हर्षित राणा के लिए कौन-सा नियम बना मौक़ा जो इंग्लैंड की टीम को लग रहा है ग़लत

हर्षित राणा और रवि बिश्नाई

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    • Author, मनोज चतुर्वेदी
    • पदनाम, वरिष्ठ खेल पत्रकार, बीबीसी हिंदी के लिए

हार्दिक पांड्या-शिवम दुबे की आक्रामक बल्लेबाज़ी और हर्षित राणा-रवि बिश्नोई की गेंदबाज़ी ने हाथ से निकलते मैच को भारत की झोली में डाल दिया.

भारत ने पुणे के एमसीए स्टेडियम में खेले गए चौथे टी-20 मैच में इंग्लैंड को 15 रन से हरा दिया.

भारत ने इस जीत से सिरीज़ में 3-1 की अजेय बढ़त बना ली है और भारत ने घर में लगातार 17वीं टी-20 सिरीज़ जीतना पक्का कर लिया है.

भारत 2019 के बाद से घर में कोई टी-20 सिरीज़ नहीं हारा है.

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कनकशन नियम से खुली हर्षित की क़िस्मत

शिवम दुबे

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इमेज कैप्शन, शिवम दुबे ने शानदार बल्लेबाज़ी करते हुए अर्धशतक लगाया

भारतीय पारी को लड़ने लायक स्थिति में पहुंचाने में अहम भूमिका निभाने वाले शिवम दुबे के चोटिल होने पर उनकी जगह 'कनकशन' नियम से हर्षित राणा को शामिल किया गया.

इसी फ़ैसले से इंग्लैंड की टीम नाख़ुश दिखी और इसी नियम ने इंग्लैंड के मैच गंवाने में बड़ी भूमिका निभाई.

दरअसल भारतीय पारी के अंतिम ओवर की पांचवीं गेंद पर 53 रनों पर खेल रहे शिवम दुबे के हेलमेट में इंग्लैंड के तेज़ गेंदबाज़ जेमी ओरवटन का बाउंसर आकर लगा.

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उसके बाद भारतीय डॉक्टरों की टीम ने जांच कर उन्हें आख़िरी गेंद खेलने की अनुमति भी दी. लेकिन उसके बाद मैच रेफ़री ने हर्षित राणा को उनकी जगह खेलने की अनुमति दे दी.

इंग्लैंड के खिलाड़ी इस फ़ैसले से नाख़ुश दिखे. उनका मानना था कि शिवम दुबे की जगह उनकी तरह के ही खिलाड़ी को खेलने को मौक़ा मिलना चाहिए.

जबकि शिवम दुबे मूल रूप से एक बल्लेबाज़ हैं और धीमी गति से मध्यम तेज़ गेंदबाज़ी करते हैं. उन्होंने अब तक खेले गए मैचों में ज़्यादा गेंदबाज़ी नहीं की है.

जबकि हर्षित 90 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ़्तार से गेंद फेंकते हैं और उन्होंने अब तक टी-20 में केवल तीन बार बल्लेबाज़ी की है. एक बार 10वें नंबर पर और दो बार ग्यारहवें नंबर पर.

हर्षित ने बेहतरीन गेंदबाज़ी करके भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई. उन्होंने चार ओवरों में 33 रन देकर तीन विकेट निकाले.

हर्षित ने लिविंगस्टन और जेमी ओवर्टन के रूप में दो ऐसे विकेट निकाले, जो मैच को इंग्लैंड की तरफ़ ले जाते नज़र आ रहे थे. लेकिन इन झटकों ने इंग्लैंड को ऐसा झटका दिया, जिससे जीत की तरफ़ बढ़ती टीम हार की तरफ बढ़ गई.

राणा को था इस मौक़े का इंतज़ार

हर्षित राणा

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इमेज कैप्शन, हर्षित राणा ने मौक़े का पूरा फ़ायदा उठाया और इंग्लैंड के तीन बल्लेबाज़ों को पवेलियन भेजा

हर्षित राणा भारतीय टी-20 टीम के साथ कुछ दौरे तो कर चुके हैं पर उनके अंतरराष्ट्रीय टी-20 करियर की शुरुआत कनकशन नियम से हुई.

