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शोहरत और रुतबे के बावजूद तन्हा ज़िंदगी से जूझतीं वायसराय कर्ज़न की बेटियां
- Author, वक़ार मुस्तफ़ा
- पदनाम, बीबीसी उर्दू के लिए
टॉम ने एक शाम सभी राज़ खोलने का फ़ैसला किया. उन्होंने अपनी पत्नी सिमी को अपने सारे प्रेम संंबंधों के बारे में ख़ुलकर बता दिया और कहा कि ये सब उन्होंने मन बहलाने के लिए किया था.
सिमी का पूरा नाम सिंथिया था. सिमी वायसराय कर्ज़न की बेटी थीं. कर्ज़न 1899 से 1905 तक भारत के वायसराय और गवर्नर जनरल रहे थे.
उनके पति टॉम यानी ओसवाल्ड मोसली थे. टॉम ने ब्रिटेन की राजनीति से मायूस होकर फ़ासीवाद का रुख़ किया था.
मोसली की बातें सुनकर सिंथिया ने रोते हुए कहा, "लेकिन ये सभी मेरी बेहतरीन दोस्त रही हैं."
सिंथिया की साल 1933 में मौत हो गई.
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मेरी आयरीन कर्ज़न की दूसरी बेटी थीं.
उन्हें 'नीना' के नाम से भी पुकारा जाता था. 1896 में पैदा होने वाली आयरीन सिमी से दो साल बड़ी थीं लेकिन उन्होंने शादी नहीं की थी.
कर्ज़न की तीसरी बेटी थी एलेग्ज़ेंड्रा. उनका उपनाम था 'बाबा'. उनके संबंध भी अपनी बहन के पति टॉम यानी ओसवाल्ड मोसली से थे.
मोसली ने सिंथिया की मौत के बाद अपनी प्रेमिका डायाना गनेस से शादी कर ली. ये शादी हिटलर के सहयोगी जोसेफ़ गोएबल्स के बर्लिन वाले घर में हुई थी. इस शादी में एडोल्फ़ हिटलर ख़ास मेहमान थे.
सनसनीख़ेज दावे
जेन डीली, डायाना गनेस की जीवनी में लिखती हैं कि मोसली उनके दीवाने थे.
सेबेस्टियन मर्फ़ी-बेट्स ने ब्रितानी अख़बार 'दी मेल' में डायाना मिटफ़्रेड के ख़तों के आधार पर लिखा है कि मोसली ने न केवल अपनी पहली बीवी के साथ बेवफ़ाई की बल्कि उनकी दोनों बहनों और सौतेली मां के साथ भी संबंध रखे.
ये सनसनीख़ेज पत्र स्कॉटलैंड की नेशनल लाइब्रेरी में सुरक्षित हैं.
आयरीन, सिंथिया और एलेग्ज़ेंड्रा की माँ थीं मेरी लाइटर. मेरी अमेरिका की अमीर और ख़ूबसूरत युवा महिलाओं में से एक थीं.
ऐन डी कोरसी की किताब 'दी वायसरायज़ डॉटर्स' में कर्ज़न के महिलाओं के बारे में नज़रिये का भी ज़िक्र है.
किताब में कर्ज़न की प्रेमिका एलीनोर ग्लेन के हवाले से लिखा है: कर्ज़न मुझे इस तरह पसंद करते थे जैसे दूसरे मर्द अच्छे घोड़े, बेहतरीन शराब या ख़ूबसूरत चीज़ों को पसंद करते हैं. लेकिन उन्हें अपनी बराबरी का नहीं मानते.
ग्लेन के साथ कर्ज़न के संबंधों की शुरुआत उनकी पहली पत्नी मेरी लाइटर की मौत के कुछ महीनों बाद शुरू हो गई थी.
बेटियों के प्रति कर्ज़न के रवैये के बारे में अब कई बातें हमारे सामने हैं.
शोधकर्ता जो केस बॉर्न लिखती हैं, "अपनी बेटियों के लिए लॉर्ड कर्ज़न के प्यार भरे ढेर सारे ख़त इस बात का सबूत हैं कि वह किस हद तक प्यार करने वाले पिता थे. लेकिन अपनी बीवी की मौत के बाद उन्होंने अपनी बेटियों को कंट्रोल करने की कोशिश की और उन्हें अपनी संपत्ति से वंचित कर दिया."
'वायसरायज़ डॉटर्स' का रिव्यू करते हुए मिरांडा कार्टर न्यूयॉर्क टाइम्स में लिखती हैं, "आयरीन, सिमी और बाबा के पिता ने उनका बचपन आयाओं के हवाले कर दिया. अपनी बेटियों के प्रति कर्ज़न कठोर साबित हो रहे थे. ख़ास तौर पर उनकी मां की छोड़ी हुई दौलत के मामले में,"
दौलत और रुतबा
लेकिन इसीबीच कर्ज़न अमेरिकी दौलतमंद विधवा ग्रेस डिगन के साथ अपनी नई कहानी शुरू कर चुके थे. जब ग्लेन को इसकी भनक लगी तो उन्होंने ग़ुस्से में 500 लव लेटर जला डाले.
पहली शादी से ग्रेस डिगन के तीन बच्चे थे. दो बेटे और एक बेटी.
