गुजरात: जूनागढ़ में दरगाह हटाने को लेकर झड़प, एक की मौत, पांच पुलिसकर्मी घायल

गुजरात के जूनागढ़ ज़िले में एक दरगाह को हटाये जाने को लेकर स्थानीय लोगों और पुलिस के बीच हुई झड़प के दौरान एक व्यक्ति की मौत हो गई. इस घटना में पांच पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं.

शुक्रवार देर रात सौराष्ट्र के जूनागढ़ के माझेवाड़ी दरवाज़ा क्षेत्र में एक दरगाह को लेकर स्थानीय लोगों और पुलिस के बीच झड़प हुई.

जूनागढ़ के एसपी रवि तेजा ने बीबीसी को बताया है कि इस घटना में पत्थर लगने की वजह से एक व्यक्ति की मौत हुई है जबकि पांच पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैें.

एसपी के मुताबिक, “शुरुआती जांच में ये प्रतीत हो रहा है कि व्यक्ति सिर में पत्थर लगने से घायल हुआ और उसकी मौत हो गई. ”

पुलिस के मुताबिक देर रात से शनिवार सुबह तक पुलिस ने 174 लोगों को ‘राउंड अप’ भी किया है.

पुलिस के मुताबिक अब हालात नियंत्रण में है.

बीबीसी गुजराती के स्थानीय सहयोगी पत्रकार हनीफ़ खोखर के मुताबिक जूनागढ़ प्रशासन ने माझेवाड़ी दरवाज़े के पास स्थित एक दरगाह को पांच दिन के भीतर हटाने का नोटिस जारी किया था.

इस नोटिस के बाद लोग दरगाह के पास इकट्ठा हो गए थे और प्रशासन के फ़ैसले का विरोध कर रहे थे.

वहीं पुलिस का कहना है कि ‘भीड़ बेकाबू हो गई और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज भी करना पड़ा.’ इस दौरान पुलिस ने आंसू गैस का भी इस्तेमाल किया.

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक दरगाह के पास इकट्ठा हुई भीड़ ने गुजरात के परिवहन विभाग की एक बस को आग लगाने का प्रयास भी किया. इससे जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किए जा रहे हैं.

पुलिस और भीड़ के बीच झड़प के वीडियो भी सोशल मीडिया पर शेयर किए जा रहे हैं.

पुलिस का कहना है कि बस के ड्राइवर और कंडक्टर को चोटें आई हैं.

एसपी रवि तेजा के मुताबिक स्थिति को नियंत्रित करने और भीड़ में शामिल असामाजिक तत्वों की पहचान के लिए शुक्रवार रात भर कांबिंग ऑपरेशन चलाया गया और इस दौरान कुल 174 लोगों को राउंड अप किया गया.

एसपी के मुताबिक, घटना में शामिल लोगों की पहचान के लिए पुलिस की कई टीमों का गठन किया गया है और जांच के लिए प्रभावित क्षेत्र में पुलिस ने बड़ा अभियान शुरू किया है.

क्या है पूरा मामला

जूनागढ़ के मझेवाड़ी दरवाज़े के पास सड़क किनारे स्थित एक दरगाह को हटाने के लिए दो दिन पहले नगर पालिका ने नोटिस जारी किया था और दरगाह समिति से पांच दिन के भीतर दरगाह को हटाने के लिए कहा था.

इस नोटिस में दरगाह को अवैध निर्माण बताया गया है और इसे हटाने के लिए कहा गया है.

जूनागढ़ में इन दिनों कई विकास प्रोजेक्ट चल रहे हैं. शहर के नरसिंह मेहता सरोवर और उपरकोट क्षेत्र की विकास परियोजनाओं के रास्ते में आ रहे ‘अवैध निर्माणों’ को हटाया जा रहा है.

इसी क्रम में मझेवाड़ी दरगाह को हटाने का नोटिस जारी किया गया था. ये नोटिस सोशल मीडिया पर भी वायरल हो गया और शुक्रवार शाम दरगाह के पास भीड़ इकट्ठा हो गई.

घटना के बारे में जानकारी देते हुए जूनागढ़ के एसपी रवि तेजा ने कहा, “14 जून को जूनागढ़ नगर निगम की तरफ़ से दरगाह को नोटिस जारी किया गया था और इसके स्वामित्व का सबूत मांगा गया था. गेबांशाह दरगाह को पांच दिनों के भीतर हटाने का नोटिस दिया गया था. लेकिन शुक्रवार को दरगाह के पास बड़ी तादाद में भीड़ इकट्ठा हो गई.”

पुलिस के मुताबिक भीड़ में कई लोग नारेबाज़ी भी कर रहे थे. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस मौके पर पहुंची थी.

एसपी का दावा है कि पुलिस अधिकारी लोगों को समझाने का प्रयास कर रहे थे और 45 मिनट तक लोगों से बात करने की कोशिस की गई.

पुलिस का कहना है कि इस दौरान सड़क को जाम होने से रोकने का प्रयास भी किया जा रहा था.

एसपी के मुताबिक, इसी दौरान भीड़ की तरफ़ से पुलिस पर पत्थर फेंके गए. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने भीड़ पर कार्रवाई की.

ऐसा आरोप भी लगाया जा रहा है कि अज्ञात लोगों ने मझेवाड़ी पुलिस चौकी पर भी पथराव किया.

पुलिस का कहना है कि ‘कुछ असामाजिक तत्वों ने भीड़ का फ़ायदा उठाकर तनाव फ़ैलने की कोशिश की और पुलिस पर हमला किया.’

एसपी रवि तेजा के मुताबिक़, इस झड़प में एक डीएसएपी, तीन पीएसआई और एक पुलिसकर्मी घायल हुए हैं.

वहीं पुलिस का कहना है कि एक व्यक्ति की मौत सिर में पत्थर लगने की वजह से हुई है.

एसपी ने कहा, “शुरुआती जांच में ये प्रतीत हो रहा है कि व्यक्ति सिर में पत्थर लगने से घायल हुआ और उसकी मौत हो गई. बाक़ी वजहें पोस्टमार्टम के बाद ही स्पष्ट हो पाएंगी.”

पुलिस के लोगों पर लाठीचार्ज करने के बारे में बताते हुए एसपी ने कहा, “पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया है और आंसू गैस का इस्तेमाल भी किया है.”

पुलिस का कहना है कि इस घटना में शामिल लोगों की तलाश की जा रही है और इसके लिए पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप सहित कई टीमें गठित की गई हैं और घटना में शामिल लोगों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है.

कथित रूप से पुलिस पर हमला करने वाले ‘असामाजिक तत्वों’ की पहचान के लिए पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है.

क्या घटना पूर्व-नियोजित है

पुलिस ये पता करने की कोशिश भी कर रही है कि कहीं ये घटना पूर्वनियोजित तो नहीं थी.

एसपी का कहना है कि लोगों की कॉल डिटेल निकाली जा रही हैं.

पुलिस और लोगों के बीच झड़प के बाद अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया है.

जूनागढ़ नगर निगम ने कथित अतिक्रमण हटाने के लिए नोटिस जारी किए हैं और इसे लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश भी है.

इस दरगाह को नोटिस दिए जाने से पहले भी शहर में कई धर्मस्थलों को हटाया गया है. बताया जाता है कि इसे लेकर स्थानीय अल्पसंख्यक समुदाय में भारी नाराज़गी भी है.

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