इसराइल और हिज़्बुल्लाह के एक दूसरे पर हमले, नेतन्याहू बोले- हर कदम उठाने को तैयार, अमेरिका ने भी दी चेतावनी

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इसराइल और हिज़्बुल्लाह के बीच संघर्ष और तेज़ हो गया है. दोनों पक्षों ने सीमा पार एक दूसरे पर बड़े हमले किए हैं.
इसराइली सेना (आईडीएफ़) के मुताबिक़ लेबनान स्थित हिज़्बुल्लाह ने इसराइल पर 150 मिसाइलें दाग़ी हैं. आईडीएफ़ ने कहा है कि यह हमला हाल ही में हिज़्बुल्लाह पर किए गए हमलों का बदला है.
कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक़ हिज़्बुल्लाह के पिछले मिसाइल हमलों की तुलना में इस बार का हमला इसराइल के काफ़ी भीतर तक हुआ. इस हमले से इसराइल में काफ़ी घरों को नुकसान पहुंचा है और कुछ लोग घायल हुए हैं.
इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने कहा है कि देश की सुरक्षा को देखते हुए जो भी आवश्यक कार्रवाई होगी, वह इसराइल करेगा. वहीं अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा प्रवक्ता जॉन किर्बी ने कहा है कि अमेरिकी सरकार ने इसराइल से कहा है कि उनका मानना है कि लेबनान सीमा पर तनाव बढ़ना उनके हितों के विपरीत होगा.

लेबनान से हिज़्बुल्लाह के सौ से अधिक मिसाइल हमलों के बाद उत्तरी इसराइल के हजारों लोग आश्रय की तलाश में हैं. इन हमलों में कम से कम तीन लोग घायल हुए हैं.
इसराइल का कहना है कि उसके क्षेत्र में पूर्व की तरफ से भी एक देश से मिसाइलें दाग़ी गई हैं.
लेबनान सीमा के पास इसराइल के बंदरगाह शहर हाइफ़ा और उत्तरी अन्य इसराइल के इलाक़ों में स्कूलों को बंद कर दिया गया है. साथ ही एक जगह पर अधिक लोगों के जुटने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है.
इसराइली सेना ने कहा है कि वह लेबनान में हिज़्बुल्लाह के ठिकानों पर हमले जारी रखेगा. साथ ही दावा किया कि शनिवार को उसने हिज़्बुल्लाह के करीब तीन सौ ठिकानों पर हमला किया है.
युद्ध के फैलने की आशंका के बीच बेरुत में मौजूद संयुक्त राष्ट्र पीस किपींग मिशन (यूएनआईएफ़आीएल) के प्रवक्ता एन्ड्रिया तेनन्ती ने कहा कि "सीमा पर ब्लू लाइन पर रोज़ ही शेलिंग हो रही है, पीस कीपिंग मिशन के काम की जगह के पास भी यही हाल है."
बीते सप्ताह क्या-क्या हुआ?

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17 सितंबर 2024, मंगलवार: लेबनान में कई जगहों पर एक के बाद एक पेजर्स में धमाके हुए. इन पेजर्स का इस्तेमाल हिज़्बुल्लाह के लड़ाके कर रहे थे. इन धमाकों में 12 लोगों की मौत हुई और हज़ारों लोग घायल हुए.
18 सितंबर 2024, बुधवार: हिज़्बुल्लाह के सैकड़ों सदस्यों के वॉकी टॉकी में धमाके हुए. इन धमाकों में 27 लोगों की मौत हुई, वहीं सैकड़ों घायल हुए.
हिज़्बुल्लाह ने इन धमाकों के लिए इसलराइल को ज़िम्मेदार ठहराया. इसराइल ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी. हालांकि ये माना गया कि इन धमाकों के पीछे उसका ही हाथ है.
इसके बाद इसराइल और हिज़्बुल्लाह के बीच संघर्ष बढ़ गया. हिज़्बुल्लाह ने इसराइल की तरफ 150 मिसाइलें दाग़ी. इसराइली सेना का कहना है कि इनमें से अधिकांश को गिरा दिया गया है, हालांकि कुछ मिसाइलें बंदरगाह शहर हाइफ़ा में कुछ रिहाइशी इमारों पर गिरीं.

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20 सितंबर 2024, शुक्रवार: इसराइल ने कहा कि उसने बेरूत के दक्षिण में हिज़्बुल्लाह का गढ़ माने जाने वाले दाहिये पर हवाई हमले किए हैं. हमले के बारे लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि इसमें 45 लोगों की जा गई जिसमें तीन बच्चे शामिल थे.
हिज़्बुल्लाह ने बताया कि इन हमलों में संगठन के सैन्य कमांडर इब्राहिम अक़ील की मौत हो गई है. वहीं इसराइली डिफेन्स फोर्सेस ने कहा कि उसने हिज़्बुल्लाह के कई वरिष्ठ सदस्यों को निशाना बनाया है.
20 और 21 को भी दोनों तरफ से एकदूसरे पर हमले जारी रहे. बीते साल के आठ अक्तूबर के बाद ये पहली बार है जब हिज़्बुल्लाह इसराइल के अधिक भीतर तक हमले कर रहा है.
बढ़ते तनाव के बीच इसराइल को अमेरिका की चेतावनी

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अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा प्रवक्ता जॉन किर्बी के मुताबिक़ अमेरिकी सरकार ने इसराइल से कहा है कि उनका मानना है कि लेबनान सीमा पर तनाव बढ़ना उनके हितों के विपरीत होगा.
रविवार सुबह एबीसी न्यूज़ के ‘दिस वीक’ कार्यक्रम में बातचीत के दौरान उन्होंने कहा, “संघर्ष में हालिया बढ़ोतरी हमारे लिए इस बात की तरफ इशारा करती है कि राजनयिक समाधान खोजने का प्रयास करना कितना महत्वपूर्ण है."
उन्होंने कहा, “शायद यह किसी को समझ नहीं आया कि यह कितना कठिन होने वाला है. लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हम इसे छोड़ देंगे.”
जॉन किर्बी ने कहा कि ये इसराइली अधिकारियों को यह बता रहा है कि "वो ये नहीं मानते कि इस सैन्य संघर्ष को बढ़ाना उनके हित में है और यह आईडीएफ़ को देश के उत्तरी क्षेत्र में इसराइली लोगों को उनके घरों में वापस लाने में मदद नहीं करेगा.”
वहीं फॉक्स न्यूज़ के साथ एक अलग इंटरव्यू में जॉन किर्बी ने कहा, “परिवारों को वहां वापस लाने का सबसे अच्छा तरीका कूटनीति है.“
इसराइली पीएम नेतन्याहू ने क्या कहा?

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हिज़्बुल्लाह के साथ इसराइल के बढ़ते संघर्ष को लेकर प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वीडियो संदेश पोस्ट किया है.
उन्होंने कहा, "सुरक्षा बहाल करने के लिए जो भी आवश्यक कार्रवाई होगी, वह इसराइल करेगा और लोगों को इसराइल-लेबनान सीमा पर सुरक्षित उनके घरों तक वापस पहुंचाएगा."
नेतन्याहू ने कहा, "ईरान समर्थित समूह हिज़्बुल्लाह ने इसराइल के बिना किसी उकसावे के 8 अक्तूबर से इसराइल पर हमला किया है, जिससे सीमा से सटे 60 हज़ार इसरायली लोगों को अपने घर छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा है."
उन्होंने आगे कहा, "बाद के महीनों में उन्होंने एक दिन के लिए भी हमला नहीं रोका. कोई भी देश अपने शहरों पर हो रहे लगातार मिसाइल हमलों को स्वीकार नहीं कर सकता. हम भी इसे स्वीकार नहीं कर सकते."
लेबनान में क्या हैं हालात?

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रविवार को लेबनान के बेरूत में इसराइली हमलों में मारे गए हिज़्बुल्लाह के कमांडर इब्राहिम अक़ील को दफनाया गया.
इब्राहिम अक़ील एक सैन्य कमांडर थे. शुक्रवार, 20 सितंबर को एक इसराइली हवाई हमले में उनकी मौत हो गई थी. इस हमले में कुल 45 लोगों की मौत हुई थी जिनमें से 32 आम नागरिक थे.
जनाज़े में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में हिज़्बुल्लाह समर्थकों की भीड़ बेरुत में शुरा नाम के चौराहे पर उमड़ी.
बेरूत में मौजूद बीबीसी फारसी सेवा संवाददाता नफीसे खोनावर्द कहती हैं कि यहां आए लोगों के हाथों में मारे गए हिज़्बुल्लाह कमांडर की तस्वीरें थी. इनमें से अधिकांश लोगों के हाथों में फ़लस्तीन, लेबनान, ईरान और हिज़्बुल्लाह के झंडे पकड़े हुए थे. इस दौरान वहां 'येरुशलम की राह में बलिदान...' से जुड़ा एक गीत बज रहा था.
इनमें हिज़्बुल्लाह के डिप्टी महासचिव शेख़ नईम क़ासिम भी मौजूद हैं. उनके अलावा कई शिया मौलवी भी वहां मौजूद हैं.
यहां एकत्र हुए लोगों की संख्या हिज़्बुल्लाह के वरिष्ठ कमांडर फौद शुक्र के जनाज़े में शामिल हुए लोगों की संख्या से कहीं अधिक नज़र आई. फौद शुक्र की हत्या इस साल जुलाई में दाहिए में एक इसराइली हवाई हमले में हो गई थी.
इसराइल की उत्तरी सीमा के पास क्या है स्थिति?

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बीते साल आठ अक्तूबर को इसराइल और ईरान समर्थित हिज़्बुल्लाह के बीच शुरू हुए संघर्ष के बाद हुए किसी भी हमले की तुलना में इस बार का हमला इसराइली सीमा से काफी भीतर (दक्षिण की ओर) था.
रविवार सुबह लेबनान की ओर से हुए हमलों के बाद उत्तरी इसराइल के हाइफ़ा शहर में धुआं उठते देखा गया.
इन हमलों से कुछ रिहायशी इमारतों पर आग लग गई और कुछ लोग घायल हो गए. इसके बाद राहत और बचाव टीम मौके पर पहुंची, जबकि इसराइली सुरक्षा बलों ने इलाके को घेर लिया.
इसराइल ने उत्तरी क्षेत्र की सभी स्कूलों को सोमवार तक बंद करने का आदेश दिया है.
साथ ही कई इलाकों और इसरायल के कब्जे वाले गोलान हाइट्स के कुछ हिस्सों में भी लोगों के इकट्ठा होने और सभाओं पर प्रतिबंध लगा दिया गया है.
प्रतिबंध के मुताबिक़ 10 से अधिक लोगों को बाहर और 100 से अधिक लोगों को घर के अंदर इकट्ठा होने की अनुमति नहीं है.
इसके अलावा समुद्र के किनारों को भी लोगों के लिए बंद कर दिया गया है.
इसराइली स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि उत्तरी इसराइल के अस्पतालों को केवल सुरक्षित क्षेत्रों में ही काम करने का निर्देश दिया गया है.
हाइफ़ा शहर के रामबाम अस्पताल ने अपने परिचालन को एक अंडरग्राउंड कार पार्किंग क्षेत्र में शिफ्ट कर दिया है.
हिज़्बुल्लाह के समर्थन में उतरा इराक़ी विद्रोही गुट

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इराक़ में मौजूद सशस्त्र गुट इस्लामिक रेज़िस्टेंस इन इराक़ (आईआरआई) ने कहा है कि 21 और 22 सितंबर की दरमियानी रात को हुए हमलों में वो भी शामिल हो गया है.
उसने कहा कि वो हिज़्बुल्लाह के समर्थन में इसराइल को निशाना बनाकर इराक़ से मिसाइलें और ड्रोन दाग़ रहा है.
आईआरआई ने बयान जारी कर रहा कि उसने इसराइल पर दो अलग-अलग हमले किए हैं, इनमें "इसराइल के उत्तर में क्रूज़ मिसाइल से हमला" शामिल है. हालांकि हमला किस जगह पर किया गया है ये नहीं बताया गया है.
बीबीसी मॉनिटरिंग के अरबी भाषा के जानकारों के, रविवार सुबह एक अन्य बयान में आईआरआई ने दावा किया कि समूह ने ड्रोन का इस्तेमाल कर इसरायल में एक "महत्वपूर्ण लक्ष्य" पर हमला किया है.
इससे पहले इसराइली सेना के एक प्रवक्ता ने संवाददाताओं को बताया था कि इराक़ से रात में इसरायल पर हमला करने की दो कोशिशें की गई हैं.
इसराइली सेना ने अपने सार्वजनिक बयानों में कहा है कि पूर्व की ओर से किसी देश से दागे गए प्रोजेक्टाइल्स को गिरा दिया गया है, इससे जानोमाल का कोई नुक़सान नहीं हुआ है.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित
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