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राजस्थान में पीएम ने किया कन्हैया लाल हत्याकांड का ज़िक्र, कांग्रेस ने बताया ध्रुवीकरण की कोशिश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को राजस्थान और मध्य प्रदेश में की गई चुनावी रैलियों में उदयपुर में हुई टेलर कन्हैया लाल की हत्या का मुद्दा उठाते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा.
राजस्थान के उदयपुर में 28 जून 2022 को टेलर कन्हैया लाल की दो हमलावरों ने हत्या कर दी थी. उनकी हत्या का वीडियो भी सोशल मीडिया पर शेयर किया गया था.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कन्हैला लाल की मौत का ज़िक्र करते हुए कांग्रेस पार्टी के शासन पर निशाना साधा.
पीएम मोदी ने कहा, “आप मुझे बताइये, जो उदयपुर में हुआ, वैसी कभी आपने कल्पना भी की थी, जिस राजस्थान ने दुश्मन पर धोखे से वार न करने की परंपरा को जिया है, उस राजस्थान की धरती पर इतना बड़ा पाप हुआ है. कपड़े सिलाने के बहाने लोग आते हैं, और बिना डर बिना ख़ौफ के टेलर का गला काट देते हैं और वीडियो बनाकर गर्व से वायरल कर देते हैं.”
प्रधानमंत्री के बयान पर राजस्थान के कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा है कि पीएम मोदी केंद्र सरकार की उपलब्धियां हैं और राजस्थान को वो क्या दे सकते हैं, ये बतानें के बजाय कन्हैयालाल जैसे मुद्दों पर बात करके चुनाव को सांप्रदायिक करना चाहते हैं.
पीएम मोदी ने अपने भाषण में कांग्रेस पर वोटबैंक की राजनीति का भी आरोप लगाया था.
उन्होंने कहा था, "राजस्थान में कब दंगे भड़क जाए, कब कर्फ्यू लग जाए, कोई नहीं जानता. दंगाई हो, अपराधी हो, उसे भाजपा सरकार ही ठीक कर सकती है, ये हमारा ट्रैक रिकार्ड है.”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में दिए इस बयान को अपनी मध्य प्रदेश के ग्वालियर की रैली में भी दोहराया और कहा, “राजस्थान में खुलेआम गला काट दिया जाता है और सरकार देखती रहती है. ये विकास के विरोधी जहां भी जा रहे हैं तुष्टीकरण ला रहे हैं.”
उठता रहा है कन्हैया लाल की मौत का मुद्दा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इससे पहले असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कन्हैयालाल हत्याकांड को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा था.
हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा था कि इतनी बड़ी घटना होने के बाद राजस्थान सरकार की प्रतिक्रिया बहुत ठंडी रही.
सरमा ने कहा, “अगर ऐसी ही घटना असम में घटती तो 5 मिनट बाद ही तुरंत जवाब मिल गया होता. कुछ ही देर में इसी तरह की ब्रेकिंग न्यूज़ आ चुकी होती कि कुछ बहुत बड़ा हो चुका है.”
हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा था कि ऐसे लोगों को तुरंत सबक सिखाने की ज़रूरत है.
इसी रविवार को राजस्थान के भीलवाड़ा में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए हैदराबाद से बीजेपी विधायक टी राजा सिंह ने अल्पसंख्यकों के ख़िलाफ़ खुलकर बयानबाज़ी की.
टी राजा सिंह ने अपने भाषण में मुसलमानों के बारे में कई आपत्तिजनक बातें कही हैं.
उन्होंने ‘बीच चौराहे पर खड़ा करके गोली मारने’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया. राजस्थान में जल्द ही विधानसभा चुनाव होने हैं.
बीजेपी पहले भी टेलर कन्हैया लाल की हत्या का मामला उठाती रही है. इसी साल जून में उदयपुर में अमित शाह ने कहा था कि अगर राजस्थान सरकार ने कन्हैया लाल मर्डर केस में स्पेशल कोर्ट का गठन किया होता तो हत्यारों को अब तक फांसी हो चुकी होती.
इसके जवाब में तब मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा था कि हत्यारे बीजेपी के सक्रिय सदस्य थे. ये पता लगाना चाहिए कि उन्हें मदद करने वाले बीजेपी के नेता कौन थे.
