लॉर्ड्स टेस्ट: भारत की हार के बाद कप्तान शुभमन गिल बोले- 'पहली पारी में 80 या 100 रन की बढ़त होती तो हमारे लिए बेहतर होता'

इंग्लैंड के ख़िलाफ़ लॉर्ड्स टेस्ट में भारत की टीम 22 रनों से हार गई है. इसके साथ ही पांच मैचों की सिरीज़ में मेज़बान इंग्लैंड 2-1 से आगे हो गया है.

193 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम पांचवें दिन पूरी तरह से लड़खड़ा गई और 170 रनों पर ऑल आउट हो गई. शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन के लिए इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स को 'मैन ऑफ़ द मैच' चुना गया.

मैच के चौथे दिन इंग्लैंड की पूरी टीम 192 रनों पर ऑल आउट हो गई थी और उसने भारत को जीत के लिए 193 रनों का टारगेट दिया था.

भारतीय बल्लेबाज़ों के अच्छे फ़ॉर्म को देखते हुए ऐसा लग रहा था कि भारत के लिए ये लक्ष्य हासिल करना बहुत बड़ी चुनौती नहीं होगी, लेकिन चौथे दिन ही भारत ने 58 रनों पर चार विकेट गंवा दिए थे और मैच में भारत की पकड़ कमज़ोर पड़ गई.

क्या बोले शुभमन गिल?

मैच के बाद भारत के कप्तान शुभमन गिल ने कहा, "मुझे इस टीम पर गर्व है. हमारी टीम ने शानदार खेल का प्रदर्शन किया. इंग्लैंड ने भारतीय बल्लेबाजों के खिलाफ आक्रमक रवैया दिखाया. अगर शुरुआत में कोई फिफ्टी रन की पार्टनरशिप होती तो चीजें हमारे लिए आसान हो सकती थीं."

भारत के लिए दूसरी पारी में सबसे ज़्यादा 61 रन रविंद्र जडेजा ने बनाए.

उनके बारे में शुभमन गिल ने कहा, "जडेजा ने बेहतरीन बल्लेबाजी की और निचले क्रम के बल्लेबाजों के साथ उन्होंने अच्छी पार्टनरशिप की. हमने सिरीज़ में अच्छा खेल दिखाया है. कई बार वो सिरीज के स्कोरकार्ड से पता नहीं चलता है, पर हम अच्छा खेले हैं."

पहली पारी में ऋषभ पंत 74 रन बनाकर रन आउट हो गए थे. उसका ज़िक्र करते हुए शुभमन गिल ने कहा, "वो हमारे लिए ठीक नहीं था. अगर हम 80 या 100 रन की बढ़त पहली पारी में ले लेते तो स्थिति हमारे लिए बेहतर होती. क्योंकि हमें पता था इस पिच पर आख़िरी दिन बैटिंग करना उतना आसान नहीं होगा."

दोनों टीमों के बीच 23 जुलाई से सिरीज़ का चौथा टेस्ट मैनचेस्टर में शुरू होगा.

उस मैच में बुमराह खेलेंगे या नहीं, ये पूछने पर शुभमन गिल ने जवाब दिया, "आपको इस बारे में पता लग जाएगा."

भारतीय बल्लेबाज़ बुरी तरह से नाकाम

मैच के पांचवें और आख़िरी दिन जब भारतीय बल्लेबाज़ मैदान पर आए तो उस वक़्त केएल राहुल 33 रन बनाकर नाबाद थे.

जब स्कोर 71 था तो ऋषभ पंत सिर्फ़ नौ रन बनाकर जोफ़्रा आर्चर की गेंद पर क्लीन बोल्ड हो गए.

भारत के स्कोर में अभी दस रन और जुड़े थे कि केएल राहुल स्टोक्स का शिकार बन गए. भारतीय टीम की मुसीबत यहीं ख़त्म नहीं हुई, क्योंकि वॉशिंगटन सुंदर बिना खाता खोले ही पवेलियन लौट गए और टीम ने 82 रन बनाने में 7 विकेट गंवा दिए.

हालांकि आठवें विकेट की साझेदारी में जडेजा ने नीतीश रेड्डी के साथ 30 और नवें विकेट के लिए जसप्रीत बुमराह के साथ 35 रन जोड़कर उम्मीद की किरण जगाई. लेकिन ये प्रयास नाकाफ़ी साबित हुए.

170 के स्कोर पर शोएब बशीर ने मोहम्मद सिराज को बोल्ड करके अपनी टीम को जीत दिला दी.

गेंदबाज़ों ने जगाई उम्मीद

लॉर्ड्स टेस्ट में दोनों ही टीमों ने अपनी पहली पारी में 387 रन बनाए थे और दोनों टीमें बराबरी पर थीं. भारत की पहली पारी में के एल राहुल ने शानदार शतक बनाया था, जबकि ऋषभ पंत और रविंद्र जडेजा ने अर्धशतक लगाए थे.

लेकिन इंग्लैंड की दूसरी पारी में भारतीय गेंदबाज़ों ने न केवल इंग्लिश बल्लेबाज़ों को तेज़ रन बनाने से रोका बल्कि पूरी टीम को 192 रनों पर पवेलियन भेज दिया.

भारत की तरफ से इंग्लैंड की दूसरी पारी में वॉशिंगटन सुंदर ने सबसे ज़्यादा 4 विकेट लिए. जबकि बुमराह और सिराज को दो-दो विकेट मिले.

वहीं इंग्लैंड की तरफ से दूसरी पारी में सबसे ज्यादा रन जो रूट ने बनाए. वो 40 रन बनाकर वॉशिंगटन सुंदर का शिकार बने.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित