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इसराइल की ईरान को धमकी- बेरूत और ग़ज़ा जैसा करेंगे हाल, ईरानी कमांडर बोला- पूरी है तैयारी
इसराइल की लेबनान और ग़ज़ा में जारी बमबारी के बीच इसराइली रक्षा मंत्री ने ईरान को लेकर एक बड़ा बयान दिया है.
रक्षा मंत्री योआव गैलेंट ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा है कि ‘अगर इसराइल को इस्लामिक रिपब्लिक नुक़सान पहुंचाना चाहता है, तो उसका हाल भी ग़ज़ा या बेरूत जैसा हो सकता है.’
गैलेंट के बयान के अलावा ईरान की इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) नौसेना के कमांडर का एक बयान भी सामने आया है जिसमें उन्होंने कहा है कि ‘हम किसी भी तरह की स्थिति के लिए तैयार हैं.’
ईरान के हालिया मिसाइल हमलों को लेकर इसराइल के रक्षा मंत्री ने रविवार को कहा कि ईरान ने इसराइली वायु सेना के दो अड्डों को निशाना बनाया लेकिन ‘ईरानी हमारी एयर फ़ोर्स के किसी भी साज़ो-सामान या विमान को नुक़सान नहीं पहुंचा सके.’
इसके बाद इसराइली रक्षा मंत्री ने कहा, “जो भी हमें नुक़सान पहुंचाकर हमें रोकने की सोच रहा है उसे देखना चाहिए कि हमने बेरूत और ग़ज़ा में क्या कुछ हासिल कर लिया है.”
युद्ध भड़कने की आशंका
हाल में इसराइल की ओर ईरान ने दूसरी बार मिसाइलें दागी थीं जिसे उसने जवाबी कार्रवाई बताया था. इसके बाद से इस क्षेत्र में तनाव बढ़ने और युद्ध भड़कने की आशंकाएं लगाई जा रही हैं.
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में हुए सत्रों में अमेरिका और ब्रिटेन समेत पश्चिमी देश इसराइल के आत्मरक्षा के अधिकार की वकालत कर चुके हैं, साथ ही वो संघर्ष रोकने के लिए तुरंत संघर्ष विराम की भी अपील कर रहे हैं.
इसराइल के प्रधानमंत्री ने हाल में ईरान के रॉकेट दागने को ‘इतिहास में बैलिस्टिक मिसाइलों का सबसे बड़ा हमला बताया था.’ उन्होंने कहा था कि ईरान को इस कार्रवाई के लिए क़ीमत चुकानी होगी.
ईरान ने कहा है कि इसराइल पर उसका सीधा हमला तेहरान में हमास के राजनीतिक कार्यालय के प्रमुख इस्माइल हनिया, बेरूत में हिज़्बुल्लाह के सेक्रेटरी जनरल हसन नसरल्लाह और क़ुद्स फ़ोर्स के सीनियर कमांडर ब्रिगेडियर जनरल अब्बास नीलफ़रोशां की मौत की जवाबी कार्रवाई है.
आईआरजीसी के नौसेना कमांडर ने क्या कहा?
ईरान के इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कोर नेवी के कमांडर ने कहा है कि 'आग से खेलने वाले नेतन्याहू के लिए हमने अलग-अलग योजनाएं तैयार की हैं.'
आईआरजीसी नेवी कमांडर रियर एडमिरल अलीरज़ा तंगसिरी ने ईरान के अरबी भाषा के न्यूज़ चैनल अल-आलम सेदाव-सिमा से बातचीत की है.
इस बातचीत के दौरान उन्होंने ‘दुश्मनों’ को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर वो इस क्षेत्र में ‘आग से खेलना चाहते हैं’ तो उन्हें इससे निपटना होगा.
तंगसिरी ने कहा कि अगर ‘हमारे राष्ट्रीय और इस्लामी हितों पर प्रभाव नहीं पड़ता है तो हम इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं देंगे.’
80 के दशक से फ़ारस की खाड़ी की सुरक्षा की ज़िम्मेदारी आईआरजीसी नौसेना के पास है.
आईआरजीसी नौसेना के कमांडर ने ज़ोर देते हुए कहा है कि उनकी सेना किसी भी तरह की स्थिति के लिए तैयार है.
उन्होंने कहा, “नेतन्याहू आग से खेल रहे हैं और इसे भड़का रहे हैं और हमने इसके लिए अलग योजना की तैयारी की हुई है.”
ईरान के तेल मंत्री क्या कर रहे हैं?
ईरान के तेल मंत्री मोहसिन पाकनेजाद ने खारग आईलैंड में देश के तेल से जुड़े केंद्रों का दौरा किया है. इसके साथ ही उन्होंने आईआरजीसी नौसेना के फ़ोर्थ रीजन कमांडर से मुलाक़ात की है.
इस बैठक के दौरान तेल मंत्री ने मोहम्मद हुसैन बारगाह की तारीफ़ करते हुए कहा कि उन्होंने सुरक्षा बरक़रार रखी है.
पाकनेजाद के खारग आईलैंड के दौरे को इसराइल के ईरान के तेल केंद्रों पर संभावित हमलों की आशंकाओं से जोड़कर देखा जा रहा है.
आईआरजीसी नौसेना के फ़ोर्थ रीजन को देश की महत्वपूर्ण जगहों की सुरक्षा के लिए ज़िम्मेदार माना जाता है. इनमें दक्षिण फ़ारस के तेल प्लटेफ़ॉर्म और दूसरे केंद्र शामिल हैं.
खारग आईलैंड ईरान का मुख्य तेल निर्यात टर्मिनल है. आठ साल तक चली ईरान-इराक़ जंग के दौरान इराक़ी वायु सेना ने इसे कई बार निशाना बनाया था.
खारग पर बम बरसाना कितना मुश्किल है?
बीबीसी के सिक्योरिटी कॉरेस्पॉन्डेंट फ़्रैंक गार्डनर ने कहा कि खारग पर बम गिराना बड़ा जटिल है क्योंकि इसराइली वायु सेना के विमानों को अरब देशों के हवाई क्षेत्र को पार करना होगा और इसके लिए तेल भी भरने की ज़रूरत होगी.
फ़्रैंक गार्डनर के मुताबिक़, अगर ऐसा होता है तो तेल के दाम तेज़ी से बढ़ेंगे और ईरान भी मज़बूती से पलटवार करेगा, अमेरिका ने भी इसराइल को सलाह दी है कि वो सावधानी बरते.
आईआरजीसी के डिप्टी कमिश्नर अली फ़दावी ने तीन दिन पहले ही चेतावनी दी है कि अगर इसराइल ‘ग़लती करता है तो हम उसके सभी ऊर्जा स्रोतों, प्लांटों और सभी तेल रिफ़ाइनरी और गैस के कुओं को निशाना बनाएंगे.’
उन्होंने कहा, “ईरान एक बड़ा और फैला हुआ देश है और उसके कई आर्थिक केंद्र हैं जबकि इसराइल के पास तीन पावर प्लांट और कई रिफ़ाइनरियां हैं. हम इन सभी को एक झटके में निशाना बना सकते हैं.”
फ़दावी उन लोगों में शामिल हैं जो उस समय वॉर रूम में बैठे थे जब बीते हफ़्ते ईरान ने इसराइल पर हमला किया था.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित