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असम में राहुल गांधी पर एफ़आईआर के आदेश, कांग्रेस ने किया पलटवार
कांग्रेस नेता राहुल गांधी की 'भारत जोड़ो न्याय यात्रा' के दौरान असम के जोराबाट में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड हटाने की कोशिश की.
इसके बाद असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने राज्य की पुलिस को राहुल गांधी के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज करने के लिए कहा है.
दरअसल, मंगलवार सुबह असम पुलिस ने राहुल गांधी और कांग्रेस कार्यकर्ताओं को जोराबाट में आगे बढ़ने से रोक दिया था.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, ये बैरिकेड इसलिए लगाए गए थे, ताकि यात्रा को गुवाहाटी में प्रवेश करने से रोका जा सके.
यहीं पर कुछ कार्यकर्ता पुलिस की बैरिकेडिंग पर चढ़ गए. इसके बाद असम के सीएम ने असम के पुलिस महानिदेशक को निर्देश दिए कि राहुल गांधी पर भीड़ को उकसाने के आरोप में एफ़आईआर की जाए.
राहुल गांधी ने कहा है कि वह बिल्कुल नहीं डरते. उन्होंने यह भी कहा कि यात्रा को रोककर असम सरकार उन्हें फ़ायदा ही पहुंचा रही है.
लगातार दूसरे दिन 'टकराव'
कांग्रेस नेता राहुल गांधी की 'भारत जोड़ो न्याय यात्रा' इन दिनों असम से होकर गुज़र रही है, लेकिन पिछले दो दिनों से यहां टकराव की स्थिति बनती नज़र आ रही है.
मंगलवार को ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ के दसवें दिन खानापाड़ा इलाक़े में बड़ी संख्या में सुरक्षाबल तैनात थे.
इसके साथ ही, गुवाहाटी की ओर जाने वाले सभी रास्तों पर पुलिस ने बैरिकेड लगा दिए थे.
यात्रा शुरू करने से पहले राहुल गांधी ने कहा कि असम के सीएम, गृहमंत्री और प्रधानमंत्री भले ही क़ानून तोड़ सकते हैं, लेकिन कांग्रेस का कोई कार्यकर्ता क़ानून को नहीं तोड़ेगा.
उन्होंने कहा, "मगर आप ये मत सोचिए कि हम लोग कमज़ोर हैं. कांग्रेस के कार्यकर्ता बब्बर शेर हैं. अपनी शक्ति को पहचानो."
इसके बाद जब पुलिस ने इस यात्रा को रोका तो कांग्रेस कार्यकर्ता बैरिकेडिंग हटाने की कोशिश करने लगे और राहुल गांधी ज़िंदाबाद के नारे लगाते नज़र आए.
इससे पहले, सोमवार को असम पुलिस ने राहुल गांधी को असमिया समाज के प्रतिष्ठित वैष्णव संत श्रीमंत शंकर देव की स्थली बटाद्रवा थान मंदिर जाने से रोक दिया गया था.
स्थानीय प्रशासन ने उन्हें यहां से क़रीब 17 किलोमीटर पहले ही हैबरगांव में रोका गया था. इससे नाराज़ होकर वे यहीं पर धरने पर बैठ गए थे.
धरने पर बैठने से पहले उन्होंने मीडिया से कहा था, “ऐसा लगता है जैसे आज केवल एक व्यक्ति को मंदिर में प्रवेश की अनुमति है. क्या पीएम मोदी तय करेंगे कि मंदिरों में कौन जाता है?''
उनका इशारा उसी समय अयोध्या राम मंदिर में हो रहे प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम की ओर था.
हालांकि, इससे एक दिन पहले ही असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा था कि राहुल गांधी को बटाद्रवा नहीं जाना चाहिए.
उन्होंने कहा था, "हम राहुल गांधी से अनुरोध करेंगे कि वह सोमवार को राम मंदिर के अभिषेक समारोह के दौरान बटाद्रवा न जाएं, क्योंकि इससे असम की गलत छवि बनेगी."
इसके अलावा उन्होंने मोरीगांव, जगीरोड़ और नेल्ली को संवेदनशील क्षेत्र बताते हुए कहा था कि राहुल गांधी ने यह अल्पसंख्यक बहुल इलाक़ों से होकर जाने वाला रास्ता चुना है, जिसे टाला जा सकता था.
