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योगी आदित्यनाथ के पैर छूने को लेकर हुए विवाद पर रजनीकांत ने क्या कहा
बीते सप्ताह दक्षिण भारत के सुपरस्टार रजनीकांत ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाक़ात की थी. उन्होंने सीएम योगी को नमस्ते कहा और फिर उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया.
रजनीकांत ने योगी आदित्यनाथ को फूलों का गुलदस्ता भेंट में दिया और दोनों ने इसके बाद तस्वीरें खिंचवाई. लेकिन इन तस्वीरों को लेकर रजनीकांत की सोशल मीडिया पर ख़ूब आलोचना होने लगी.
लोगों का कहना था कि रजनीकांत उम्र में योगी आदित्यनाथ से काफ़ी बड़े हैं लेकिन फिर भी उनके पैर छू रहे हैं. अब रजनीकांत ने इन आलोचनाओं पर जवाब दिया है.
सोमवार रात रजनीकांत वापस चेन्नई पहुंचे. यहां उतरते ही उनसे सबसे पहले यूपी के मुख्यमंत्री के पैर छूने पर हुए विवाद को लेकर सवाल किया गया.
इसके जवाब में रजनीकांत ने कहा है कि संन्यासियों और योगी के पैर छूना उनकी आदत है, फिर उनकी उम्र कुछ भी हो.
उन्होंने कहा, "कोई संन्यासी हो या योगी, उनके पैर छूना मेरी आदत है, चाहे वो उम्र में मुझसे छोटे ही क्यों न हों. यही मैंने किया."
क्यों निशाने पर आए रजनीकांत?
रजनीकांत बीते सप्ताह अपनी फ़िल्म 'जेलर' की स्क्रीनिंग के लिए उत्तर प्रदेश पहुँचे. वो ये फ़िल्म सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ देखना चाहते थे लेकिन सीएम की व्यस्तता के कारण ऐसा नहीं हो सका.
लखनऊ में उन्होंने शनिवार को सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाक़ात की.
गाड़ी से उतरते ही पहले रजनीकांत ने हाथ जोड़ कर नमस्ते कहा और फिर योगी आदित्यनाथ के पैर छुए.
इस वीडियो पर प्रतिक्रिया के तौर पर एक यूज़र ने लिखा, "रजनीकांत जो कि उम्र और कद दोनों में योगी आदित्यनाथ से बड़े हैं, वो उनके (योगी) पैर छू रहे हैं. रजनीकांत 72 साल के हैं और योगी 51 साल के. एक सुपरस्टार किसी नेता के पैर क्यों छू रहा है? उन्होंने आज सारा सम्मान खो दिया."
हालांकि, ये पहला मौक़ा नहीं है, जब बीजेपी के नेताओं से क़रीबी को लेकर रजनीकांत चर्चा में आए हों.
साल 2019 में जब जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाया गया था तब उन्होंने अमित शाह की तारीफ़ की थी. यहां तक कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह की तुलना कृष्ण-अर्जुन से की थी.
रजनीकांत ने 2021 में हुए तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले कहा था कि वह 'आध्यात्मिक राजनीति' करेंगे. इसी के बाद से रजनीकांत की बीजेपी से नज़दीकी की चर्चा तेज़ होने लगी थी.
अब बीजेपी नेता और यूपी सीएम से उनकी इस मुलाक़ात को भी अगले साल होने वाले लोकसभा चुनावों से जोड़कर देखा जा रहा है.
हालांकि, इससे जुड़े सवाल पर रजनीकांत ने कहा है कि वो राजनीति के बारे में बात नहीं करना चाहते.
रजनीकांत ने रविवार को अयोध्या का दौरा भी किया. उनके साथ उनकी पत्नी लता भी थीं. ये दोनों हनुमानगढ़ी मंदिर भी गए.
यहां से बाहर निकलते हुए रजनीकांत ने मीडिया से कहा, "मेरा अयोध्या आने का पुराना सपना आज पूरा हो गया."
रजनीकांत ने ये भी कहा कि राम मंदिर बनने पर 'भव्य' दिखेगा.
कांग्रेस नेता उदित राज ने एक तंज़ भरे कार्टून को शेयर करते हुए लिखा है, "लगता है फ़िल्म स्टार रजनीकांत हवा का रुख़ समझ गए हैं कि अगले पीएम योगी होंगे तभी तो उनका पांव छुआ और मोदी जी का नहीं."
समाचार एजेंसी एएनआई ने जब रजनीकांत की ओर से दिए गए जवाब पर उदित राज से सवाल किया तो उन्होंने कहा, "ये भी बहस चल रही है कि भविष्य में योगी को प्रधानमंत्री के तौर पर देखा जा सकता है. वरना ये कर्टसी तो रजनीकांत जी ने प्रधानमंत्री के लिए तो नहीं दिखाई. उनमें (योगी आदित्यनाथ) एक झलक देख रहे हैं लोग भविष्य के पीएम की, ये गलियारों में चर्चा हो रही है."
कुछ लोगों ने रजनीकांत के योगी आदित्यनाथ के पैर छूने की तुलना शाहरुख़ ख़ान से की. एक कार्यक्रम में शाहरुख ख़ान ने मंच पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के पैर छुए थे.
एक यूज़र ने दोनों मौक़ों की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा, "एक हिंदू होने के नाते रजनीकांत का एक पीठ के महंत योगी आदित्यनाथ के पैर छूने में दिक्क़त है. लेकिन अभिनेता शाहरुख़ ख़ान के राजनेता ममता बनर्जी के पैर छूने में कोई परेशानी नहीं? "
हालांकि, कुछ लोग रजनीकांत का बचाव भी कर रहे हैं.
एक यूज़र ने लिखा है, "उन्होंने (रजनीकांत) यूपी के मुख्यमंत्री के पैर नहीं छुए, उन्होंने गोरखनाथ मठ के महंत के पैर छुए. ये उन्हें उन सी-ग्रेड एक्टरों से अलग करता है, जो हिंदू परंपराओं और रीतियों का मज़ाक बनाकर खुदको कूल समझते हैं."
ऐसे ही एक अन्य यूज़र ने लिखा है, "जब आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री के मंत्री उनके पैर छूते हैं तो किसी को परवाह नहीं, अब रजनीकांत के योगी आदित्यनाथ के पैर छूने पर इतनी चिंता क्यों?"
यूपी में किन-किन से मिले रजनीकांत?
रजनीकांत की फ़िल्म जेलर 10 अगस्त को सिनेमाघरों में आई थी. इस फ़िल्म को कई सकारात्मक प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं.
अभिनेता ने अपने लखनऊ दौरे पर सबसे पहले उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मुलाक़ात की थी.
यूपी सीएम के अलावा रजनीकांत की कुंडा से विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया से हुई भेंट पर भी चर्चा गर्म है.
राजा भैया ने रजनीकांत के साथ मुलाक़ात की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा है, "भारतीय सिनेमा के सुपरस्टार की मेज़बानी करना वाक़ई हमारे लिए सम्मान की बात है. रजनीकांत एक वर्सेटाइल एक्टर होने के साथ ही नेक आदमी हैं."
राजा भैया ने एक और ट्वीट में लिखा, "रामायण में 'थलाइवा' रजनीकांत का स्वागत करने का सौभाग्य मिला. वे देश के सबसे बड़े महानायक हैं लेकिन केवल फिल्म जगत में ही नहीं आध्यात्म और भक्ति के क्षेत्र में भी वे उन्नत व्यवस्था में हैं. उन्हें बाबा विश्वनाथ की विभूति, दिनकर जी की रश्मिरथी और गोमुख का गंगाजल सादर भेंट किया."
एक यूज़र ने इस मुलाक़ात की तस्वीर साझा करते हुए तंज़ किया, "रजनीकांत को क्या हो गया है? योगी के बाद अब रजनीकांत ने रघुराज प्रताप सिंह (कई अपराधों में अभियुक्त) से मिले."
एक अन्य यूज़र ने लिखा, "क्या आपको लगता है कि रजनीकांत नहीं जानते रघुराज प्रताप सिंह उर्फ़ राजा भैया कौन हैं?"
रजनीकांत ने उत्तर प्रदेश की इस यात्रा में पूर्व सीएम अखिलेश यादव से भी मुलाक़ात की.
दोनों की तस्वीर साझा करते हुए अख़िलेश यादव ने बताया कि दोनों की पहली मुलाक़ात 9 साल पहले हुई थी और तब से दोनों की दोस्ती है लेकिन वो मैसूर में इंजीनियरिंग की पढ़ाई के दौरान से ही रजनीकांत के फ़ैन हैं.
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