You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
डीपसीक एआई से जुड़े पाँच सवालों के जवाब जानिए
चीनी कंपनी डीपसीक के एआई चैटबॉट की दुनियाभर में चर्चा हो रही है. 20 जनवरी को लॉन्च हुए डीपसीक ने सीधे तौर पर चैटजीपीटी को चुनौती दी है.
डीपसीक के ऐप फ्री होने की वजह से एपल स्टोर और गूगल प्ले स्टोर पर इसके डाउनलोड होने की संख्या कम ही दिनों में बहुत ज़्यादा है.
इस बात को लेकर भी हैरानी जताई जा रही है कि कैसे कम पैसे में बने होने के बावजूद यह ऐप और कंपनी अमेरिकी कंपनियों को चुनौती देने में कामयाब रही.
डीपसीक क्या है, यह कैसे काम करता है, यह चैपजीपीटी से कैसे अलग है, डीपसीक कंपनी का मालिक कौन हैं आइए ऐसे तमाम सवालों के जवाब जानने की कोशिश करते हैं.
बीबीसी हिंदी के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें
डीपसीक क्या है?
डीपसीक एक चीनी आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस कंपनी है, जिसका गठन चीन के दक्षिण पूर्वी शहर हांगचो में हुआ है.
मोबाइल ऐप के मार्केट इंटेलिजेंस प्लेटफ़ॉर्म सेंसर टावर के मुताबिक़, जुलाई 2023 में कंपनी को लॉन्च किया गया था लेकिन इसके चर्चित एआई असिस्टेंट ऐप को अमेरिका में 10 जनवरी तक रिलीज़ नहीं किया गया था.
चैटजीपीटी और डीपसीक दोनों ही एआई-पावर्ड चैटबॉट हैं. इन दोनों में सबसे बड़ा अंतर सब्सक्रिप्शन की क़ीमत का है.
चैटजीपीटी और डीपसीक यूजर्स के इस्तेमाल के लिए फ्री में उपलब्ध हैं. हालांकि इनकी प्रीमियम सर्विस और बेहतर अनुभव के लिए सब्सक्रिप्शन लेना ज़रूरी है. चैटजीपीटी के सब्सक्रिप्शन के लिए 20 अमेरिकी डॉलर प्रति महीने खर्च करने पड़ते हैं.
वहीं डीपसीक की प्रीमियम सर्विस महज 0.50 अमेरिकी डॉलर प्रति महीने की कीमत पर उपलब्ध है.
डीपसीक और चैटजीपीटी का काम करने का तरीका लगभग एक जैसा ही है. लेकिन दोनों की प्रोसेस में काफी अंतर है. चैटजीपीटी ने यूजर्स के इनपुट के आधार पर अपने अनुभव को बेहतर किया है. लेकिन डीपसीक अभी नया है और उसका डेटा सीमित है.
डीपसीक कुछ अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े सवालों के जवाब को टाल देता है. वहीं चैटजीपीटी ऐसा नहीं करता है.
डीपसीक क्या करता है, इसकी मूल कंपनी और हेड कौन हैं?
डीपसीक को ऐसे ऐप के तौर पर डिजाइन किया गया है, जिससे आपके सवालों के जवाब मिले और आपको काम में आसानी हो.
इसे लिआंग वेनफेंग ने निवेशक जुटाकर बनाया है. वह 40 वर्षीय एक इन्फ़ॉर्मेशन और इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग ग्रैजुएट हैं.
विशेषज्ञों का मानना है कि तक़रीबन 50,000 चिप्स के कलेक्शन के ज़रिए उन्होंने डीपसीक लॉन्च किया. उन्होंने इन चिप्स को सस्ती और लोवर एंड चिप्स के साथ इस्तेमाल किया जो कि अब भी चीन में आयात होती हैं.
लिआंग को हाल ही में उद्योग के विशेषज्ञों और चीन के प्रधानमंत्री ली कियांग के साथ बैठक करते हुए देखा गया था.
डीपसीक भारत में फ्री में इस्तेमाल करने के लिए उपलब्ध है और इसे गूगल प्ले स्टोर और एपल स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है.
डीपसीक का मुक़ाबला किससे है और क्या हैं इसकी ख़ूबियां
एआई चैटबॉट होने की वजह से डीपसीक की सीधी टक्कर ओपन एआई के चैटजीपीटी, गूगल के जैमिनी और माइक्रोसॉफ्ट के को पायलट से है.
डीपसीक ओपन सोर्स टेक्नोलॉजी पर काम करता है. ओपन सोर्स होने की वजह से डेवलपर्स और रिसर्चर्स इसे बेहतर बनाने के लिए आइडियाज शेयर कर सकते हैं.
डीपसीक का दावा है कि ये ओपन एआई की तुलना में काफ़ी कम ख़ीमत में बना है. इस ऐप के पीछे रहे रिसर्चरों का कहना है कि इसे बनाने में सिर्फ़ 60 लाख डॉलर की लागत आई है.
वहीं अमेरिका में एआई कंपनियों ने अपने एआई ऐप बनाने में अरबों डॉलर के खर्च किए हैं.
कम खर्च में तैयार होने की वजह से डीपसीक ने अमेरिकी कंपनी एनवीडिया को काफी नुकसान पहुंचाया है. सोमवार को एनवीडिया ने तक़रीबन 600 अरब डॉलर की अपनी मार्केट वैल्यू को गंवा दी.
फ़ोर्ब्स के मुताबिक़, बाज़ार पूंजी के लिहाज़ से एनवीडिया दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनी रही है लेकिन सोमवार को ये ऐपल और माइक्रोसॉफ़्ट के बाद तीसरे स्थान पर आ गई क्योंकि इसकी मार्केट वैल्यू 3.5 ट्रिलियन डॉलर से घटकर 2.9 ट्रिलियन रह गई.
चैटजीपीटी क्या है?
चैटजीपीटी भी एक चैटबॉट है जो आपके कई तरह के सवालों का लिखित और लगभग सटीक जवाब दे सकता है. ये चैटबॉट आप की निजी समस्याओं पर भी सलाह दे सकता है.
चैटजीपीटी लगभग 100 भाषाओं में उपलब्ध है लेकिन ये अंग्रेज़ी में सबसे सटीक है.
इस सिस्टम को OpenAI नाम की कंपनी ने साल 2015 में सैम एल्टमेन और एलॉन मस्क ने विकसित किया था. एलन मस्क साल 2018 में इससे अलग हो गए थे.
जैमिनी और माइक्रोसॉफ्ट को पायलट क्या हैं?
जैमिनी और माइक्रोसॉफ्ट को पायलट भी एआई चैटबॉट हैं. माइक्रोसॉफ्ट ने कोर्टाना को रिप्लेस करने के लिए 2023 में को पायलट को लॉन्च किया और इसे माइक्रोसॉफ्ट 365 ऐप्स के साथ लिंक किया गया.
माइक्रोसॉफ्ट के आउटलुक, वर्ड, पॉवर प्वाइंट और एक्सल ऐप के साथ को पायलट को क्लब करके इस्तेमाल किया जा सकता है.
वहीं गूगल ने बर्ड ऐप को रिप्लेस को करते हुए 2024 में जैमिनी को लॉन्च किया. को पायलट की तरह जैमिनी भी आपके डेटा के साथ सिंक हो जाता है.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)