महाराष्ट्र: महिला का आरोप, 'प्रेमी ने जान लेने की कोशिश की, ड्राइवर ने चढ़ाई कार', क्या है पूरा मामला

    • Author, टीम बीबीसी
    • पदनाम, मराठी सेवा

महाराष्ट्र के ठाणे में एक युवती ने अपने कथित प्रेमी और एक वरिष्ठ अधिकारी के बेटे पर रेंज रोवर कार से कुचलने और जान से मारने की कोशिश के आरोप लगाये हैं.

पीड़ित लड़की गंभीर रूप से घायल है. एक इंस्टाग्राम पोस्ट के ज़रिए उन्होंने राज्य के एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी के बेटे पर जान से मारने की कोशिश के गंभीर आरोप लगाये हैं.

पीड़िता प्रिया सिंह एक सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर हैं. उन्होंने इंस्टाग्राम पोस्ट के ज़रिए दावा किया है कि उनके ‘बॉयफ्रेंड’ अश्वजीत सिंह गायकवाड ने उन्हें कार से कुचलवाकर जान से मारने की कोशिश की.

महाराष्ट्र पुलिस ने इस घटना के संबंध में मुक़दमा दर्ज कर लिया है और अश्वजीत गायकवाड़ के अलावा रोमिल पाटिल और सागर शेलके नाम के लोगों को अभियुक्त बनाया है.

ये एफ़आईआर धारा 279, 338, 323, 504 और 34 के तहत दर्ज की गई है. इसमें हत्या के प्रयास यानी धारा 307 को शामिल नहीं किया गया है. इस मामले में पुलिस ने अभी तक कोई गिरफ़्तारी भी नहीं की है.

प्रिया सिंह ने सोशल मीडिया पर दावा किया है, "मैंने चार दिन पहले भी एफ़आईआर दर्ज कराने की कोशिश की थी लेकिन पुलिस ने मेरी शिकायत नहीं दर्ज की. मेरे सोशल मीडिया पर पोस्ट करने के बाद पुलिस ने मुझसे संपर्क किया है और अब पुलिस सहयोग कर रही है."

पुलिस ने क्या कहा?

ठाणे के पुलिस आयुक्त अमर सिंह जाधव के मुताबिक़, "पीड़िता की अश्वजीत गायकवाड़, रोमिल पाटिल और सागर शेलके से बहस हो गई थी. पीड़िया के बयान के आधार पर भारतीय दंड संहिता की धारा 279, 338, 323, 504, 34 के तहत मामला दर्ज किया गया है. संदिग्धों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है."

वहीं पीड़िता प्रिया सिंह ने दावा किया है कि वो पिछले साढ़े चार साल से अश्वजीत गायकवाड़ के साथ रिलेशनशिप में थी और अभियुक्त ने उनसे शादी का वादा किया था.

प्रिया सिंह ने लिखा है, "अश्वजीत ने मुझे बताया था कि उसने अपनी पत्नी से तलाक़ ले लिया है और अब वो अलग रह रहा है. लेकिन जब मैंने घटना के दिन अश्वजीत को उसकी पत्नी के साथ देखा तब वह नाराज़ हो गया. इसलिए उसने मुझे जान से मारने की कोशिश की."

पीड़िता ने सुनाई अपनी आपबीती

पीड़िता प्रिया सिंह ने इस घटना के बारे में इंस्टाग्राम पर लिखा है और अपनी तस्वीरें भी साझा की हैं. उन्होंने पूरी घटना को भयावह बताया है.

उन्होंने आरोप लगाया, "मेरे बॉयफ्रेंड ने अपनी कार मेरे ऊपर चढ़ा दी और मुझे मरने के लिए सड़क पर छोड़ दिया."

प्रिया सिंह ने लिखा है, "सोमवार सुबह चार बजे मुझे मेरे प्रेमी (अश्वजीत गायकवाड़) का फ़ोन आया तो मैं उससे मिलने गई. वो अपने परिवार और हमारे कुछ कॉमन दोस्तों के साथ एक कार्यक्रम में थे. मैं भी उस कार्यक्रम में पहुंची."

