
इसलिए उन्होंने बुमराह के पहले पाँच ओवर के स्पेल में सिर्फ़ दो गेंदों का सामना किया और ओली पोप ने 28 गेंदें खेलीं.
द्रविड़ को पीछे छोड़ने से एक रन दूर
जो रूट नौ चौकों की मदद से 99 रन बनाकर विकेट पर डटे हुए हैं. वह अगर मैच के दूसरे दिन एक रन बनाकर शतक बना लेते हैं, तो यह उनका 37वाँ टेस्ट शतक होगा.
वह द्रविड़ के 36 शतकों से आगे निकल जाएँगे और शतक लगाने के मामले में पाँचवें नंबर पर पहुँच जाएँगे.
टेस्ट मैचों में शतक के मामले में सचिन तेंदुलकर 51 शतकों के साथ पहले नंबर पर हैं. इसके बाद ज़ाक कैलिस (45), रिकी पोंटिंग (41) और कुमार संगकारा (38) का नंबर आता है.
रूट इस पारी के दौरान भारत के ख़िलाफ़ 3000 रन बनाने वाले पहले बल्लेबाज़ बन गए हैं. इसके साथ ही वह इंग्लैंड में 7000 रन भी पूरे करने में सफल रहे हैं.
नितीश रेड्डी ने दिए दोहरे झटके
जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज की किफ़ायती गेंदबाज़ी के बावजूद भारत को कोई सफलता मिलती नहीं दिख रही थी.
लेकिन नितीश रेड्डी ने दोनों सलामी बल्लेबाज़ों बेन डकेट और जैक क्रावली को एक ही ओवर में पवेलियन भेजकर भारतीय कैंप में ख़ुशी ला दी.
उन्होंने अपने पहले ओवर की तीसरी गेंद को लेग साइड पर डाला और डकेट गेंद को जल्दी खेल गए.
गेंद बल्ले का किनारा लेकर विकेटकीपर पंत के हाथों में समा गई.
फिर इस ओवर की आख़िरी गेंद पर जैक क्रावली का विकेट निकाला. गेंद इतनी उम्दा थी कि उस पर कोई भी विकेट गँवा सकता था.
नितीश ने गेंद को अच्छे एंगल से फेंका और गेंद सीम होकर बाहर निकल गई और वह बल्ले को चूमती हुई पंत के दस्तानों में समा गई.
नितीश ने आख़िरी सत्र में स्टोक्स को भी लगभग फँसा लिया था.
लेकिन अंपायर कॉल की वजह से एलबीडब्ल्यू आउट होने से बच गए. वह उस वक़्त 27 रन पर थे और टीम का स्कोर चार विकेट पर 211 रन था.
रूट-पोप की शतकीय साझेदारी ने संभाला
भारतीय गेंदबाज़ों ने बैज़बॉल का दम भरने वाली इंग्लैंड टीम को सतर्कता के साथ खेलने को मजबूर कर दिया.
इस कारण जो टीम 5-6 के रन रेट से खेलने में विश्वास करती है, उसे पहले तीनों सत्रों में 3.02 की रन रेट से खेलने को मजबूर होना पड़ा.
रूट और पोप के सतर्कता से खेलने का इंग्लैंड को फ़ायदा भी मिला. यह जोड़ी शतकीय साझेदारी निभाकर टीम को शुरुआती झटकों से काफ़ी हद तक निकालने में सफल हो गई.
चाय के बाद के सत्र में जब यह लग रहा था कि यह जोड़ी टीम को मज़बूती की तरफ़ ले जाएगी, तभी जडेजा ने ओली पोप का विकेट निकालकर भारत की वापसी करा दी.
भारतीय कप्तान गिल ने जडेजा को पहली बार चाय से दो ओवर पहले गेंदबाज़ी के लिए लाया और उन्होंने अपने पहले ओवर में यह संकेत दिया कि गेंदबाज़ी में मदद मिल रही है.
उन्होंने चाय के बाद पहले ओवर की पहली गेंद पर ओली पोप को विकेट के पीछे कैच कराया. ओली पोप अपने अर्धशतक से छह रन दूर रह गए.
पंत चोटिल होकर बाहर
ऋषभ पंत के चोटिल होकर बाहर जाने से भारत को तगड़ा झटका लगा. बीसीसीआई ने बताया कि पंत की उंगली चोटिल हुई है और उनका इलाज मेडिकल टीम की देखरेख में चल रहा है.
बुमराह दिन का 34वाँ ओवर फेंक रहे थे. उनकी ओली पोप को फेंकी गई एक गेंद लेग साइड से बाहर जा रही थी, जिसे पंत ने डाइव लगाकर पकड़ने का प्रयास किया, जिससे उनकी उंगली चोटिल हो गई.
मैदान में पाँच मिनट इलाज के बाद वह मुश्किल से ग्लव्स पहनकर ओवर की बाक़ी पाँच गेंदों के लिए विकेट के पीछे ज़रूर खड़े हुए लेकिन उन्हें हो रही दिक़्क़त आसानी से देखी जा सकती थी.
ओवर ख़त्म होने के बाद उनकी जगह ध्रुव जुरेल ने विकेटकीपिंग की.
इंग्लैंड के पूर्व कप्तान नासिर हुसैन के अनुसार पंत की उंगली नहीं टूटी है. लेकिन उंगली का नाखून उखड़ जाने की वजह से उन्हें दर्द हो रहा है. वह उंगली की बर्फ़ से सिकाई कर रहे हैं.
नंबर एक गेंदबाज़ को नंबर एक बल्लेबाज़ का विकेट
विश्व के नंबर एक टेस्ट गेंदबाज़ जसप्रीत बुमराह ने नंबर एक टेस्ट बल्लेबाज़ हैरी ब्रुक का विकेट निकालकर तगड़ा झटका दिया. उन्होंने ब्रुक को बोल्ड किया.
ब्रुक असल में अंदर आती गेंद को समझ नहीं पाए.
बुमराह ने हेडिंग्ले टेस्ट की पहली पारी में पाँच विकेट निकाले थे. लेकिन इसके बाद वह किफ़ायती गेंदबाज़ी तो करते रहे लेकिन विकेट निकालने में उतने सफल नहीं हुए.
वह इस टेस्ट की दूसरी पारी में 19 ओवर गेंदबाज़ी करके भी कोई विकेट नहीं ले सके थे.
बुमराह वर्कलोड मैनेजमेंट की वजह से एजबेस्टन में खेले गए दूसरे टेस्ट में नहीं खेले थे.
लॉर्ड्स टेस्ट के पहले दिन बुमराह अपने 15 ओवरों में बल्लेबाज़ों को परेशान करने में तो सफल रहे, लेकिन विकेट हासिल नहीं कर पाए.
इसके बाद अपने 16वें ओवर की पाँचवीं गेंद पर हैरी ब्रुक को बोल्ड करके विकेट निकालने में सफल हो गए.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित