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यति नरसिंहानंद के आपत्तिजनक बयान पर एफ़आईआर, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में सड़कों पर उतरे लोग
उत्तर प्रदेश के ग़ाज़ियाबाद के डासना शिवशक्ति धाम के महंत और जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद की पैगंबर मोहम्मद के ख़िलाफ़ आपत्तिजनक टिप्पणी पर यूपी और महाराष्ट्र में प्रदर्शन हुए हैं.
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में यति नरसिंहानंद पैगंबर मोहम्मद के ख़िलाफ़ आपत्तिजनक बयान देते दिख रहे हैं.
यति नरसिंहानंद के बयान के ख़िलाफ़ यूपी के गाज़ियाबाद और बुलंदशहर में लोगों ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किए. पुलिस ने कहा है कि बुलंदशहर के सिकंदराबाद में लोगों ने पुलिसवालों पर पथराव भी किया.
वहीं महाराष्ट्र के अमरावती में शुक्रवार को यति नरसिंहानंद के बयान का विरोध कर रहे लोगों ने भी पुलिस पर पथराव किया.
यति नरसिंहानंद के ख़िलाफ़ एफआईआर में क्या है?
यूपी की गाज़ियाबाद पुलिस ने इस मामले में यति नरसिंहानंद के ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज की है. एफआईआर में नरसिंहानंद पर सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाला बयान देने का आरोप लगाया गया है.
इसमें कहा गया है कि उनके नफरती भाषण का वीडियो वायरल किया जा रहा है. इससे शांति, कानून-व्यवस्था और सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ सकता है.
इस वीडियो की वजह से यूपी के गाज़ियाबाद और सिकंदराबाद में तनाव की स्थिति दिखी.
यति नरसिंहानंद के इस बयान के ख़िलाफ़ जमीयत-उलेमा-हिंद ने गाज़ियाबाद के पुलिस कमिश्नर से कार्रवाई की मांग की है. इसने दिल्ली के आईपीएस थाने में भी उनके ख़िलाफ़ शिकायत भी दर्ज कराई है.
तीन अक्टूबर को जमीयत-उलेमा-हिंद ने अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिख कर यति नरसिंहानंद के ख़िलाफ़ तुरंत कार्रवाई की मांग की थी.
यति नरसिंहानंद पहले भी मुसलमानों के ख़िलाफ़ भड़काऊ बयान देते रहे हैं. ऐसे बयानों की वजह से उनके ख़िलाफ़ कई केस दर्ज हुए हैं. 2022 में उन्होंने हरिद्वार के एक कार्यक्रम में मुस्लिमों के ख़िलाफ़ खुलेआम हिंसा की धमकी दी थी.
यूपी में यति नरसिंहानंद के बयान के ख़िलाफ़ प्रदर्शन, पथराव
बीबीसी के सहयोगी पत्रकार मोहम्मद जावेद चौधरी ने बताया कि डासना देवी मंदिर के महंत यति नरसिंहानंद की ओर से 29 सितंबर को दिए गए भड़काऊ बयान के बाद बुलंदशहर के सिकंदराबाद में उनके ख़िलाफ़ प्रदर्शन हुए. प्रदर्शन के दौरान पथराव हुआ. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया.
पुलिस ने बताया कि उसने प्रदर्शन कर रहे आठ लोगों को हिरासत में लिया है.
वहीं ग़ाजियाबाद के मसूरी थाना इलाके में नरसिंहानंद का पुतला जलाने के आरोप में 200 अज्ञात लोगों के ख़िलाफ मुकदमा दर्ज किया गया.
हालांकि यूपी में हुए प्रदर्शन के बारे में पुलिस ने कहा है कि डासना मंदिर के बाहर कुछ लोगों ने शोर-शराबा किया था जिन्हें हटा दिया गया.
महाराष्ट्र में क्या हुआ?
यति नरसिंहानंद के बयान के ख़िलाफ महाराष्ट्र के अमरावती में भी लोगों ने प्रदर्शन किया.
बीबीसी मराठी सेवा की ख़बरों के मुताबिक़ शुक्रवार की रात को यति नरसिंहानंद के ख़िलाफ़ मामला दर्ज करने की मांग लेकर बड़ी तादाद में लोग अमरावती के नागपुरी गेट पुलिस स्टेशन पर भीड़ जमा हो गई और पुलिस स्टेशन पर पथराव किया.
रात में सैकड़ों लोगों की भीड़ की ओर से थाने पर हमला करने से अमरावती में तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई. घटना में पुलिस थाने का नुकसान पहुंचा है. पुलिस वैन और कुछ दोपहिया वाहनों को भी नुकसान पहुंचा है.