राहुल पर एफ़आईआर के निर्देश
अब मंगलवार को बैरिकेड तोड़े जाने की घटना के बाद, असम के सीएम ने एक्स (पहले ट्विटर) पर राहुल गांधी की आलोचना करते हुए लिखा, “ये असमिया संस्कृति का हिस्सा नहीं हैं. हम एक शांतिपूर्ण राज्य हैं. ऐसी "नक्सली रणनीति" हमारी संस्कृति से बिलकुल अलग हैं.”
वह लिखते हैं, “मैंने असम पुलिस के डीजीपी को निर्देश दिया है कि वह राहुल गांधी के ख़िलाफ़ भीड़ को उकसाने के कारण एफ़आईआर दर्ज करें. साथ ही उनके हैंडल पर पोस्ट किए गए फुटेज को सबूत के रूप में इस्तेमाल करने का निर्देश दिया है."
"आपके अनियंत्रित व्यवहार और दिशानिर्देशों के उल्लंघन के कारण गुवाहाटी में बड़े पैमाने पर ट्रैफिक जाम हो गया है."
वहीं, राहुल गांधी ने कहा कि मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने यात्रा रोककर उन्हें फ़ायदा पहुंचाया है. उन्होंने कहा, "आप गाली दो, चाहे कुछ भी करो मैं डरता नहीं हूं."
एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस के दौरान उन्होंने कहा, "यात्रा के खिलाफ़ असम के मुख्यमंत्री जो कर रहे हैं, इससे यात्रा को फ़ायदा हो रहा है. यह यात्रा असम में मुख्य मुद्दा बन चुकी है. ये तो इनका (बीजेपी) डराने का तरीका है, हम इनसे डरते नहीं हैं...हमारा तो फ़ायदा है, हमारा जो संदेश गाँव-गाँव में जा रहा है क्योंकि जनता पूछ रही है कि ये क्या हो रहा है?"
राहुल ने कहा, "जनता पूछ रही है राहुल जी मंदिर जाना चाहते हैं, उन्हें क्यों रोक रहे हैं, राहुल स्टूडेंट्स से बात करना चाहते हैं, क्यों रोक रहे हैं. पदयात्रा जेपी नड्डा (बीजेपी के अध्यक्ष) की चली जाती है, बजरंग दल की चली जाती है, उससे ट्रैफ़िक नहीं रुक रहा है लेकिन हमारी पदयात्रा ट्रैफ़िक रोकती है."
इससे पहले, राहुल गांधी यात्रा जब जोरहाट शहर से गुज़री थी तो प्रशासन ने निर्धारित रास्ते का उल्लंघन करने पर आयोजक के ख़िलाफ़ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया था.
बीच में, कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि नॉर्थ लखीमपुर में कांग्रेस की कई गाड़ियों पर पथराव हुआ और पार्टी के बैनर भी फाड़े गए.
कांग्रेस ने इस संबंध में मामला दर्ज करवाया था. वहीं, रविवार को जब यह यात्रा अरुणाचल प्रदेश से वापस असम लौटी, तब असम कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष भूपेन बोरा ने आरोप लगाया कि बीजेपी समर्थकों के हमले में उन्हें चोटें आई हैं.
इसके बाद सीएम सरमा ने पुलिस महानिदेशक को मामला दर्ज कर दोषियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने को कहा था.
तीखी बयानबाज़ी
मणिपुर से शुरू हुई भारत जोड़ो न्याय यात्रा बीते गुरुवार को असम पहुंची थी. तभी से राहुल गांधी और राज्य के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के बीच बयानबाज़ी चल रही है.
दरअसल, हिमंत बिस्वा सरमा लंबे समय तक कांग्रेस में रहे थे और फिर 2015 में बीजेपी में शामिल हो गए थे. उसके बाद से वह लगातार राहुल गांधी की आलोचना करते दिखे.
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक जनसभा में हिमंत बिस्वा सरमा को देश का सबसे भ्रष्ट मुख्यमंत्री बताते हुए कहा था कि 'वो बीजेपी के अन्य मुख्यमंत्रियों को भ्रष्टाचार सिखा सकते हैं.'
जवाब में सरमा ने गांधी परिवार को देश का सबसे भ्रष्ट परिवार बताया था.
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