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'थप्पड़कांड' का वीडियो 17 साल बाद सामने आया, श्रीसंत की पत्नी बोलीं- शर्म करें ललित मोदी
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व तेज़ गेंदबाज एस श्रीसंत की पत्नी भुवनेश्वरी ने आईपीएल के पूर्व कमिश्नर ललित मोदी और पूर्व ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज़ माइकल क्लार्क की ख़ूब आलोचना की है.
दरअसल, माइकल क्लार्क के पॉडकास्ट में पहुंचे ललित मोदी ने हरभजन सिंह और श्रीसंत के बीच 17 साल पुराने 'थप्पड़कांड' का वीडियो जारी किया था.
17 साल पुराने इस वीडियो में हरभजन सिंह मैदान पर प्रतिद्वंद्वी टीम के खिलाड़ियों से हाथ मिलाते हैं लेकिन श्रीसंत को वह तमाचा मारते दिख रहे हैं. इसके बाद श्रीसंत मैदान पर ही रोने लगे.
क्रिकेट की दुनिया में यह मामला 'स्लैपगेट' के नाम से चर्चित हो गया था.
साल 2008 में आईपीएल के एक मुक़ाबले के दौरान ये मामला सामने आया था लेकिन इसका फ़ुटेज पहली बार ललित मोदी और क्लार्क ने जारी किया है.
यह मुक़ाबला मुंबई इंडियंस (एमआई) और पंजाब किंग्स (तब किंग्स इलेवन पंजाब) के बीच हुआ था. इसे ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज क्रिकेटर के 'बेयॉन्ड23' पॉडकास्ट के ताज़ा एपिसोड में दिखाया गया.
श्रीसंत की पत्नी ने क्या कहा
श्रीसंत की पत्नी भुवनेश्वरी ने इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा, ''ललित मोदी और माइकल क्लार्क आपको शर्म आनी चाहिए. आप लोगों में इतनी मानवीयता भी नहीं है. सस्ती पब्लिसिटी और व्यूज़ हासिल करने के लिए 2008 की घटना को घसीट लाए. हरभजन और श्रीसंत, दोनों के अब स्कूल जाने वाले बच्चे हैं. और अब आप उनके पुराने घावों को हरा कर रहे हैं. बिल्कुल ही घिनौना, निर्मम और अमानवीय काम है ये.''
उन्होंने लिखा, ''श्रीसंत ने अब अपने बेहद मुश्किल दिनों से निकलकर पूरी गरिमा और सम्मान के साथ जिंदगी दोबारा खड़ी की है. श्रीसंत की पत्नी और उनके बच्चों की मां होने के नाते हमारे परिवार के लिए इस वीडियो का 18 साल बाद दोबारा सामने आना बेहद दर्द भरा अनुभव है. परिवार को इस ट्रॉमा से दोबारा गुजरने के लिए बाध्य किया गया है. वीडियो को इसलिए जारी किया गया ताकि आप व्यूज़ ला सकें. लेकिन इसने बेकसूर बच्चों को चोट पहुंचाई है, जिन्हें अब सवालों का सामना करना पड़ेगा. उन्हें उस गलती के लिए शर्मिंदगी उठानी पड़ेगी जो उनकी नहीं थी.''
उन्होंने लिखा, ''आप लोगों पर इस घटिया और अमानवीय काम के लिए मुकदमा चलना चाहिए. श्रीसंत एक मजबूत और चरित्रवान व्यक्ति हैं. कोई भी वीडियो उनकी गरिमा नहीं छीन सकता. परिवारों को चोट पहुंचाने से पहले ईश्वर से डरिये. अपने फायदे के लिए बच्चों को मत घसीटिए.''
इसके बाद उन्होंने ललित मोदी और क्लार्क के पॉडकास्ट हैंडल को टैग करते हुए लिखा, ''सच का सामना करने के बजाय आपने मेरे कमेंट को डिलीट कर दिया. आप व्यूज़ के लिए पोस्ट लिख सकते हैं तो फिर इतनी हिम्मत रखिए कि सच को दिखा सकें.''
इस पूरे मामले पर सोशल मीडिया यूज़र्स भी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं.
जाने-माने क्रिकेट कमेंटेटर हर्षा भोगले ने एक्स पर लिखा, ''दिलचस्प है कि हरभजन-श्रीसंत का वीडियो 17 साल बाद बाहर आ गया है. हममें से बहुत कम लोगों ने इसे देखा था और हमने वादा किया था कि यह सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आएगा, क्योंकि आईपीएल अपने पहले साल में था और यह उसके लिए अच्छी ख़बर नहीं होती.''
