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उदयपुर में आपसी विवाद में चाक़ू से घायल हुए छात्र की मौत, शहर में कैसे हैं हालात
- Author, मोहर सिंह मीणा
- पदनाम, जयपुर से, बीबीसी हिंदी के लिए
राजस्थान के उदयपुर में 16 अगस्त को आपसी विवाद में चाक़ू लगने से घायल छात्र की इलाज के दौरान सोमवार शाम को मौत हो गई.
उदयपुर के संभागीय आयुक्त राजेंद्र भट्ट और कलेक्टर अरविंद कुमार पोसवाल ने बीबीसी से छात्र की मौत की पुष्टि की है.
16 अगस्त से बंद इंटरनेट सेवाओं को अब एक बार फिर अगले चौबीस घंटे के लिए बढ़ा दिया गया है. अब 20 अगस्त की रात दस बजे तक इंटरनेट सेवाएं बंद रहेंगी. आगामी आदेश तक सभी स्कूल और कॉलेज बंद भी रहेंगे.
बीते चार दिन से छात्र का उदयपुर के महाराणा भूपाल राजकीय चिकित्सालय में इलाज चल रह था. राज्य सरकार ने जयपुर से तीन डॉक्टर्स की टीम भी उदयपुर भेजी थी.
उदयपुर के संभागीय आयुक्त राजेंद्र भट्ट ने बीबीसी से फ़ोन पर कहा, "बच्चे की इलाज के दौरान मौत हो गई है. सरकार और प्रशासन ने बच्चे को बचाने के लिए हर संभव प्रयास किया था."
अस्पताल में भारी पुलिस बल तैनात है. अस्पताल के सभी गेट बंद कर दिए गए हैं और किसी को भी अंदर नहीं जाने दिया जा रहा है. कलेक्टर, एसपी समेत सभी वरिष्ठ अधिकारी अस्पताल में मौजूद हैं.
उदयपुर पुलिस रेंज आईजी अजय पाल लांबा ने मीडिया से बातचीत में कहा है कि, "शहर में पुलिस बल तैनात है और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील है. जो भी उपद्रव करने का प्रयास करेगा उसके खिलाफ़ सख्ती से कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं."
आईजी लांबा ने कहा कि, "धारा 144 लागू है. अंतिम यात्रा में लोगों के शामिल होने पर कोई पाबंदी नहीं होगी."
क्या बच्चे की मौत के बाद मां ने अभियुक्त को फांसी नहीं होने तक शव लेने से इनकार किया है? इस सवाल पर आयुक्त भट्ट ने कहा है कि, "परिवार का यह अकेला बच्चा था."
उन्होंने कहा, "ऐसे में स्वाभाविक है कि मां चाहती हैं कि इनके बच्चे पर हमला करने वाले को कठोर सज़ा मिले. प्रशासन परिवार को समझाने का प्रयास कर रहा है."
छात्र की मौत के बाद पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने सोशल मीडिया एक्स पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि, 'उदयपुर में हुई घटना में घायल छात्र के निधन की दुःखद खबर प्राप्त हुई.'
"मैं शोकाकुल परिजनों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट करता हूँ. ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करे."
"साथ ही, मैं सभी से कानून व्यवस्था बनाए रखने की अपील भी करता हूँ. सरकार संवेदनशीलता प्रकट करते हुए प्रभावित परिवार को तत्काल उचित मुआवज़ा दे एवं शीघ्र न्याय दिलाए."
क्या है पूरा मामला?
उदयपुर के सोराजपोल थाना इलाके़ के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय भट्टियानी चौहट्टा में शुक्रवार सुबह क़रीब साढ़े दस बजे दो छात्रों के बीच झगड़ा हुआ. इस दौरान एक छात्र ने दूसरे पर चाकू से हमला कर दिया.
घायल छात्र को स्कूल के शिक्षकों ने चंद किलोमीटर की दूरी पर मौजूद जिला अस्पताल में भर्ती कराया.