क्या कहना है कांग्रेस का?
राजस्थान कांग्रेस के प्रवक्ता स्वर्णिम चतुर्वेदी ने प्रधानंत्री के कन्हैया लाल मुद्दे पर बात करने पर प्रतिक्रिया देते हुए बीबीसी से कहा, “भारत के प्रधानमंत्री यह बताने में असमर्थ हैं कि केंद्र सरकार की क्या उपलब्धियां हैं और राजस्थान को वो क्या दे सकते हैं, इसलिए वो कन्हैयालाल जैसे मुद्दों पर बात करके चुनाव को सांप्रदायिक करना चाहते हैं.”
बीजेपी नेताओं के बयान पर पलटवार करते हुए उन्होंने दावा किया, “राजस्थान पुलिस ने चार घंटे के भीतर हमलावरों को पकड़ लिया था और पीड़ित परिवार की तुरंत आर्थिक मदद की गई थी. अब जांच केंद्र के अधीन एनआईए कर रही है, लेकिन एनआईए ने अभी तक इस मामले में क्या किया है इसका जवाब बीजेपी नहीं दे रही है.”
उन्होंने दावा किया, “जिन लोगों ने हत्या की वो ख़ुद भाजपा से जुड़े हुए थे. बीजेपी के कई नेताओं के साथ उनकी तस्वीरें थीं. बीजेपी ने कभी इस बारे में बात नहीं की.”
हालांकि बीजेपी ने इन आरोपों को नकार दिया था और कहा था कि अभियुक्तों का बीजेपी के साथ कोई संबंध नहीं था.
चतुर्वेदी कहते हैं, ”हिमंत बिस्वा सरमा एनकाउंटर की बात करते हैं, उन्हें ये भी बताना चाहिए कि मणिपुर में बीजेपी की सरकार ने कितने अपराधियों के एनकाउंटर किए हैं. राजस्थान संविधान और क़ानून से चलता है, कन्हैयालाल मामले में पुलिस और प्रशासन ने अपना काम किया है.”
कांग्रेस का कहना है कि बीजेपी के पास राजस्थान में हुए विकास की काट नहीं है इसलिए वो ध्रुवीकरण की राजनीति कर रही है.
चतुर्वेदी कहते हैं, "लेकिन ये प्रयास भी कामयाब नहीं होगा. बीजेपी ने कर्नाटक में ध्रुवीकरण करने की कोशिश की लेकिन जनता ने बीजेपी को नकार दिया. अब चुनाव विकास और सामाजिक न्याय के मुद्दों पर लड़े जाते हैं. जनता अब सब समझती है."
कन्हैया लाल हत्याकांड
उदयपुर में टेलर कन्हैया लाल की 28 जून 2022 को उनकी दुकान के भीतर हत्या कर दी कर दी गई थी. हमलावरों ने धारदार हथियार से उनका गला काटा था और इसका वीडियो भी बना लिया था.
कथित रूप से कन्हैया लाल ने बीजेपी की निलंबित नेता नुपुर शर्मा की पैगंबर मोहम्मद पर विवादित टिप्पणी से जुड़ा पोस्ट सोशल मीडिया पर किया था और इसी वजह से उनकी हत्या हुई थी.
उनकी हत्या का वीडियो ऑनलाइन शेयर हुआ था जिसके बाद उदयपुर में तनाव भी हो गया था.
कन्हैया लाल की हत्या के आरोप में दो लोगों को गिरफ़्तार किया गया था जो अभी भी जेल में हैं.
राजस्थान सरकार ने उनके परिवार को पचास लाख रुपये की आर्थिक मदद और उनके बेटों को नौकरी दी थी.
राजस्थान पुलिस ने कन्हैयालाल के परिवार को सुरक्षा भी प्रदान की है.
अक्तूबर 2022 में बीबीसी से बात करते हुए कन्हैया लाल के बेटे ने कहा था, “हम अभी तक की सरकार की कार्रवाई से संतुष्ट हैं और हमें उम्मीद है अदालत से इंसाफ़ मिलेगा.”
इस हत्याकांड की जांच फिलहाल राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) कर रही है.
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