इसराइल-हमास संघर्ष: ग़ज़ा पर और तेज़ हुए हमले, इंटरनेट ठप, बाहरी दुनिया से टूटा संपर्क

ग़ज़ा पर इसराइल का हमला

इमेज स्रोत, Ali Jadallah/Anadolu via Getty Images

    • Author, टॉम बेटमैन, एंटोनेट रैडफ़ोर्ड
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता, येरूशलम और लंदन से

इसराइल ने शुक्रवार के मुक़ाबले ग़ज़ा पर बमबारी और तेज़ कर दी है. ठीक इसी वक्त ग़ज़ा में इंटरनेट और फ़ोन लाइनें ठप हो गई हैं जिससे वहां मौजूद लोगों का संपर्क पूरी दुनिया से टूट गया है.

इसराइल ने पुष्टि की है कि उसकी सेना ग़ज़ा में ज़मीनी हमले बढ़ा रही है.

इस बीच इंटरनेट पर नज़र रखने वाली संस्था नेटब्लॉक्स ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी है कि ग़ज़ा में "इंटरनेट कनेक्टिविटी कट गई है."

छोड़िए X पोस्ट, 1
X सामग्री की इजाज़त?

इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

पोस्ट X समाप्त, 1

राहत के काम में लगी 'फ़लस्तीन रेड क्रॉस' का कहना है कि वो ग़ज़ा में मौजूद अपनी टीम के दूसरे लोगों से साथ संपर्क नहीं कर पा रही है.

सोशल मीडिया पर संस्था ने लिखा, "हम आपातकालीन इलाज देना जारी रखने की अपनी टीमों की क्षमता को लेकर चिंतित हैं. ख़ासकर तब जब इंटरनेट की दिक्कत ने हमारे केंद्रीय आपातकालीन नंबर 101 को प्रभावित किया है. ग़ज़ा में लैंडलाइन, मोबाइल फ़ोन और इंटरनेट संपर्क टूट गए हैं."

छोड़िए X पोस्ट, 2
X सामग्री की इजाज़त?

इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

पोस्ट X समाप्त, 2

ग़ज़ा से संपर्क टूटा

मौजूदा वक्त में ग़ज़ा में मौजूद लोगों के साथ हमारा संपर्क नहीं हो पा रहा है क्योंकि वहां संपर्क के चैनल अब भी बंद पड़े हैं.

बीबीसी ने स्थानीय समय के अनुसार शाम के 6 बजकर 40 मिनट पर ग़ज़ा में रहने वाले एक व्यक्ति को व्हाट्सऐप मैसेज भेजा था. अभी भी उस पर सिर्फ एक टिक मार्क दिखा रहा है, जिसका मतलब है कि अब तक ये संदेश फ़ोन तक नहीं पहुंच सका है.

मोबाइल फ़ोन से कॉल करने की कोशिशें भी नाकाम साबित हो रही हैं.

हमने कई बार कॉल करने की कोशिश की और मैसेज भी भेजे, लेकिन ग़ज़ा में मौजूद फ़ोन तक न तो कॉल जा रही है और न ही संदेश डिलीवर हो रहा है.

बीबीसी अरबी सेवा के मेहदी मुसावी ने पूरा दिन ग़ज़ा में मौजूद पत्रकारों और स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ संपर्क करने की कोशिश की और उन्हें व्हाट्सऐप पर छोटे-छोटे जवाब मिल रहे थे. आख़िर वो ग़ज़ा के 'अल शिफ़ा' अस्पताल से संपर्क करने में कामयाब भी हुए लेकिन शाम तक संपर्क की सभी लाइनें बंद हो गईं.

इस वक्त तक टीवी पर प्रसारित होने वाले लाइव फुटेज में देखा गया कि ग़ज़ा क पूरा इलाक़ा अंधेरे में डूब गया है. मुसावी ने दिन में जिन-जिन लोगों से बात की थी उनस सभी को मैसेज भेजने की कोशिश की लेकिन उनका संदेश डिलीवर नहीं हुआ.

बढ़ रहा है डर

इसराइल के बढ़ते ज़मीनी हमलों के बीच एक तरफ ग़ज़ा में इंटरनेट और फ़ोन लाइनें ठप पड़ गई हैं तो दूसरी तरफ दुनिया के दूसरे इलाक़ों में बसे फ़लस्तीनियों में डर और घबराहट बढ़ती जा रही है.

बीते 20 दिनों से ग़ज़ा में रह रहे लोगों के साथ व्हाट्सऐप पर बीच-बीच में सीमित ही सही, लेकिन कुछ बातचीत हो जाती थी जिससे थोड़ी राहत मिलती थी.

लेकिन संपर्क टूटने के बाद लोगों में एक अलग तरह का डर है. ये लोग रह-रह कर खुद से सवाल कर रहे हैं, "क्या वो मर गए? क्या अभी वो ज़िंदा है? कहीं उनके घर पर बम तो नहीं गिर गया?"और फिर हालात के बारे में सोच कर वो खुद ही डर रहे हैं.

