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खालिस्तान समर्थक अवतार सिंह खंडा कौन जिनकी इंग्लैंड में हुई मौत
गगनदीप सिंह जस्सोवाल
बीबीसी संवाददाता
खालिस्तान समर्थक और 'वारिस पंजाब दे' संगठन के प्रमुख अमृतपाल सिंह के क़रीबी माने जाने वाले अवतार सिंह खंडा का इंग्लैंड में निधन हो गया है.
खंडा पर भारतीय एजेंसियों ने भारत विरोधी गतिविधियों और लंदन में भारतीय दूतावास पर हमले में शामिल होने का आरोप लगाया था.
खंडा इंग्लैंड में राजनीतिक शरण लेकर रह रहे थे. उनकी मौत के सही - सही कारण का फ़िलहाल पता नहीं चला है.
एक जानकारी के अनुसार अवतार सिंह को पेट दर्द की शिकायत होने के बाद अस्पताल ले जाया गया था.
अकाल तख्त के पूर्व जत्थेदार जसवीर सिंह रोडे ने मोगा में बीबीसी संवाददाता सुरिंदर मान को बताया है कि अवतार सिंह खंडा का कल रात ब्रिटेन के एक अस्पताल में निधन हो गया है.
उन्होंने कहा, ''खंडा ने शुक्रवार और शनिवार को अपनी मां से बात की थी. खंडा की मौत के कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही चलेगा."
जसवीर सिंह रोडे ने कहा, "परिवार की राय है कि उनके शव को यहां लाया जाना चाहिए. लेकिन अगर कोई समस्या है तो उनके परिवार को वहां भेजा जाना चाहिए."
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कौन थे अवतार सिंह खंडा?
इसी साल 18 मार्च को पंजाब पुलिस ने अमृतपाल सिंह को गिरफ़्तार करने के लिए ऑपरेशन शुरू किया था.
इसके बाद 19 मार्च को खालिस्तान समर्थक कुछ ताकतों ने लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग पर हमला किया था.
अप्रैल में जब अमृतपाल सिंह फरार थे, तब पुलिस ने अवतार सिंह खंडा की मां चरणजीत कौर और बहन से भी पूछताछ की थी.
पंजाब पुलिस ने दावा किया था कि अवतार सिंह खंडा अमृतपाल सिंह के संपर्क में थे. और इसलिए पुलिस ने उनके परिवार से पूछताछ की.
खंडा संगरूर के सांसद सिमरनजीत सिंह मान के नेतृत्व वाले शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) से भी जुड़े थे.
सिमरनजीत सिंह मान ने खंडा की मौत पर ट्वीट किया, "यह ख़बर सुनकर बहुत दुख हुआ कि सरदार अवतार सिंह खंडा अब इस दुनिया में नहीं रहे.
अवतार सिंह खंडा का इस तरह जाना पार्टी और पूरे खालसा पंथ के लिए एक बड़ी क्षति है, उन्होंने सिख संघर्ष में महत्वपूर्ण योगदान दिया, वह 2011 से इंग्लैंड में रह रहे थे."
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अवतार सिंह खंडा के बारे में विशेष तथ्य:
- खालिस्तान समर्थक अवतार सिंह खंडा की इंग्लैंड में मौत हो गई है
- पेट दर्द की शिकायत के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया
- खंडा इंग्लैंड में राजनीतिक शरण पर रह रहे थे
- उन पर लंदन स्थित भारतीय दूतावास पर हमले में शामिल होने का आरोप था
मोगा से इंग्लैंड तक खांडा का सफर
अवतार सिंह खंडा की 58 वर्षीय मां चरणजीत कौर ने बीबीसी पंजाबी संवाददाता सरबजीत सिंह धालीवाल को अप्रैल में दिए एक इंटरव्यू में बताया था कि अवतार सिंह खंडा साल 2011 में स्टडी वीज़ा पर इंग्लैंड गये थे.
चरणजीत कौर मोगा में टीचर हैं. उन्होंने कहा कि खंडा ने मोगा से कम्प्यूटर साइंस में डिप्लोमा किया है.
चरणजीत कौर ने बताया था कि उन्होंने बेटे को विदेश भेजने के लिए ढाई लाख रुपए क़र्ज़ लिया था.
चरणजीत के मुताबिक़, खंडा ने तीन साल की पढ़ाई पूरी की लेकिन वर्क परमिट नहीं मिला. बाद में उन्हें ढाई साल का वीज़ा मिल गया.
उन्होंने बीबीसी को बताया था कि उन्हें खंडा के खालिस्तानी गतिविधियों में शामिल होने की कोई जानकारी नहीं है.
चरणजीत ने कहा कि उनकी शादी 1986 में कुलवंत सिंह से हुई थी और शादी से पहले उनके पति को एक आपराधिक मामले में फंसाया गया था लेकिन बाद में उन्हें बरी कर दिया गया था.
उनका आरोप था कि पंजाब पुलिस ने मार्च 1991 में उनके पति कुलवंत सिंह को एक मुठभेड़ में मार दिया था.
पंजाब पुलिस सूत्रों के मुताबिक़, कुलवंत सिंह उग्रवादी संगठन खालिस्तान लिबरेशन फोर्स के सदस्य थे.
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'भिंडरावाले से प्रेरित'
चरणजीत कौर ने कहा कि अवतार सिंह गोल पगड़ी पहनते थे और सिख चरमपंथी जरनैल सिंह भिंडरावाले से प्रेरित थे.
इसके अलावा वे भारत और इंग्लैंड में होने वाले धार्मिक आयोजनों में सक्रिय रूप से भाग लेते थे.
माँ ने बताया है कि 2011 के बाद से वे अपने बेटे से नहीं मिलीं है. उन्होंने दो बार ब्रिटेन के वीज़ा के लिए आवेदन किया लेकिन उन्हें वीज़ा नहीं मिला.
चरणजीत कौर दावा करती हैं, "पंजाब पुलिस आज तक एक भी ग़लत काम में हमारी संलिप्तता साबित करने में विफल रही है."
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