आकाश नाम के यूजर ने लिखा, ''यह कोई "थप्पड़-थप्पड़" वाली बात नहीं थी, सच कहूं तो इसके बाद श्रीसंत संभल ही नहीं पाए क्योंकि उन्होंने कभी उम्मीद नहीं की थी कि बड़े भाई जैसे लगने वाले भज्जी ऐसा करेंगे. उनके कप्तान युवराज ने टीममेट का साथ देने के बजाय अपने दोस्त का पक्ष लिया.''
विशाल नाम एक यूजर ने एक्स पर लिखा, ''आईपीएल इतिहास के सबसे सनसनीख़ेज़ पलों में से एक भज्जी–श्रीसंत 'स्लैपगेट' की वो अनदेखी फुटेज, जो कभी प्रसारित नहीं हुई थी.''
इससे पहले ललित मोदी ने पॉडकास्ट का वीडियो रिलीज करते हुए एक्स पर लिखा, ''मेरे पॉडकास्ट बेयॉन्ड 23 पार्ट-3 में माइकल क्लार्क के साथ वह चर्चित 'थप्पड़ ' दिखाया गया है. मैं हरभजन सिंह से बहुत प्यार करता हूं. लेकिन 17 साल बाद अब इसे सामने लाने का समय आ गया था. अभी और भी बहुत कुछ बताने को है, लेकिन वह अब सिर्फ़ उस फ़िल्म में दिखेगा जिस पर काम चल रहा है और जिसे मेरी ओर से स्नेहा रजनी देख रही हैं, जो मेरे आईपीएल के चेयरमैन और कमिश्नर रहने के समय सोनी इंडिया की मार्केटिंग हेड थीं.''
हुआ क्या था?
25 अप्रैल 2008 को मोहाली में खेले गए आईपीएल मैच में किंग्स इलेवन पंजाब ने मुंबई इंडियंस को 66 रन से हराया था.
इसके बाद पुरस्कार वितरण के बीच अचानक टेलीविज़न स्क्रीन पर पंजाब के गेंदबाज़ श्रीसंत रोते हुए दिखाई दिए.
पता चला कि मुंबई के स्पिनर हरभजन सिंह ने किसी बात पर उत्तेजित होकर श्रीसंत को थप्पड़ मारा था.
हरभजन सिंह ने बाद में माफ़ी मांगी लेकिन उन्हें 11 मैचों का निलंबन और फ़ीस कटने जैसी सज़ा भी भुगतनी पड़ी. हरभजन सिंह को वह थप्पड़ करोड़ों रुपयों का पड़ा.
यह मामला तब इतना गर्माया था कि आईपीएल के तत्कालीन कमिश्नर ललित मोदी को हरभजन सिंह के साथ दिल्ली के एक पांच सितारा होटल में प्रेस कॉन्फ़्रेंस करनी पड़ी थी.
भारी अफ़रातफ़री के बीच हरभजन सिंह ने केवल सॉरी कहा था और तुरंत चले गए थे.
इस मामले में हरभजन सिंह और श्रीसंत बीसीसीआई के तत्कालीन जांच आयुक्त सुधीर नानावटी के सामने पेश हुए थे.
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने भी इस मामले में कड़ा रुख़ अपनाते हुए हरभजन सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी किया था.
हरभजन ने जताया था अफ़सोस
हाल ही में हरभजन सिंह ने पूर्व स्पिनर रविचंद्रन अश्विन के यूट्यूब चैनल पर इस घटना को याद करते हुए कहा था, "मेरी ज़िंदगी में अगर मुझे किसी एक घटना को बदलना हो तो वो श्रीसंत वाला वाकया होगा. मैं उस घटना को अपने करियर से मिटाना चाहता हूं जो कुछ हुआ, वो ग़लत था और मुझे वैसा नहीं करना चाहिए था. मैंने 200 बार माफ़ी मांगी है.''
''मुझे सबसे बुरा इस बात का लगता है कि उस घटना के सालों बाद भी हर मौक़े और हर मंच पर मुझे माफ़ी माँगनी पड़ी. ये मेरी ग़लती थी."
हरभजन ने इस शो में श्रीसंत की बेटी से मुलाक़ात का वाकया सुनाया था.
उन्होंने कहा था, ''कई सालों बाद भी मुझे जिस चीज ने सबसे ज़्यादा चोट पहुंचाई थी वो था उनकी बेटी से मिलना. उस घटना के काफ़ी साल बाद मैं उनकी बेटी से मिला और उनसे बहुत प्यार से बात कर रहा था. तभी उन्होंने कहा कि मैं आपसे बात नहीं करना चाहती.आपने मेरे पापा को मारा. यह सुनकर मेरा दिल टूट गया था. मेरी आंखों में आंसू आ गए थे. मैं खुद से सवाल कर रहा था कि मैंने उस बच्ची पर क्या छाप छोड़ी है? वो मुझे एक बुरा इंसान समझ रही होगी. वो मुझे एक ऐसे शख़्स के तौर पर देखती होगी जिसने उसके पापा को मारा.''
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित