सैफ़ अली ख़ान के जल्द ठीक होने पर महाराष्ट्र सरकार के मंत्री नितेश राणे ने उठाए सवाल

चाकू से हमले में घायल होने के बाद अभिनेता सैफ़ अली ख़ान ठीक होकर अस्पताल से घर लौट चुके हैं.

लेकिन अब उनके इतनी जल्दी ठीक होने पर ही सवाल खड़े होने लगे हैं. सवाल करने वालों में महाराष्ट्र के मंत्री और सरकार में शामिल शिवसेना के नेता हैं.

महाराष्ट्र में फडणवीस सरकार में मंत्री और बीजेपी नेता नितेश राणे ने सैफ़ अली ख़ान पर सवाल उठाते हुए पूछा है कि क्या उन पर सच में चाकू से हमला हुआ या फिर वह सिर्फ़ एक्टिंग कर रहे थे.

इससे पहले शिवसेना नेता संजय निरुपम ने भी कहा था कि सैफ़ अली ख़ान पाँच दिन में इतने फ़िट कैसे हो गए.

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सैफ़ की रिकवरी पर सवाल

सैफ़ अली ख़ान पर हमले के आरोप में पुलिस ने ठाणे से अभियुक्त को गिरफ़्तार किया.

अभियुक्त का नाम मोहम्मद शरीफ़ुल इस्लाम शहज़ाद बताया गया है. साथ ही पुलिस ने अभियुक्त के बांग्लादेशी होने का संदेह भी ज़ाहिर किया था.

महाराष्ट्र सरकार में पोर्ट्स एंड फ़िशरीज़ मंत्रालय का ज़िम्मा संभालने वाले नितेश राणे ने पुणे में बुधवार को एक सभा को संबोधित किया.

इस दौरान उन्होंने कहा, "देखिए बांग्लादेशी मुंबई में क्या कर रहे हैं. वो सैफ़ अली ख़ान के घर में घुस गए. पहले वो सड़क-चौराहों पर खड़े हुए करते थे, लेकिन अब ये लोग घरों में घुसने लगे हैं. हो सकता है कि वो उन्हें (सैफ़) ले जाने आया हो. अच्छा है."

नितेश राणे ने कहा, "मैंने उन्हें अस्पताल से बाहर निकलते देखा. मुझे संदेह हुआ कि उन पर चाकू से हमला हुआ था या वह एक्टिंग कर रहे थे. वो जब चल रहे थे तो डांस कर रहे थे. जब भी शाहरुख ख़ान या सैफ़ अली ख़ान जैसे किसी ख़ान को चोट आती है तो हर कोई उनके बारे में बात करना शुरू कर देता है."

नितेश राणे ने कहा, "जब सुशांत सिंह राजपूत जैसे किसी हिंदू अभिनेता के साथ उत्पीड़न होता है तब कोई कुछ कहने के लिए आगे नहीं आता. इस बारे में मुंबरा के जीतूद्दीन (जितेंद्र आव्हाड) और बारामती की ताई (सुप्रिया सुले) कुछ कहने के लिए आगे नहीं आते. उन्हें केवल सैफ़ अली ख़ान, शाहरुख ख़ान के बेटे और नवाब मलिक की चिंता है. क्या आपने इन लोगों को हिंदू कलाकारों के बारे में चिंतित होते देखा है? आपको इन सब बातों पर ध्यान देना चाहिए."

जितेंद्र आव्हाड और सुप्रिया सुले राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के नेता हैं.

संजय निरुपम ने भी उठाए सवाल

शिवसेना नेता संजय निरुपम ने सैफ़ अली ख़ान की रिकवरी के बारे में सवाल किया कि क्या मेडिकल सेक्टर ने इतनी तरक्की कर ली है कि हमले के बाद सैफ़ कूदते-डांस करते हुए घर पहुंच गए.

उन्होंने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, "जब उन पर (सैफ़) हमला हुआ था तब डॉक्टरों ने बताया था कि उनकी पीठ में ढाई इंच का चाकू घुस गया था. डॉक्टरों ने ये भी बताया कि छह घंटे तक ऑपरेशन चला. उसके बाद ऑटोवाले ने बताया कि लहूलुहान अवस्था में ये स्ट्रेचर पर अस्पताल पहुंचाए गए थे."

संजय निरुपम ने पूछा, "मेडिकल सेक्टर इतना तरक्की कर गया है कि चार दिन बाद उसके बाद मैं देखता हूं कि सैफ़ अली ख़ान साहब एकदम उछलते-कूदते अपने घर लौट आते हैं. मेरे मन में सवाल उठा कि क्या सैफ़ फ़िज़िकली इतने फ़िट हैं, उसकी वजह से इतना फ़ास्ट रिकवर किए? या वह जिम जाते हैं इसलिए रिकवर किया इतना फ़ास्ट? या कोई और कारण है. बताया जाना चाहिए कि जो हमला था वो कितना घातक था."

संजय निरुपम ने ये भी कहा कि परिवार को इस हमले के बारे में सामने आकर सभी बातें बतानी चाहिए.

उन्होंने कहा कि हमले के बाद ऐसा माहौल बनाया गया कि पूरे मुंबई में क़ानून व्यवस्था फेल हो चुकी है. जबकि चार दिन बाद सैफ़ अली ख़ान जिस तरह से बाहर आए, उसे देखकर ऐसा लगा ही नहीं कि कुछ हुआ था.

सैफ़ अली ख़ान पर हमला

सैफ़ अली ख़ान पर 15-16 जनवरी की दरमियानी रात उनके बांद्रा स्थित घर में एक अज्ञात शख़्स ने कई बार चाकू से वार किया था. इसके बाद सैफ़ अली ख़ान को लीलावती अस्पताल में भर्ती कराया गया था.

इस हमले में सैफ़ अली ख़ान को छह जगह चोट आई, जिसमें उनकी रीढ़ और गर्दन पर गहरे घाव थे. सैफ़ अली ख़ान की सर्जरी की गई.

डॉक्टरों ने बताया कि "सैफ़ अली ख़ान की रीढ़ से चाकू का ढाई इंच लंबा टुकड़ा निकाला गया."

सैफ़ अली ख़ान मंगलवार को लीलावती अस्पताल से डिस्चार्ज हुए. पुलिसकर्मियों से घिरे सैफ़ अली ख़ान ने अस्पताल से बाहर आने पर मौजूद प्रशंसकों और मीडियाकर्मियों का अभिवादन किया और वहां से चले गए.

पुलिस और सैफ़ अली ख़ान की टीम ने कहा कि ये घुसपैठिया चोरी के इरादे से सैफ़ अली ख़ान के घर में घुसा था.

पुलिस ने बीते रविवार को मोहम्मद शरीफ़ुल इस्लाम शहज़ाद नाम के शख़्स को गिरफ़्तार किया था. अभियुक्त को पाँच दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया है.

पुलिस ने बताया कि 30 वर्षीय शहज़ाद कुछ दिन मुंबई रहकर वहां से चले गए थे. पुलिस ने ये भी कहा कि वह बांग्लादेश के नागरिक हो सकते हैं.

ज़ोन-9 के पुलिस उपायुक्त दीक्षित गेडाम ने अभियुक्त की गिरफ़्तारी के बाद कहा, "ऐसा शक है कि अभियुक्त बांग्लादेशी मूल का है और इस मामले में पासपोर्ट एक्ट से जुड़ी उचित धारा भी इसमें जोड़ी गई हैं. घटना के वक़्त अभियुक्त चोरी के इरादे से घर में घुसा था.

शिकायत में क्या बताया गया?

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, सैफ़ अली ख़ान के घर की स्टाफ़ नर्स इलियामा फ़िलिप्स ने अपनी शिकायत में पुलिस को बताया कि हमलावर ने एक करोड़ रुपये की मांग की थी.

शिकायत के हवाले से पीटीआई की रिपोर्ट में बताया गया कि घुसपैठिया सबसे पहले सैफ़ और करीना के छोटे बेटे जेह के कमरे में घुसा.

नर्स ने पुलिस को बताया कि रात दो बजे उन्होंने जेह के कमरे से कोई आवाज़ सुनी और बाथरूम की लाइट भी ऑन थी.

नर्स के मुताबिक़, "मैं ये देखने के लिए उठी कि बाथरूम में कौन है, तब मैंने एक दुबले-पतले आदमी को जेह के बेड की ओर जाते देखा. इस शख्स के बाएं हाथ में डंडा था और दाएं में एक धारदार ब्लेड."

"हाथापाई में उसने मुझ पर ब्लेड से हमला किया और मेरी कलाई पर चोट लगी. मैंने उससे पूछा कि क्या चाहिए तो उसने कहा एक करोड़ रुपये."

इसके बाद नैनी ने आवाज़ लगाई तो सैफ़ और करीना भी हॉल में आए. नर्स ने पुलिस से कहा, "घुसपैठिये ने सैफ़ पर हमला किया. घर में मौजूद बाकी स्टाफ़ भी भागकर आए."

बयान के अनुसार घुसपैठिया सैफ़ के साथ हाथापाई करने लगा. लेकिन कुछ देर बाद मेन दरवाज़ा खुला था और घुसपैठिया भाग चुका था.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित

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