कर्ज़न को वारिस की बहुत इच्छा थी लेकिन ग्रेस और उनके बीच रिश्ते से कोई औलाद पैदा नहीं हुई. इसके बाद दोनों अलग हो गए हालांकि दोनों ने तलाक़ नहीं लिया.
साल 1920 के दशक की शुरुआत में कर्ज़न के ग्रेस डिगन को लिखे गए पत्रों से पता चलता है कि वह एक दूसरे के साथ वफ़ादार रहे.
लेकिन ओसवाल्ड मोसली ने बाद में निजी तौर पर यह बात मानी कि उनके लेडी कर्ज़न और उनकी सौतेली बेटियों आयरीन और एलेग्ज़ेंड्रा के साथ भी संबंध थे.
डीएन कोरसी की किताब में आयरीन के बारे में भी कई दिलचस्प जानकारियां हैं.
किताब में लिखा है, "आयरीन एक कुशल शिकारी, ब्रिज खिलाड़ी, शराब पीने वाली और प्यार के मामले में व्यस्त रहने वाली महिला थीं. उनके आशिक़ों में मशहूर पियानिस्ट आर्थर रॉबिंसटाइन भी शामिल थे. लेकिन शादी के कई प्रस्तावों के बावजूद वह अविवाहित रहीं."
आयरीन को ये चिंता थी कि कोई उनकी दौलत और रुतबे का इस्तेमाल अपने राजनीतिक करियर के लिए करेगा.
अल्फ़ा गर्ल
मिरांडा कार्टर अपने बुक रिव्यू में लिखती हैं, "कर्ज़न की मंझली बेटी सिंथिया 21 साल की उम्र में ओसोल्ड (टॉम) मोसली से शादी के बाद उनसे वफ़ादार रहीं. लेकिन मोसली बेवफ़ा थे और राजनीतिक तौर पर अवसरवादी भी. वह पहले कंज़र्वेटिव पार्टी के संसद सदस्य बने और फिर लेबर पार्टी के. आख़िर में ब्रिटिश यूनियन ऑफ फ़ासिस्ट्स के संस्थापक बने."
साल 1929 के आम चुनाव में सिंथिया ने लेबर पार्टी की उम्मीदवार के तौर पर जीत हासिल कर सबको हैरत में डाल दिया था.
वायसरायज़ डॉटर्स के मुताबिक सिंथिया लेबर पार्टी में अपनी पति मोसली की वजह से आई थीं. बाद में वह फ़ासिज़्म के समर्थन में भी उसी उत्साह से नज़र आईं.
किताब की लेखक ऐन डी कोरसी उन्हें 'नर्म मिज़ाज' कहती हैं.
कर्ज़न की सबसे छोटी बेटी 'बाबा' थी. कार्टर के अनुसार बाबा एक 'अल्फ़ा गर्ल' थीं.
आत्मविश्वास से भरी 'बाबा' ने 21 साल की उम्र में एडवर्ड डुडली (फ़्रूटी) मिटकाफ़ से शादी की. डुडली उम्र में उनसे काफ़ी बड़े थे.
डुडली अच्छे व्यवहार वाले इंसान थे और बहुत प्रतिभाशाली नहीं थे. वह बाबा के फ़ैशन और पार्टियों के शौक़ में शामिल थे.
डुडली प्रिंस ऑफ़ वेल्स के बेहतरीन दोस्त थे. यहीं प्रिंस ऑफ़ वेल्स बाद में एडवर्ड अष्टम के रूप में इंग्लैंड के सम्राट बने.
इसकी वजह से उन्हें ताज से अलग होने के संकट और विंडसर्स के बाद के इतिहास को नज़दीक से देखने का मौक़ा मिला. जब फ़्रूटी से बाबा का मन भर गया तो उनका मोसली के साथ अफ़ेयर शुरू हुआ.
बाबा का तर्क था कि वो मोसली को डायाना से बचाने की कोशिश कर रही थीं. लेकिन मोसली ने डायाना से शादी कर ली और दो साल तक यह राज़ बाबा से छिपा कर रखा.
जब विश्व युद्ध का ख़तरा बढ़ा तो दोनों बहनों ने 'फ़ासीवादी' आंदोलन से ख़ुद को अलग कर लिया. युद्ध के दौरान बाबा के प्रशंसकों में एवरील हैरीमैन और वॉल्टर मांकटन और ब्रिटिश विदेश मंत्री लॉर्ड हेलीफ़ैक्स भी शामिल थे.
आयरीन अपनी बढ़ती उम्र, शराब की लत और अविवाहित होने से निराश होकर अपनी छोटी बहन से जलने लगीं.
दूसरे विश्व युद्ध के दौरान आयरीन ने सामाजिक कल्याण के कामों में हिस्सा लिया.
बाबा ने 'सेव द चिल्ड्रन फ़ंड' के साथ 40 साल से अधिक काम किया और 1974 में इस संगठन की उपाध्यक्ष चुनी गईं.
साल 1925 में अपनी मौत तक कर्ज़न ने अपनी तीनों बेटियों से दूरी बनाए रखी. आयरीन को तो उनकी मौत के समय भी उनके पास आने की इजाज़त नहीं दी गई थी.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित
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