उन्होंने कमेंटेटरों से मैच के बाद कहा कि इंग्लैंड की पारी के दो ओवरों के बाद शिवम दुबे के लौटने पर बताया गया कि 'मुझे जाकर गेंदबाज़ी करनी है.'

हर्षित ने कहा, "मुझे इस मौके का इंतज़ार था और मैं अपनी क्षमता को साबित करने को तैयार था. इसके लिए मैं सिर्फ़ सिरीज़ ही नहीं बल्कि लंबे समय से इसकी तैयारी कर रहा था. मुझे केकेआर से खेलने का जो अनुभव मिला, उसका फायदा मिला."

प्लेयर ऑफ द मैच शिवम दुबे

शिवम दुबे

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इमेज कैप्शन, शिवम दुबे को मैन ऑफ़ द मैच चुना गया

शिवम दुबे भले ही कनकशन नियम को अपनाए जाने की वजह से गेंदबाज़ी नहीं कर सके, लेकिन वो अपनी बल्लेबाज़ी से किए धमाके से भारत को फाइट की स्थिति में पहुंचाने में अहम भूमिका निभाने वाले रहे.

वो जिस समय मैदान में उतरे, उस समय तक भारत ने 57 रनों पर चार विकेट गंवा दिए थे. उनके आने के थोड़े समय बाद ही रिंकू सिंह के भी आउट हो जाने पर ज़िम्मेदारी और बढ़ गई.

शिवम को हार्दिक पांड्या के रूप में ऐसा जोड़ीदार मिला, जिसका तोड़ इंग्लैंड के गेंदबाज़ों के पास नहीं दिख रहा था. हार्दिक इस सिरीज़ में पहली बार अपने पूरे टच में नज़र आए. वह बहुत ही आसानी से चौके-छक्के लगा रहे थे.

उन्होंने 30 गेंदों में चार छक्कों और चार चौके से 53 रन बनाए. शिवम ने भी सात चौकों और दो छक्कों से 53 रन की पारी खेली.

शिवम और हार्दिक ने 44 गेंदों में 87 रन की साझेदारी से भारत को लड़ने लायक स्थिति में पहुंचाया. इस साझेदारी का ही कमाल था, जो भारत 181 रनों के स्कोर तक पहुंच सका.

भारत के एक समय 12 रनों पर तीन विकेट निकल गए थे और यह स्थिति साकिब महमूद के एक ओवर में तीन विकेट निकालने से बनी. इस स्थिति के बाद इस स्कोर तक पहुंचना, टीम की बल्लेबाज़ी की गहराई को दर्शाता है.

भारत को जीत की राह पर डालने वाले रवि बिश्नोई

बिश्नोई

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इमेज कैप्शन, रवि बिश्नोई ने इंग्लैंड के शीर्ष बल्लेबाज़ों को आउट कर भारत के लिए जीत के दरवाज़े खोल दिए

बेन डकेट और फिल सॉल्ट ने जिस अंदाज़ में लक्ष्य का पीछा करना शुरू किया, उससे लग रहा था कि इंग्लैंड आसानी से लक्ष्य पाकर सिरीज़ में दो-दो की बराबरी करने में सफल हो जाएगा.

इस जोड़ी ने पहले सात ओवरों में स्कोर को बिना किसी नुक़सान के 62 रनों तक पहुंचा दिया. इस जोड़ी में डकेट तीसरे मैच की तरह ही बहुत आक्रामक रुख़ अपनाए हुए थे. उन्होंने 19 गेंदों में सात चौकों और एक छक्के से 39 रन बनाए.

रवि बिश्नोई ने अटैक पर आते ही डकेट और फिर जोस बटलर के विकेट निकालकर इंग्लैंड को दबाव में ला दिया.

इस बीच ही अक्षर पटेल ने फिल सॉल्ट का विकेट निकालकर भारत की जीत की उम्मीदों को फिर से जागृत किया. रवि ने 28 रनों पर तीन विकेट निकाले.

कमेंटेटर पीयूष चावला ने कहा, "रवि बिश्नोई के सिरीज़ में पहली बार अच्छी गेंदबाज़ी करने की प्रमुख वजह यह रही कि उन्होंने दाहिने हाथ के बल्लेबाज़ों के लिए चौथे स्टंप पर गेंद डाली."

"जो विकेट में ख़त्म होने की वजह से बल्लेबाज़ों को खुलकर खेलने की छूट नहीं मिली. साथ ही उन्होंने अच्छी लेंथ पर गेंदबाज़ी की और उनकी गति भी सही रही. इस कारण ही वह सफलता पाने में सफल रहे."

पीयूष चावला ने कहा कि भारतीय गेंदबाज़ों ने छह से आठ मीटर के बीच गेंद का टप्पा रखकर इंग्लैंड के बल्लेबाज़ों को लगातार परेशानी में डाला.

इंग्लैंड मौक़े का फ़ायदा नहीं उठा सका

जेमी ओवरटन

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इमेज कैप्शन, इंग्लैंड की शुरुआत काफ़ी अच्छी रही लेकिन उसके बल्लेबाज़ मौक़े का फ़ायदा नहीं उठा सके

इंग्लैंड को साकिब महमूद ने जिस तरह की शुरुआत दिलवाई, उससे एक समय लग रहा था कि भारतीय टीम बड़ा स्कोर शायद ही बना सके.

जोफ्रा आर्चर के पहले ओवर में 12 रन पड़ने के बाद महमूद ने दूसरे ओवर में बिना कोई रन दिए संजू सैमसन, तिलक वर्मा और सूर्यकुमार यादव के विकेट निकालकर भारतीय पारी को डगमगा दिया. लेकिन इस लाभ का गेंदबाज़ पूरी तरह से फायदा नहीं उठा सके.

इसी तरह इंग्लैंड मज़बूत शुरुआत करने के बाद अपनी ग़लतियों से मैच से पकड़ को खोता गया. ब्रायडन कार्स और हैरी ब्रुक दोनों ऐसे बल्लेबाज़ हैं, जो मैच को इंग्लैंड के पक्ष में ले जा सकते थे.

लेकिन दोनों ने ग़लत समय बिग हिटिंग करके अपने विकेट खो दिए. हैरी ब्रुक अपनी अर्धशतकीय पारी से टीम को जीत की तरफ़ बढ़ा चुके थे. उन्होंने यह जानते हुए भी कि वरुण चक्रवर्ती का आख़िरी ओवर है, गलत शॉट खेलकर विकेट खो दिया.

इसी ओवर में ब्रायडन कार्स ने भी छक्का लगाने के चक्कर में अपना विकेट खोकर इंग्लैंड को हार की तरफ बढ़ा दिया. इन दो विकेट से वरुण चक्रवर्ती के सिरीज़ में 12 विकेट हो गए हैं.

सूर्यकुमार ने की हार्दिक और दुबे की प्रशंसा

सूर्यकुमार यादव

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इमेज कैप्शन, सूर्यकुमार यादव ख़ुद शून्य पर आउट हो गए और भारत ने महज़ 13 रन बनाने में तीन विकेट और 79 रनों पर पांच विकेट गंवा दिए

भारतीय कप्तान ने मैच जीतने के बाद कहा, "हमारी अच्छी शुरुआत नहीं हो सकी पर हार्दिक पांड्या और शिवम दुबे ने बल्लेबाज़ी में अनुभव का इस्तेमाल किया, वह क़ाबिल ए तारीफ़ है."

सूर्यकुमार यादव ने कहा, "हमने सात से दसवें ओवर के बीच इंग्लैंड की पारी को नियंत्रित किया. ड्रिंक्स के बाद हर्षित राणा ने जिस तरह से गेंदबाज़ी की, वह प्रशंसनीय है."

जोस बटलर ने कहा, "हमने गेंदबाज़ी और बल्लेबाज़ी दोनों में अच्छी शुरुआत की पर जीत नहीं पाना हताशापूर्ण है."

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