नागपुर हिंसा मामले में पुलिस की एफ़आईआर में क्या दर्ज है? जानिए 10 बड़ी बातें

पुलिस और आग

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इमेज कैप्शन, महाराष्ट्र पुलिस ने 51 संदिग्धों के खिलाफ मामला दर्ज किया है.
    • Author, भाग्यश्री राउत
    • पदनाम, बीबीसी मराठी के लिए

महाराष्ट्र के नागपुर में हुई हिंसा के मामले में 27 संदिग्धों को प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट में पेश किया गया.

मजिस्ट्रेट सुल्ताना मैमुना ने मंगलवार को सुनवाई के दौरान 17 संदिग्धों को 21 मार्च तक के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया और 10 अभियुक्तों की मेडिकल जांच का आदेश दिया.

नागपुर के महाल इलाके में सोमवार, 17 मार्च की रात दो गुटों के बीच झड़प और पत्थरबाजी की घटना हुई थी. इस घटना में दो पुलिसकर्मियों समेत कुछ लोग घायल हुए थे.

नागपुर में हुई हिंसा के बाद गणेशपेठ पुलिस स्टेशन में सहायक पुलिस निरीक्षक जितेंद्र गाडगे ने इसकी एफआईआर दर्ज कराई है.

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एफ़आईआर में दर्ज 10 बड़ी बातें...

पुलिस और आम लोगों की भीड़

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इमेज कैप्शन, दंगाइयों पर पुलिस अधिकारियों पर हमले और महिला अधिकारियों से छेड़खानी का आरोप है.

1. पुलिस ने 57 धाराओं में मामला दर्ज किया है. इनमें सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, आर्म्स एक्ट, एक्प्लोसिव एक्ट, महाराष्ट्र पुलिस एक्ट से लेकर दंगा भड़काने जैसी धाराएं शामिल हैं.

2. एफ़आईआर में 51 संदिग्धों के नाम हैं और यह सभी मुस्लिम समुदाय से आते हैं.

3. विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने 17 मार्च को औरंगजेब की कब्र हटाने के लिए विरोध प्रदर्शन किया और छत्रपति शिवाजी महाराज चौक पर प्रतीकात्मक पुतला जलाया. इसके बाद माइनॉरिटी डेमोक्रेटिक पार्टी के शहर अध्यक्ष फ़हीम ख़ान, शमीम ख़ान 50-60 लोगों के समूह के साथ एक ज्ञापन सौंपने के लिए पुलिस स्टेशन पहुंचे. यहाँ इकट्ठा हुई भीड़ को शांति बनाए रखने की सलाह दी गई.

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4. आरोप है कि 17 मार्च की शाम करीब 4 बजे पुलिस स्टेशन पर पहुंचे लोगों ने हिंदू-मुस्लिम संघर्ष को भड़काने की साजिश रची. इसके बाद छत्रपति शिवाजी महाराज चौक पर करीब 500 से 600 मुस्लिम एकत्र हुए.

5. छत्रपति शिवाजी महाराज चौक पर पहुंची पुलिस ने भीड़ को अपने घर जाने का आग्रह किया, लेकिन भीड़ पुलिस की सलाह को अनसुना कर भड़काऊ नारे लगाने लगी. साथ ही भीड़ एक-दूसरे को दंगा करने के लिए उकसाने लगी.

6. आरोप है कि चौक पर इकट्ठा दंगाई कुल्हाड़ियों, पत्थरों, लाठी और रॉड लेकर आए थे और लोगों के डर फैलाने के लिए उन्होंने हवा में हथियार लहराए.

7. इसके बाद इस भीड़ ने कथित तौर पर भालदारपुरा इलाके में पुलिस पर पत्थरों से जानलेवा हमला कर दिया.

8. भालदारपुरा इलाके में अंधेरे का फ़ायदा उठाकर भीड़ पर महिला पुलिसकर्मियों के साथ अभद्रता करने का आरोप है.

9. गीतांजलि चौक पर भीड़ ने पुलिस वाहनों पर पेट्रोल बम से हमला किया और पुलिस के दो वाहनों में आग लगा दी. गंजीपुरा इलाके में फ्लाईओवर निर्माण कार्य के लिए खड़ी दो क्रेन को पेट्रोल बम से आग लगा दी.

10. भीड़ ने ड्यूटी पर मौजूद पुलिस अधिकारियों पर पत्थरों और घातक हथियारों से हमलाकर उन्हें घायल कर दिया.

हिंसा पर सियासत

देवेंद्र फडणवीस का बयान

नागपुर में हिंसा पर सियासी पार्टियां आमने-सामने हैं. विपक्षी दलों ने महाराष्ट्र की भाजपानीत गठबंधन सरकार को इसके लिए ज़िम्मेदार ठहराया है.

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कड़े कदम उठाने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं.

देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को विधानसभा में कहा कि 'छावा' ने औरंगज़ेब के ख़िलाफ़ लोगों का गुस्सा भड़काया है, लेकिन इसके बावजूद सभी को यह पक्का करना होगा कि महाराष्ट्र में शांति बनी रहे.

फडणवीस ने महाराष्ट्र विधानसभा में कहा कि नागपुर में हिंसा की घटना पूर्व नियोजित लग रही है. भीड़ ने पहले से तय किए घरों और दुकानों को टारगेट किया. इससे साफ़ है कि ऐसा साजिश के तहत किया गया.

कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने कहा, "नागपुर बहुत शांतिपूर्ण शहर है, लेकिन सत्तारूढ़ पार्टी का समर्थन करने वाले संगठनों द्वारा इस पर हमला किया जा रहा है. यह सब कैबिनेट में शामिल मंत्रियों की वजह से है, जिन्होंने बेतुके बयान दिए हैं. मुख्यमंत्री को उन्हें कैबिनेट से हटा देना चाहिए.

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