ग़ज़ा में रह रहे लोगों के परिजन के कई व्हाट्सऐप ग्रुप हैं जिसमें दुनियाभर में अलग-अलग जगहों पर रह रहे फ़लस्तीनी शामिल हैं. इंटरनेट संपर्क टूटने के बाद इनमें से एक ग्रुप में लोगों का डर जाहिर होता है. वो एकदूसरे से सवाल कर रहे हैं.

एक व्यक्ति ने लिखा, "हे ईश्वर!!"

एक अन्य व्यक्ति ने लिखा, "ऐसा लगता है कि ज़मीनी हमला शुरू होने वाला है."

ग़ज़ा पर इसराइल का हमला

इमेज स्रोत, Ali Jadallah/Anadolu via Getty Images

क्या कह रही हैं टेलिकॉम कंपनियां

मानवाधिकारों के लिए काम करने वाली संस्था ह्यूमन राइट्स वॉच ने कहा है कि ग़ज़ा में 'टेलिकम्युनिकेशन चैनल पूरी तरह टूट गए हैं, इस ब्लैकआउट से ग़ज़ा में बड़े पैमाने पर "अत्याचार" को कवर मिलने का ख़तरा पैदा हो गया है.'

इस संगठन की वरिष्ठ तकनीक और मानवाधिकार शोधकर्ता डेबोरा ब्राउन ने एक बयान में कहा, "यह इंफ़ॉर्मेशन ब्लैकआउट है जिससे बड़े पैमाने पर अत्याचारों के लिए कवर देने और मानवाधिकारों का उल्लंघन करने के बाद सज़ा से बचने का जोखिम पैदा हो सकता है."

फ़लस्तीनी टेलिकॉम कंपनी जव्वाल ने कहा है, "ग़ज़ा पट्टी पर हो रहे हमलों के बीच यहां कम्युनिकेशन चैनल और इंटरनेट सेवाएं पूरी तरह बाधित हो गई हैं. इसकी वजह ग़ज़ा पर हो रही लगातार बमबारी है जिसके कारण ग़ज़ा को दुनिया से जोड़ने वाले फाइबर नेटवर्क का बचा-खुचा हिस्सा भी नष्ट हो गया है."

बीबीसी ने कम्युनिकेशन संपर्क टूटने को लेकर इसराइली सेना से सवाल किया है लेकिन अब तक सेना की तरफ से कोई जवाब नहीं मिल पाया.

छोड़िए X पोस्ट, 3
X सामग्री की इजाज़त?

इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

पोस्ट X समाप्त, 3

इसराइल की ज़मीनी कार्रवाई की चेतावनी

इस बीच इसराइल के दक्षिण में ग़ज़ा से हो रहे रॉकेट हमलों की चेतावनी देने वाला सायरन गूंज रहा है.

शुक्रवार को इसराइली सेना ने ज़मीनी हमले बढ़ाने का ऐलान करने के बाद एक बार फिर ग़ज़ा शहर के लोगों को चेतावनी दी कि वो ग़ज़ा में दक्षिण की तरफ पालयन करें.

सेना के प्रवक्ता डेनियल हगारी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "सेना ने ग़ज़ा में हमले बढ़ा दिए हैं. हमारी वायु सेना बड़े पैमाने पर ज़मीन के नीचे बने हमास के ठिकानों और आतंकवादियों के इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बना रही है."

"बीते दिनों में हमने हमास के ख़िलाफ़ जो कार्रवाई की है उसे बढ़ाते हुए हम आज शाम से ज़मीन पर सैनिकों की कार्रवाई को बढ़ा रहे हैं और हमले तेज़ कर रहे हैं."

ग़ज़ा पर इसराइल का हमला

इमेज स्रोत, MENAHEM KAHANA/AFP via Getty Images

इसराइल का दावा

शनिवार को इसराइल ने दावा किया कि उसकी सेना ने सात अक्तूबर को इसराइल पर हमले के दौरान पैराग्लाइडर्स के हमले और कथित तौर पर ड्रोन हमले का नेतृत्व करने वाले कमांडर को मार दिया है.

इसराइल डिफेंस फोर्सेज़ (आईडीएफ़) ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, "बीती रात जेट हमलों में हवाई हमलों का नेतृत्व करने वाले हमास के आसिम अबु रकाबा को मार दिया गया है."

"अबु रकाबा ड्रोन हमलों, पैराग्लाइडर्स के ज़रिए हमलों, हवा में मिसाइलों की पहचान करने और सुरक्षा के लिए ज़िम्मेदार था. सात अक्टूबर को इसराइली सीमा के भीतर आकर जनसंहार करने वाली हमास के आतंकवादियों की योजना और हमले के दौरान उन्हें कमांड वही दे रहा था."

छोड़िए X पोस्ट, 4
X सामग्री की इजाज़त?

इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

पोस्ट X समाप्त, 4

वीडियो कैप्शन, ग़ज़ा में ज़िंदगियों को बचाने की जंग
वीडियो कैप्शन, ग़ज़ा में कार्रवाई पर क्या बोले इसराइली सैनिक

(ब्रैंडन ड्रेनन की अतिरिक्त रिपोर्टिंग के साथ)

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)