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उज्जैन में दिनदहाड़े कथित बलात्कार पर सियासत तेज़, पूरा मामला क्या है?
- Author, विष्णुकांत तिवारी
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता, उज्जैन से
(इस ख़बर के कुछ अंश आपको विचलित कर सकते हैं)
मध्य प्रदेश के उज्जैन ज़िले में एक महिला के साथ सड़क किनारे कथित यौन उत्पीड़न का वीडियो बीते दो दिनों से वायरल हो रहा है.
उज्जैन में बुधवार को कोयला फाटक चौराहे के फुटपाथ पर दिनदहाड़े एक 28 वर्षीय युवक ने 40 वर्षीय महिला के साथ कथित तौर पर बलात्कार किया और उसे छोड़कर भाग गया. हैरानी की बात ये है कि जहां ये घटना हुई वह उज्जैन के सबसे व्यस्ततम इलाकों में से एक है. इसी सड़क पर एक पेट्रोल पंप, उज्जैन का चरक अस्पताल के अलावा एक शराब की दुकान भी है.
सरेराह हुई इस वारदात के दौरान लोगों का आना-जाना लगा रहा लेकिन घटना को रोकने का प्रयास किसी ने नहीं किया. बल्कि इसी बीच अज्ञात लोग वीडियो बनाते रहे. अब इस मामले पर प्रदेश की सियासत भी गर्म है. विपक्षी दल कांग्रेस ने वायरल विडियो को सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए भाजपा सरकार को घेरा है. बीजेपी ने पलटवार करते हुए कहा है कि कांग्रेस पार्टी राज्य को बदनाम करने के 'कुत्सित प्रयास' कर रही है.
क्या है पूरा मामला ?
उज्जैन पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने बीबीसी को बताया कि घटना बुधवार चार सितंबर दोपहर की है. उज्जैन के जिस इलाके की ये घटना है वहां चहल-पहल रहती है.
उज्जैन पुलिस अधीक्षक ने कहा, “पीड़ित और अभियुक्त दोनों एक दूसरे को पहले से जानते थे. अभियुक्त रेहड़ी चलाता है और पीड़ित महिला रद्दी बेचने का काम करती हैं. उस दिन दोनों ने बात की, साथ में शराब भी पी. महिला ने नशा उतरने के बाद ये बताया है कि लड़के ने शादी करने का वादा किया था जिसके बाद ही दोनों ने शराब पी और फिर ये घटना हुई. इस घटना में धारा 376 के तहत रेप का मुकदमा दर्ज कर आरोपी को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश कर जेल भेजा गया है. आगे की जांच जारी है जिसमे वीडियो बनाने और उसको वायरल करने वाले लोगों का भी पता लगाया जा रहा है."
पुलिस का कहना है कि महिला करीब आठ वर्ष पहले उज्जैन आई थीं और उनका एक 18 साल का बेटा भी है, लेकिन अब वे परिवार के साथ नहीं रहती है.
पुलिस अधीक्षक का कहना है कि घटना के वक्त ही किसी राहगीर ने पुलिस को सूचना दी थी. इसके बाद पुलिस ने वहां पहुंचकर महिला की मदद की और उन्हें थाने ले जाया गया. थाने में नशा उतरने के बाद महिला का बयान दर्ज कर मुकदमा दायर किया गया.
इस मामले में अभियुक्त को अदालत में पेश कर जेल भेजा जा चुका है.
मामले पर राजनीति भी तेज़
कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने इस घटना का ज़िक्र करते हुए एक्स पर लिखा, "उज्जैन, मध्य प्रदेश में दिनदहाड़े फुटपाथ पर महिला के साथ दुष्कर्म की घटना अत्यंत भयावह है. आज पूरा देश सन्न है कि हमारा समाज किस ओर जा रहा है? खबरों के मुताबिक, रास्ते से गुज़र रहे लोग महिला को बचाने की जगह वीडियो बना रहे थे. उज्जैन की पवित्र भूमि पर ऐसी घटना से मानवता कलंकित हुई है."
वहीं, इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा, “धर्मनगरी उज्जैन एक बार फिर कलंकित हुई है!...यह सोचकर ही स्तब्ध हुआ जा सकता है कि मध्यप्रदेश में अब दिनदहाड़े, खुली सड़क पर बलात्कार शुरू हो गए हैं…यदि मुख्यमंत्री के गृह नगर के यह हाल हैं, तो बाकी प्रदेश के हालात आसानी से समझे जा सकते हैं. दलित और आदिवासी महिलाओं के साथ लगातार हो रहे अत्याचार को भी महसूस किया जा सकता है.”
सत्तादल बीजेपी के प्रवक्ता आशीष अग्रवाल ने जीतू पटवारी को जवाब देते हुए एक्स पर लिखा कि पटवारी मध्यप्रदेश को बदनाम करने के 'कुत्सित प्रयास' कर रहे हैं.
उन्होंने लिखा, “सर्वप्रथम तो अभियुक्त पुलिस की हिरासत में है. सख्त और संवेदनशील कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं. प्राथमिक जानकारी में महिला (फरियादी) और अभियुक्त दोनों एक-दूसरे के परिचित है...बाकी स्पष्टता जांच से आ जायेगी और दोषी को कड़ी से कड़ी सजा मिलेगी.”
लेकिन इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि दिनदहाड़े चहल-पहल वाली जगह पर सड़क किनारे ऐसी घटना के दौरान लोग आते-जाते रहे, कुछ ने वीडियो भी बनाया लेकिन किसी ने मामले को रोकने की कोशिश नहीं की.
समाज के रवैये पर उठ रहे सवाल
उज्जैन में ही पिछले वर्ष सितंबर महीने में अर्धनग्न और खून से लथपथ 15 साल की बच्ची का वीडियो वायरल हुआ था. वीडियो में ये बच्ची घर-घर भटकते हुए लोगों से मदद मांगती दिख रही थी.
इस घटना से जुड़े एक वीडियो में एक व्यक्ति बच्ची को देखकर भी भगाता हुआ नज़र आया था.
मध्य प्रदेश में महिला और बाल अधिकारों पर काम करने वाली सामाजिक कार्यकर्ता अर्चना सहाय से जब हमने समाज के इस रवैये पर बातचीत की तो उन्होंने कहा कि लोगों का ये बर्ताव बहुत उदास करने वाला है.
उन्होंने कहा, “घटना चाहे महिलाओं या बच्चियों से छेड़छाड़ की हो या फिर बलात्कार की, ऐसे मामलों में समाज का रवैया बहुत उदास करने वाला होता है. लोग घटना को रोकने का प्रयास न करके उसका वीडियो या फोटो खींचने में व्यस्त रहते हैं."
"इसी घटना की बात करें तो वीडियो बनाने वाले शख्स और वहां से गुज़रने वाले लोगों को भी ये पता है कि कोई भी महिला इस तरह की घटना के लिए अपने मर्ज़ी से राज़ी नहीं होती है. उसके बाद भी किसी ने रोकने का प्रयास नहीं किया बल्कि कुछ लोगों ने वीडियो भी बनाया.”
अर्चना सहाय ऐसी घटनाओं से निबटने के लिए एक कानून लाने की हिमायती हैं जो वीडियो बनाने वालों और उसे वायरल करने वालों को सज़ा दे सके.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित