राहुल गांधी ने अमेरिका में फिर बीजेपी को घेरा, पार्टी ने किया पलटवार

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- राहुल गांधी 10 दिनों की अमेरिका की अपनी यात्रा के लगातार दूसरे दिन चर्चा में हैं.
- पहले दिन सेन फ्रांसिस्को में उनके कार्यक्रम में खालिस्तान समर्थकों ने नारे लगाए.
- इस दौरान उन्होंने मोदी पर निशाना लगाया और कहा अगर उन्हें भगवान के बगल में बिठा दें, तो वो भगवान को ये समझाने लगेंगे कि ये ब्रह्मांड कैसे काम करता है.
- इसके बाद स्टैनफ़ोर्ड में हुए कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि लोकसभा सदस्यता रद्द होने ने उन्हें लोगों से जुड़ने का अच्छा मौक़ा दिया.
- उन्होंने कहा कि उन्हें विदेश से मदद नहीं चाहिए और वो इसे लेकर स्पष्ट हैं कि ये उनकी लड़ाई है.
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कांग्रेस नेता राहुल गांधी फिलहाल कुछ दिनों की अमेरिका यात्रा पर हैं और इस दौरान वो वहां भारतीय मूल के लोगों से मुलाक़ातें कर रहे हैं. लेकिन उनके बयानों को लेकर बीजेपी आक्रामक है और भारतीय सोशल मीडिया पर भी चर्चा हो रही है.
कैलिफोर्निया के स्टैनफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी में उन्होंने जो कुछ कहा उसके बाद बीजेपी नेता उन्हें निशाने पर ले रहे हैं.
बीजेपी का आरोप है कि राहुल गांधी विदेश में देश का और प्रधानमंत्री मोदी का अपमान कर रहे हैं.
राहुल गांधी 10 दिनों की अमेरिका यात्रा पर हैं.
सैन फ़्रांसिक्को के बाद वे वॉशिंगटन डीसी और फिर न्यूयॉर्क जाएँगे.
बुधवार को उन्होंने कैलिफोर्निया के स्टैनफ़र्ड यूनिवर्सिटी में भारतीय मूल के छात्रों को संबोधित किया और उससे पहले एक और कार्यक्रम में भारतीय मूल के लोगों से चर्चा की थी.

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बीजेपी ने क्या कहा?
बीजेपी के केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने मीडिया से कहा कि राहुल गांधी मोदी पर निशाना नहीं लगाते बल्कि भारत को अपमानित करने का काम करते हैं.
उन्होंने कहा, "दुनिया भारत के नेतृत्व में विश्वास करती है. दुनिया के नेता मोदी के नेतृत्व का सम्मान करते हैं. मोदी लोकप्रिय नेता के रूप में लगातार तीन बार से चुने जा रहे हैं. लेकिन कांग्रेस ये हज़म नहीं कर पा रही इसलिए वो कहीं न कहीं जाकर उल्टा-सीधा बोल रहे हैं."
बुधवार को उन्होंने मीडिया से बात करते हुए राहुल गांधी पर चीन के अधिकारियों के साथ गुप्त बातचीत करने का आरोप लगाया.
उन्होंने राहुल गांधी की अमेरिका यात्रा की फंडिंग को लेकर भी सवाल उठाए.
उन्होंने कहा, "जब चीन भारत की ज़मीन का अतिक्रमण करने की कोशिश कर रहा था, उस वक्त राहुल गांधी चीनी अधिकारियों के साथ गुप्ता वार्ता कर रहे थे. उनके राजीव गांधी फाउंडेशन में क्या चीन का पैसा लगा है?"
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वहीं बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि एक आम आदमी देश का प्रधानमंत्री बन गया, ये बाद वो बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं.
उन्होंने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, "राहुल गांधी चाहें देश में हों या विदेश में उनका एक ही काम है, मोदी जी के बारे में भला-बुरा कहना और देश को बदनाम करना. मुझे समझ नहीं आता कि उन्हें मोदी जी से इतनी नफ़रत क्यों है और वो देश के ख़िलाफ़ इतना क्यों बोलते हैं?"
बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व में कंद्रीय क़ानून मंत्री रहे रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि राहुल गांधी ने भारत की छवि को बदनाम करना अपना काम बना रखा है.

कांग्रेस का जवाब
इसे लेकर अब इंडियन ओवरसीज़ कांग्रेस (IOCUSA) ने प्रतिक्रिया दी है.
संगठन ने बुधवार को एक बयान जारी कर कहा है कि राहुल गांधी की यात्रा के बारे में कुछ लोग भ्रामक बातें कर रहे हैं.
कांग्रेस ने कहा कि उनकी यात्रा को बाहरी तत्वों के साथ जुड़ा और किसी अल्पसंख्यक समूह के कंट्रोल में बताया जा रहा है, लेकिन ऐसा कतई नहीं है.
सगंठन ने कहा कि हम मानते हैं कि निहित स्वार्थ वाले कुछ लोग राहुल गांधी की छवि बिगाड़ना चाहते हैं और फर्जी ख़बरें दे रहे हैं.
एक टेलिवीज़न कार्यक्रम में शामिल हुई कांग्रेस की प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि ये सवाल उठ रहे हैं कि राहुल गांधी विदेशों की युनिवर्सिटी में ही क्यों जाते हैं, क्या भारत की युनिवर्सिटी में वो नहीं जा सकते.
सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि ये बात आपको समझनी होगी दिल्ली युनिवर्सिटी में जब वो एक कार्यक्रम में गए थे तो उस वक्त युनिवर्सिटी ने राहुल गांधी के नाम एक नोटिस जारी कर दिया.
उन्होंने कहा कि भारत में युनिवर्सिटीज़ मोदी सरकार से डरी हुई हैं कि ऐसा करने पर उनके साथ क्या होगा.
सोशल मीडिया पर बीजेपी नेताओं और समर्थकों कए अलावा कई और यूज़र्स भी राहुल गांधी के बयानों पर चर्चा कर रहे हैं.
वरिष्ठ पत्रकार तवलीन सिंह ने लिखा, "बीजेपी के मंत्री ये कब समझेंगे कि जब राहुल गांधी मोदी पर निशाना साधते हैं तो ये बारत पर हमला नहीं होता? देश के भीतर और विदेश में ऐसा करना उनका अधिकार है, भले ही एक बार ख़ुद एक कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा था कि इंडिया इंदिरा है और इंदिरा इंडिया है."
वरिष्ठ पत्रकार सागरिका घोष कहती हैं, "राहुल गांधी ने स्टैनफ़र्ड में जो कहा वो दिलचस्प है. उन्होंने ताकत (फोर्स) और शक्ति (पावर) के बीच का फर्क बताया. शक्ति वो थी जो महात्मा गांधी के पास थी, सच और अहिंसा की शक्ति, उनके ख़िलाफ़ खड़े होने वाले ब्रितानी हुकूमत के पास ताकत थी."
ये भी पढ़ें- राहुल गांधी ने अमेरिका में कही गुरु नानक देव के थाईलैंड जाने की बात, सोशल मीडिया पर घिरे
राहुल गांधी ने क्या कहा था?
बुधवार को कैलिफोर्निया में स्टैनफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी में हुए एक कार्यक्रम में भारतीय मूल के लोगों को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने अपनी लोकसभा सदस्यता रद्द होने का ज़िक्र किया.
उन्होंने इस बारे में कहा, "राजनीति में कदम रखते वक्त इसका अंदाज़ा नहीं था कि कभी मेरी लोकसभा भी रद्द होगी, लेकिन इसने मुझे लोगों की सेवा करने का बड़ा मौक़ा दिया है."
2019 में "मोदी सरनेम" को लेकर टिप्पणी करने के मामले में इस साल सूरत की एक अदालत ने उन्हें दोषी पाया था जिसके बाद उन्हें दो साल की सज़ा सुनाई गई ती. इसके बाद उनकी लोकसभा की सदस्यता रद्द कर दी गई थी.
राहुल गांधी ने कहा "मुझे लगता है कि ये ड्रामा असल में छह महीने पहले शुरू हुआ. हम संघर्ष कर रहे थे. भारत में पूरा विपक्ष ही संघर्ष कर रहा था."
उन्होंने कहा, "मैं विदेश से किसी तरह की मदद नहीं चाहता. मैं इसे लेकर स्पष्ट हूं कि ये हमारी लड़ाई है. लेकिन बीजेपी को मेरे शब्द तोड़मरोड़ कर पेश करना अच्छा लगता है. हम देश में गणतांत्रिक लड़ाई कर रहे थे. फिर हमने भारत जोड़ो यात्रा करने का फ़ैसला किया."
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राहुल गांधी ने कहा कि वो बार-बार विदेशों का दौरा करते हैं और लोगों से मुलाक़ात करते हैं लेकिन इसका मकसद विदेश से मदद हासिल करना नहीं है.
उन्होंने कहा, "मैं इस बात को लेकर स्पष्ट हूं कि ये लड़ाई, हमारी लड़ाई है."
कहा कि भारत में लोगों को एक ग्रुप ऐसा है, जिसे लगता है कि वे हर चीज़ जानते हैं लेकिन देश को आगे बढ़ाने के लिए सुनना, समझना ज़रूरी है.
देश के मुसलमानों को आप क्या उम्मीद देना चाहेंगे, इस सवाल का उत्तर उन्होंने एक वाक्य में दिया. उन्होंने कहा, "नफ़रत के बाज़ार में मोहब्बत की दुकान."
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इससे पहले राहुल गांधी ने सेन फ्रांसिस्कों में भारतीय मूल के लोगों को संबोधित किया था.
उन्होंने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए राहुल गांधी ने कहा, "मुझे लगता है कि अगर आप मोदीजी को भगवान के बगल में बिठा दें, तो मोदी जी भगवान को ये समझाने लगेंगे कि ये ब्रह्मांड कैसे काम करता है. और भगवान भी भ्रमित हो जाएँगे कि मैंने क्या बनाया है. ये मज़ेदार बातें हैं लेकिन यही हो रहा है."
राहुल गांधी ने कहा कि भारत में लोगों का एक ग्रुप ऐसा है, जिन्हें लगता है कि वे सब चीज़ें जानते हैं.
इस दौरान उन्होंने गुरु नानक देव की यात्राओं का ज़िक्र करते हुए दावा किया कि वो थाईलैंड गए थे.
राहुल गांधी के भाषण का ये हिस्सा सोशल मीडिया पर ट्रेंड होने लगा. बीजेपी के नेता और दूसरे सोशल मीडिया यूज़र उनकी जानकारी पर सवाल उठाने लगे.
इस भाषण के दौरान सिख्स फ़ॉर जस्टिस (एसजेएफ़) से जुड़े कुछ लोगों ने नारेबाज़ी भी शुरू कर दी.
वो खालिस्तान के समर्थन में नारे लगा रहे थे. इस दौरान पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को लेकर भी नारे लगाए गए.
नारेबाज़ी के दौरान राहुल गांधी कुछ देर के लिए रुके. फिर उन्होंने अपनी 'भारत जोड़ो यात्रा' का ज़िक्र किया.
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