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वर्ल्ड कप फ़ाइनल: 'फ़्री फ़लस्तीन' की टी शर्ट पहने विराट कोहली के पास पिच पर पहुंचा एक ऑस्ट्रेलियाई
भारत-ऑस्ट्रेलिया वर्ल्ड कप के फ़ाइनल मैच के दौरान पिच पर भारतीय बल्लेबाज़ विराट कोहली के पास तक पहुंच गए शख्स को अहमदाबाद पुलिस ने हिरासत में ले लिया.
यह व्यक्ति 'फ़्री फ़लस्तीन' की टीशर्ट पहने था और उसने हाथ में झंडा लिए हुआ था. वो पिच पर विराट कोहली के करीब पहुंच गया था. उसने कोहली के कंधे पर हाथ रखा. कुछ देर के लिए मैच में खलल पड़ा और उसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने उसे बाहर निकाला.
पुलिस की हिरासत में जाते समय इस शख़्स ने अपने बारे में बताया और कहा कि वो ऑस्ट्रेलिया के रहने वाले हैं.
समाचार एजेंसी एएनआई ने एक वीडियो जारी किया है जिसमें यह शख़्स अपना नाम जॉनसन बता रहा है.
शख़्स का कहना है कि ‘वे ऑस्ट्रेलिया के रहने वाले हैं और वे फील्ड पर विराट कोहली से मिलने गए थे.’
उन्होंने कहा कि वे फलस्तीन के समर्थक हैं. उनकी टीशर्ट पर आगे की ओर ‘स्टॉप बाम्बिंग पैलेस्टाइन’ और पीछे की ओर ‘फ़्री पैलेस्टाइन’ लिखा था.
कोहली के कंधे पर हाथ
ये शख़्स मैदान में घुसा और विराट कोहली के करीब पहुंच गया.
तस्वीरों में दिख रहा है कि इस शख़्स ने कोहली के कंधे पर हाथ रखा. इस दौरान कोहली थोड़े असहज दिखते हैं, हालांकि उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई.
बाद में जब सुरक्षा अधिकारी उस शख़्स को लेकर जा रहे हैं तो ऐसा लगता कि वो कोई नारा लगा रहे हैं.
बाद में उन्हें अहमदाबाद पुलिस को सौंप दिया गया.
सोशल मीडिया पर इस घटना को कुछ लोगों ने सुरक्षा में बड़ी चूक बताया है. सोशल मीडिया पर भी क्रिकेट प्रशंसक इसे गै़र ज़िम्मेदाराना बता रहे हैं.
आशीष नाम के एक शख़्स ने लिखा है, ''नरेंद्र मोदी स्टेडियम में सुरक्षा में चूक. स्टाफ और सुरक्षा इतनी गैरज़िम्मेदार है, ऐसा कैसे हो सकता है? यह विश्व कप फाइनल है, कोई गली क्रिकेट मैच नहीं''
वहीं प्रीतेश शाह लिखते हैं, '' ये बहुत ग़लत है. कैसे कोई फैन अंदर प्रवेश कर सकता है. नरेंद्र मोदी स्टेडियम के स्टाफ और सिक्योरिटी बहुत ही ग़ैर ज़िम्मेदार है.''
एक और यूज़र ने स्टेडियम की तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा है कि ये कैसे हो सकता है.
बीते सात अक्टूबर को हमास ने इसराइल पर औचक हमला कर दिया. इस हमले में करीब 1,200 लोगों की मौत हो गई और 200 से अधिक बंधकों को अगवा कर ग़ज़ा ले गए थे.
इसके बाद इसराइल ने ग़ज़ा पर बमबारी शुरू कर दी और हमास प्रशासित स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक ग़ज़ा में अबतक 12,000 से अधिक फ़लस्तीनी मारे गए हैं जिनमें अधिकांश बच्चे और महिलाएं हैं.
पूरी दुनिया में ग़ज़ा में युद्ध विराम को लेकर विरोध प्रदर्श हो रहे हैं और इस बात का दबाव बनाया जा रहा है कि इसराइल मानवीय सहायता के लिए बमबारी में तात्कालिक रोक लगाए.
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