हांगकांग में भीषण आग पर उस रिहायशी इलाक़े के लोग क्या कह रहे हैं?

इमेज स्रोत, REUTERS/Tyrone Siu
- Author, फ़ोएबे कॉन्ग ओर कोए ली
- पदनाम, बीबीसी चाइनीज़, हांगकांग
- Author, डैनी विंसेंट
- पदनाम, हांगकांग
- Author, कैथरीन आर्मस्ट्रांग
- पदनाम, लंदन
हांगकांग के रिहायशी कॉम्प्लेक्स में लगी भीषण आग को देखने पहुंचे स्टूडेंट थॉमस लियू कहते हैं कि इमारत के क़रीब घना धुआं और चुभने वाला तापमान है.
हांगकांग के ताई पो ज़िले में वांग फ़ुक कोर्ट हाउसिंग कॉम्प्लेक्स के आठ ब्लॉक में बुधवार को भीषण आग लग गई थी.
बुधवार की विनाशकारी आग में अब तक कम से कम 44 लोगों की मौत हो चुकी है और सैकड़ों लोग अब भी लापता हैं. मृतकों की तादाद बढ़ने की आशंका है.
बीबीसी हिंदी के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें.
थॉमस ने बीबीसी से कहा, "यह एक तबाही है." इससे पहले उन्होंने घटनास्थल से एक शव को बाहर ले जाते देखा.
ताई पो ज़िले की काउंसलर मुई सियू-फ़ुंग ने बीबीसी चाइनीज़ सेवा को बताया, "कई लोगों ने हमें व्हाट्सऐप संदेश भेजे या फ़ोन किए और बताया कि उनके रिश्तेदार अब भी अंदर हैं या उनका पता नहीं चल पा रहा है."
आग फैलने के कारण 1,000 से अधिक लोगों को बाहर निकालना पड़ा है और कुछ लोगों को शेल्टर में ले जाया गया है. पुलिस ने आसपास की इमारतों से भी लोगों को सुरक्षित निकाला है.
आग को धीरे-धीरे काबू में किया जा रहा है लेकिन अधिकारियों का कहना है कि यह नहीं पता कि इसे पूरी तरह बुझाने में कितना समय लगेगा.
आस पास के अपार्टमेंट से भी ये आग देखी जा सकती थी. इस भयावह घटना को देखकर लोग खामोश थे.
एक महिला ने कहा कि उसके दोस्त उसी इमारत में रहते हैं और वो इस बात का पता लगने का इंतज़ार कर रही है कि वे बाहर निकल पाए या नहीं.

इमेज स्रोत, Reuters
वांग फ़ुक कोर्ट कॉम्प्लेक्स के ब्लॉक दो में 40 साल से ज़्यादा समय से रह रहे हैरी चेयुंग ने रॉयटर्स को बताया कि उन्होंने 'बहुत ज़ोर की आवाज़' सुनी और पास के ब्लॉक में आग की लपटें उठती देखीं.
66 वर्षीय हैरी चेयुंग ने कहा, "मैं तुरंत अपनी चीज़ें समेटने के लिए वापस गया."
उन्होंने कहा, "मुझे नहीं पता मैं अभी कैसा महसूस कर रहा हूं. मैं बस यह सोच रहा हूं कि आज रात मैं कहां सोऊंगा क्योंकि शायद मैं घर वापस नहीं जा पाऊंगा."
साठ साल से ज़्यादा उम्र की एक महिला क्वॉन्ग फ़ुक एस्टेट में रहती हैं.
उन्होंने साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट को बताया कि वांग फ़ुक कोर्ट में रहने वाले उनके ज़्यादातर दोस्तों के बारे में जानकारी मिल गई है, लेकिन सभी के बारे में नहीं.
मिस कम ने बताया कि उनकी एक दोस्त को रोज़ दोपहर में थोड़ी देर के लिए सोने की आदत है. जब आग लगी तो वो शायद सो रही होंगी.
उन्होंने बताया कि उनकी दोस्त की बेटियां अभी तक संपर्क नहीं कर पाई हैं.
एक अन्य निवासी, 65 साल के जैसन कॉन्ग ने रॉयटर्स को बताया कि एक पड़ोसी ने उन्हें फ़ोन किया और कहा कि वो एक ब्लॉक के अंदर फंसे हुए हैं.
मिस कम ने कहा, "मैं सदमे में हूँ. यहाँ इतने सारे पड़ोसी और दोस्त हैं. मुझे नहीं पता अब क्या हो रहा है. देखिए, सारे अपार्टमेंट जल रहे हैं. मुझे नहीं पता क्या करूं. मुझे उम्मीद है कि सरकार बाद में हमें कहीं रहने में मदद करेगी."
एक बुज़ुर्ग महिला इन्हीं ब्लॉकों में से एक में रहती हैं. उन्होंने बीबीसी को बताया कि आग लगने के वक़्त वह घर पर नहीं थीं लेकिन उन्हें अपने अपार्टमेंट की चिंता है क्योंकि उसका बीमा नहीं हुआ है.
उन्होंने कहा, "मैं बहुत परेशान हूं कि अब मेरे पास लौटने के लिए घर नहीं है."

इमेज स्रोत, REUTERS/Tyrone Siu
कई ऊंची इमारतों को अपनी चपेट में लेने वाली इस आग का कारण अभी तक पता नहीं चला है, लेकिन माना जा रहा है कि लपटें इसलिए तेज़ी से फैलीं क्योंकि मरम्मत के लिए इमारतों के चारो ओर बांस के मचान लगाए गए थे.
कुछ लोगों ने आग की भयावहता को लेकर नाराज़गी जताई और आग पर काबू पाने की कोशिशों की आलोचना की.
वांग फ़ुक कोर्ट में रहने वाली एक अन्य सीनियर सिटिज़न मिस पून ने सवाल किया, "जब जंगल की आग लगती है तो वे हेलिकॉप्टर भेजते हैं और पानी गिराते हैं, लेकिन यहां ऐसा क्यों नहीं किया गया और दूसरी इमारतों को जलने के लिए कैसे छोड़ दिया?"
उन्होंने साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट से कहा, "ये जगह फ़ायर स्टेशन के बहुत पास है. हमने सोचा था आग जल्दी बुझ जाएगी लेकिन अब आग फैलती गई. मैं बहुत निराश हूं."
मिस पून ने कहा कि उन्हें सरकार की ओर से यह नहीं बताया गया कि मदद कहां मिलेगी.
निवासियों ने बीबीसी से क्या कहा

इमेज स्रोत, AFP via Getty Images
बीबीसी ने ताई पो के कुछ निवासियों से बात की जिन्होंने पीड़ितों और प्रभावित लोगों के लिए मदद का इंतज़ाम किया था. इसमें दर्जनों कंबल और हीट पैक थे.
हांगकांग के मुख्य कार्यकारी जॉन ली ने कहा कि सरकारी विभाग आग से प्रभावित निवासियों की मदद कर रहे हैं.
आग के बारे में वो क्या सोचते हैं, तो प्रभावित निवासियों ने कहा, 'सरकार अक्षम है' और वे 'बेहद टूट चुके हैं.'
एक निवासी ने कहा, "हम अब और किसी को हताहत नहीं देखना चाहते."
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.