"मैंने ध्यान दिया कि मेरा बॉयफ्रेंड अजीब व्यवहार कर रहा है. मैंने उससे पूछा कि क्या सब ठीक है और उससे अकेले में बात करने पर ज़ोर दिया. मैं कार्यक्रम से बाहर चली गई और उसका इंतज़ार करने लगी. वो अपने दोस्तों के साथ बाहर आया. मैंने उससे बात करने की कोशिश की लेकिन उसके दोस्त (रोमिल पाटिल) ने ऐसा नहीं करने दिया और मेरा अपमान किया."

प्रिया सिंह ने आरोप लगाया, "इससे तीख़ी बहस होने लगी. मेरे बॉयफ्रेंड और उसके दोस्त ने अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया. मैंने अपने बॉयफ्रेंड से कहा कि वो मेरा बचाव करे लेकिन इसके बाद जो हुआ वो मेरी कल्पना से बाहर था."

"मेरे बॉयफ्रेंड ने मुझे थप्पड़ मारा, मेरा गला दबाने की कोशिश की. जब मैंने उसे दूर धकेलना चाहा तो उसने मेरे हाथ पर काट लिया, मुझे पीटा और मेरे बाल खींचे. फिर अचानक उसके दोस्त ने मुझे धक्का देकर ज़मीन पर गिरा दिया."

महिला का आरोप

प्रिया सिंह ने लिखा, "इससे पहले कि मैं कुछ समझ पाती, वो कार की तरफ़ जाने लगे. मैं तुरंत अपने बॉयफ्रेंड की तरफ़ भागी जो अपनी कार के पास खड़ा था. मुझे अपना फ़ोन और बैग लेना था (उसने लड़ाई के दौरान मेरा सामना छीन कर अपनी कार में रख दिया था). जैसे ही मैं उसकी कार (रेंज रोवर डिफेंडर) के पास पहुंची, मैंने उसे उसके ड्राइवर (सागर) से ये कहते हुए सुना ‘उड़ा दे इसे’."

उन्होंने आरोप लगाया, "उसके ड्राइवर ने तेज़ी से कार मेरी तरफ बढ़ाई और वाहन की बायीं तरफ़ से मुझे टक्कर मार दी. मैं ज़मीन पर गिरी और कार का पिछला पहिया मेरी टांग के ऊपर से गुज़र गया. वो बीस-तीस मीटर दूर जाकर रुक गए. मैं दर्द में थी और उनकी तरफ़ हाथ से इशारा कर रही थी लेकिन वो वहां से भाग गए. मुझे ऐसे ही सड़क पर छोड़ दिया गया था."

"मैं तीस मिनट तक वहीं पड़ी. ना मेरे पास फ़ोन था या कोई मदद थी. एक अजनबी ने मुझे देखा और उसने पुलिस को इसकी सूचना दी. वो मेरे पास मदद करने के लिए खड़ा रहा. कुछ देर बाद मेरे बॉयफ्रेंड का ड्राइवर ये देखने के लिए आया कि मैं मर गई हूं या ज़िंदा हूं. ड्राइवर ने उस अजनबी को वहां देखा और फिर उसने मुझे अस्पताल ले जाने का तय किया ताकि पुलिस से बचा जा सके."

प्रिया ने आरोप लगाया, "अस्पताल के रास्ते में उसके ड्राइवर ने मुझे यह कहकर धमकाने की कोशिश की कि मामले में पुलिस को शामिल मत करो, तुम जानते हो कि चीचू भाई (अश्वजीत) के कितने कनेक्शन हैं. तुम कुछ भी नहीं कर पाओगी क्योंकि मैं सारी ज़िम्मेदारी अपने ऊपर ले लूंगा."