पुलिस ने बताया कि पथराव में कुछ पुलिसकर्मी और अधिकारी घायल हो गए. नागपुरी गेट पुलिस स्टेशन में कर्फ्यू लगा दिया गया है. रात बारह बजे के बाद ही हालात काबू में आए.
नागपुरी गेट थाने पर पथराव करने वाली भीड़ में शामिल कुल 1200 लोगों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया गया है. पथराव, पुलिस पर हमला, थाने में तोड़फोड़, पुलिस वैन तोड़ने के मामले में पुलिस ने केस दर्ज किए हैं.
जिन लोगों पर आरोप लगाए गए हैं उनमें से 26 लोगों की पहचान कर ली गई है. पुलिस ने लोगों से अफवाहों पर विश्वास न करने को कहा है.
ओवैसी बोले, यति नरसिंहानंद को फिर जेल भेजा जाए
इस बीच, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन यानी एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने शनिवार को हैदराबाद के पुलिस कमिश्नर सीवी आनंद को ज्ञापन देकर पैगंबर मोहम्मद के ख़िलाफ़ आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले यति नरसिंहानंद के ख़िलाफ़ क्रिमिनल केस दर्ज करने की मांग की.
अपनी पार्टी के विधायकों और नेताओं के साथ पुलिस कमिश्नर को ज्ञापन देने पहुंचे ओवैसी ने पत्रकारों से कहा, ''यति नरसिंहानंद को हेट स्पीच देने के आरोप में जेल भेजा गया था. उन्हें जिन शर्तों पर जमानत दी गई थी उनमें ये कहा गया था कि दोबारा हेट स्पीच नहीं देंगी. अब उन्होंने फिर नफरत फैलाने वाला बयान दिया है. इसलिए उनकी जमानत खारिज की जानी चाहिए. उन्होंने कहा कि यति नरसिंहानंद के ख़िलाफ़ मामला दर्ज कर जेल भेजा जाए.''
कौन हैं यति नरसिंहानंद?
यति नरसिंहानंद सरस्वती ग़ाज़ियाबाद ज़िले के डासना क़स्बे में देवी मंदिर के 'पीठाधीश' हैं और अब जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर भी हैं.
ये वही देवी मंदिर है, जिसके गेट के बाहर बड़े-बड़े अक्षरों में लिखा है- यहाँ मुसलमानों का प्रवेश वर्जित है.
2022 में हरिद्वार में हुई धर्म संसद के दौरान उन्होंने मुसलमानों के ख़िलाफ़ भड़काऊ भाषण दिए गए थे.
उन्होंने कहा था, ".... मुसलमानों को मारने के लिए तलवार की आवश्यकता नहीं होगी, क्योंकि तलवार से आपसे वो मरेंगे भी नहीं. आपको टेकनिक में उनसे आगे जाना होगा."
यति नरसिंहानंद पहले भी अपने बयानों और कामों के चलते विवादों में रहे हैं.
उन पर पैग़ंबर मोहम्मद के ख़िलाफ़ अपमानजक भाषा का इस्तेमाल करने और मुस्लिम समुदाय की धार्मिक भावनाओं को आहत करने का भी आरोप लग चुका है.
अप्रैल 2021 में में आम आदमी पार्टी के विधायक अमानतुल्लाह ख़ान ने यति नरसिंहानंद के ख़िलाफ़ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी. उनका आरोप था कि महंत ने पैग़ंबर मोहम्मद के ख़िलाफ़ अपमानजक भाषा का इस्तेमाल किया है और मुस्लिम समुदाय की धार्मिक भावनाओं को आहत किया है.
शिकायत करने के एक दिन बाद दिल्ली पुलिस में अमानतुल्लाह ख़ान के ख़िलाफ़ कथित तौर पर यति नरसिंहानंद को धमकाने के मामले में शिकायत दर्ज हुई. हालांकि, पुलिस ने खुद संज्ञान लेते हुए यति नरसिंहानंद के ख़िलाफ़ भी एफ़आईआर दर्ज की.
2022 के मार्च को डासना के देवी मंदिर के नल से पानी पीने गए एक मुसलमान बच्चे को बेरहमी से पीटा गया. इसका वीडियो वायरल हो गया था. बाद में यति नरसिंहानंद ने बच्चे पर किए गए हमले को सही ठहराया और कहा कि बच्चा मंदिर का अपमान कर रहा था.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़ रूम की ओर से प्रकाशित