हिज़बुल्लाह ने दागे 300 से ज़्यादा रॉकेट, इसराइल ने लेबनान में किए हमले

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- Author, जारोस्लाव लुकिव
- पदनाम, बीबीसी न्यूज़
इसराइली सेना ने कहा है कि उसके लड़ाकू विमान लेबनान में हिज़बुल्लाह के ठिकानों पर हमला कर रहे हैं.
इसराइली डिफ़ेंस फ़ोर्स (आईडीएफ़) के प्रवक्ता डेनियल हगारी का कहना है कि "ये कार्रवाई ख़तरों के मद्देनज़र आत्मरक्षा में की गई है, जिसके तहत आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया."
इसराइल ने यह भी कहा है कि लेबनान में हमला करने से पहले आम लोगों को तुरंत हिज़बुल्लाह के इलाक़ों को छोड़ने की चेतावनी दे दी गई थी.
इसके तुरंत बाद हिज़बुल्लाह ने कहा कि बीते महीने अपने समूह के वरिष्ठ सैन्य कमांडर की मौत के जवाब में उसने इसराइल पर बड़े पैमाने पर ड्रोन हमले किए हैं.
सात अक्टूबर को इसराइल पर हमास के हमले के बाद से इसराइल की उत्तरी सीमा पर लेबनान में हिज़बुल्लाह भी सक्रिय हो गया था और इसराइल के सीमावर्ती इलाक़ों पर उसके हमले आम हो गए थे.
हालांकि इसराइल भी हिज़बुल्लाह के ठिकानों को निशाना बनाता रहा है. अब तक इन हमलों में दर्जनों लोगों की मौत हुई है.

उत्तरी इसराइल में साइरन की आवाज़ें
रविवार को पूरे उत्तरी इसराइल में रॉकेट हमलों की वजह से साइरन बज रहे थे.
अब तक किसी भी तरह के जान-माल के नुक़सान की कोई ख़बर नहीं है.
आईडीएफ़ ने एक बयान में कहा कि हिज़बुल्लाह ने "लेबनान की ओर से 150 रॉकेट इसराइली क्षेत्र की ओर दागे" हैं.
डेनियल हगारी ने बाद में बताया कि "इसराइली एयर फ़ोर्स के दर्जनों विमानों ने दक्षिणी लेबनान के कई हिस्सों को निशाना बनाया है."
हालांकि, हिज़बुल्लाह ने कहा कि उसने 320 से ज़्यादा कत्यूशा रॉकेट दागे, जिन्होंने 11 इसराइली सैन्य बेसों और बैरकों को निशाना बनाया.
नेतन्याहू ने क्या कहा

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इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने रक्षा कैबिनेट की बैठक बुलाई जिसके बाद उन्होंने कहा, "हम अपने देश की रक्षा करने और निवासियों को सुरक्षित रूप से उनके घरों तक वापस लाने के लिए सब कुछ करने को तैयार हैं."
बैठक से पहले उन्होंने कहा था, "हमने अपने देश की रक्षा करने, उत्तर में आम लोगों के घर लौटने और आम नियम लागू रखने का दृढ़ निश्चय किया है. जो भी हमारा नुक़सान करेगा, हम उसका नुक़सान करेंगे. जो कोई भी हमें चोट पहुंचाने की कोशिश करेगा, हम उसे चोट पहुंचाएंगे."
नेतन्याहू ने यह भी कहा कि हमारी सेना ने इसराइल पर हमला करने के लिए हिज़बुल्लाह की तैयारी का पता लगाने के लिए दिन-रात काम किया है.
इसराइली प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारी सेना की तैयारी के चलते हम हिज़बुल्लाह के हज़ारों रॉकेटों को नष्ट करने में सफल हो पाए हैं.
हिज़बुल्लाह के ठिकानों पर हमले के मद्देनज़र इसराइल में एहतियातन 48 घंटे के लिए इमरजेंसी लगा दी गई है.
नेतन्याहू के कार्यालय ने कहा कि प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री योआव गैलेंट तेल अवीव में आईडीएफ़ के सैन्य अड्डे से "स्थिति को संभाल रहे" हैं.
वहीं, हिज़बुल्लाह ने एक बयान में कहा कि उसने "यहूदी शासन के बर्बर हमले जिसमें फ़ौद शाकिर शहीद हुए थे", उसके जवाब में इसराइल पर हमला किया है.
जुलाई में लेबनान की राजधानी बेरूत में वरिष्ठ सैन्य कमांडर शाकिर इसराइली हवाई हमले में मारे गए थे.
बीते अक्टूबर में हमास के इसराइल पर हमले के बाद ग़ज़ा में शुरू हुई जंग के बाद से लेबनान स्थित हिज़बुल्लाह इसराइल पर हमले करता रहा है. हमास की तरह हिज़बुल्लाह को भी ईरान का समर्थन मिला हुआ है.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित


