परिवार को धमकाने के आरोप

प्रिया ने लिखा, "अस्पताल पहुंचने के बाद मैंने कई बार अपना फ़ोन मांगा ताकि मैं अपने परिवार से संपर्क कर सकूं. जब डॉक्टरों ने मेरे परिजन को जानकारी देने का दबाव बनाया तब उसने मेरा फ़ोन दिया और मैं अपनी बहन को कॉल कर पाई."

सोशल मीडिया पर ये पोस्ट प्रिया ने गुरुवार को किया है. उन्होंने लिखा, "मुझे अब होश आ गया है. मेरी दाईं टांग टूट गई है और उसमें रॉड डालनी पड़ी है. मेरे पूरे शरीर पर खरोंचे हैं, मेरी बांहों, मेरी कमर और मेरे पेट के पास गहरे ज़ख़्म हैं. मैं अब कम से कम तीन से चार महीने बिस्तर पर पड़ी रहूंगी. पूर तरह ठीक होने में मुझे अगले छह महीनों तक सहारा लेना पड़ेगा."

प्रिया ने दावा किया है कि उनके बॉयफ्रेंड के दोस्त उनके परिवार को धमका रहे हैं और शिकायत वापस लेने का दबाव बना रहे हैं.

वो कहती हैं, "मैं अपने परिवार की प्रमुख कमाने वाली सदस्य हूं. साढ़े चार साल से मैं उसके साथ थी और वो मेरा हाल पूछने तक नहीं आया. इससे ये स्पष्ट है कि उसका इरादा मेरी जान लेने का था. पिछले दो दिनों से उसके कुछ दोस्त लगातार अस्पताल आ रहे हैं और मेरी बहन को धमकियां दे रहे हैं क्योंकि मैंने एफ़आईआर दर्ज करवा दी है. मैं डरी हुई हूं. मुझे अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा की चिंता है. मैं सुरक्षित महसूस नहीं कर रही हूं."

बीबीसी ने इस पूरे मामले पर अश्वजीत गायकवाड़ का पक्ष जानने की कोशिश की है लेकिन उनकी तरफ़ से कोई जवाब नहीं मिल सका है.

प्रिया की वकील ने क्या कहा

समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार ये मामला धारा 307 के तहत दर्ज किया जाना चाहिए था.

प्रिया की वकील दर्शना पवार ने कहा, "चार दिन हो चुके हैं. हम जांच अधिकारी से बार-बार कह रहे हैं कि वो धारा 307 और धारा 356 के तहत बयान दर्ज करें, लेकिन ऐसा अब तक नहीं हुआ है."

"अगर ऐसा नहीं हुआ तो हम हाई कोर्ट का रुख़ करेंगे. प्रिया को न्याय मिलना चाहिए."

विपक्ष के सवाल

इस घटना के बाद महाराष्ट्र में विपक्ष के नेता राज्य सरकार पर सवाल उठा रहे हैं और पूछ रहे हैं कि क्या राज्य में गुंडाराज आ गया है.

महाराष्ट्र कांग्रेस के महासचिव अतुल पाटिल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा है, "सत्ताधारी दल के विधायक पुलिस थाने में पुलिसकर्मियों पर गोली चला देते हैं. रिटायर्ड लोगों को क्यों बार-बार पद दिए जा रहे हैं, क्योंकि वो बहुत पैसा कमा रहे हैं? इन रिटायर्ड अधिकारियों के बेटे भ्रष्टाचार के ज़रिए कमाये गए पिता के पैसों का दिखावा कर रहे हैं."

उन्होंने लिखा, "एमएसआरडीसी के एमडी अनिल कुमार गायकवाड़ के बेटे अश्वजीत गायकवाड़ ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर एक लड़की को कुचल दिया. मामला दर्ज कर लिया गया है लेकिन अभियुक्त अभी तक फ़रार हैं. ये चल क्या रहा है?"

अभी तक इस घटना पर महाराष्ट्र सरकार की तरफ़ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.

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