घटना की सूचना मिलते ही शहर में हिंदू संगठन सड़कों पर उतर आए और उन्होंने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया.
इस दौरान शहर के कई इलाक़ों में भीड़ सड़कों पर उतर आई और पथराव करने लगी. कई गाड़ियों में आगज़नी और तोड़फोड़ की गई.
वहीं जिस अस्पताल में घायल छात्र को रखा गया था उस अस्पताल के बाहर बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हुए और नारेबाज़ी करने लगे. शनिवार सुबह भी अस्पताल में बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे.
शुक्रवार को घायल छात्र का ऑपरेशन हुआ था. बताया जा रहा है कि उसकी हालत में सुधार है.
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस, प्रशासन के अधिकारी और सांसद, विधायक भी अस्पताल पहुंचे. उन्होंने छात्र के स्वास्थ्य की जानकारी ली.
कॉपी-क़िताब मांगने से शुरू हुआ विवाद
राजस्थान पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बीबीसी को घटना के पीछे का कारण बताया था.
पुलिस अधिकारी ने कहा था, "दोनों बच्चे एक ही कक्षा में पढ़ते हैं. उनकी कॉपी और किताब को लेकर कहासुनी हुई. बेहद मामूली-सी यही बात बाद में बढ़ गई."
"ये मामला कॉपी-किताब से सीधा एक-दूसरे के फैमिली बैकग्राउंड तक पहुंच गया, फिर दोनों बच्चों का झगड़ा हुआ जिसमें एक ने दूसरे पर चाकू से हमला किया."
दोनों छात्रों के बीच कुछ दिन पहले से विवाद चल रहा था. लेकिन शुक्रवार को स्कूल में लंच टाइम के दौरान एक बार फिर दोनों का झगड़ा हुआ और एक छात्र ने दूसरे को चाकू मार कर घायल कर दिया.
छात्र को चाकू मारे जाने की ख़बर जैसे ही शहर में फैली, हिंदू संगठनों ने हाथीपोल, दिल्ली गेट, चेतक सर्किल समेत कई बाज़ार बंद करवा दिए.
इलाक़े में एक शॉपिंग मॉल पर पथराव किया गया, गाड़ियों में तोड़फोड़ और आगज़नी की गई. धर्म विशेष के स्थानों पर भी भीड़ ने उपद्रव किया.
इन सभी घटनाओं से जुड़े कई वीडियो भी सामने आए हैं. इनमें भीड़ नारेबाज़ी करते हुए तोड़फोड़ करती दिख रही है.
अभियुक्त के किराए के घर पर बुलडोज़र चलने पर विवाद भी पैदा हो गया था.
डूंगरपुर-बांसवाड़ा से सांसद राजकुमार रोत ने बुलडोज़र चलाने की कार्रवाई पर सवाल खड़े किए हैं.
राजकुमार रोत ने बीबीसी से कहा, "उदयपुर शहर में स्कूली बच्चों में चाकूबाज़ी की घटना निंदनीय है, दोषी को क़ानूनन जो भी सज़ा है वो जी दी जानी चाहिए. लेकिन, आज भाजपा सरकार ने नाबालिग के घर पर बुलडोज़र चलाकर धर्मवाद का ज़हर घोलने का काम किया है."
"जाति-धर्म को देखकर बुलडोज़र चलाना, इससे देश के भविष्य को नफऱत में धकेलने का काम हो रहा है."
इस घटना पर पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की थी.
चाकू मारने की घटना के बाद माध्यमिक शिक्षा राजस्थान के निदेशक आशीष मोदी ने गाइडलाइंस जारी कर स्कूलों में धारदार, नुकीला हथियार स्कूल में लाने पर पाबंदी लगाई है.
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मीडिया टीम ने बीबीसी को भेजे एक बयान में कहा था कि उपद्रव फैलाने वाले लोगों के ख़िलाफ़ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित