सेंसेक्स: कोरोना से डरा बाज़ार, निवेशकों के डूबे 4 लाख करोड़ रुपए

शुक्रवार को बाज़ार खुलते ही निवेशकों के 4 लाख करोड़ रुपए डूब गए.

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कोरोना वायरस के महामारी की शक्ल लेने और वैश्विक वृद्धि को प्रभावित करने के डर से शुक्रवार को भारतीय शेयर मार्केट औंधे मुंह गिरा. बाज़ार खुलते ही निवेशकों को 4 लाख करोड़ रुपए का घाटा हुआ है.

शुक्रवार को सेंसेक्स 1,083.85 पॉइंट्स की गिरावट के साथ 38,661.81 पर आ गया. वहीं निफ्टी में 321.40 पॉइंट्स की गिरावट दर्ज की गई. निफ्टी 11,311.90 पर पहुंच गया है.

कोरोना वायरस के डर से दुनियाभर के बाज़ारों में गिरावट आई है. इसी के चलते भारतीय शेयर मार्केट का पिछले चार बरसों में यह सबसे बुरा सप्ताह रहा. सेंसेक्स और निफ्टी, दोनों में इस सप्ताह 6% तक की गिरावट आ चुकी है.

अब निवेशकों को दिसंबर तिमाही के ग्रोथ डेटा का इंतज़ार है, ताकि वे जान सकें कि एशिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था का पिछले तीन महीने में प्रदर्शन कैसा रहा.

जियोजीत फाइनैंशल सर्विसेज़ के रिसर्च हेड विनोद नायर ने रॉयटर्स को बताया, "पिछले सप्ताह तक बाज़ार देखकर लग रहा था कि कोरोना वायरस से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर न्यूनतम असर पड़ेगा. नए मामले सामने आने की वजह से माहौल बदल रहा है. कोरोना वायरस की वजह से इकॉनमी के सुस्त पड़ने का डर है."

दिसंबर की तिमाही में भारतीय अर्थव्यवस्था 4.7% की दर से बढ़ी है. पिछली तिमाही में यह आंकड़ा 4.5% का था. सितंबर की तिमाही में अर्थव्यवस्था पिछले छह बरसों में सबसे धीमी गति से बढ़ी थी.

'आनंद राठी शेयर्स ऐंड स्टॉक ब्रोकर्स' में रिसर्च हेड नरेंद्र सोलंकी ने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा, "कोरोना वायरस भारत को आर्थिक रूप से बुरी तरह प्रभावित कर सकता है, क्योंकि भारत चीन से काफी सामान आयात करता है."

कोरोना वायरस के डर की वजह से गुरुवार को साउथ कोरिया से लेकर जापान तक के स्टॉक एक्सचेंजेस में गिरावट दर्ज की गई है.

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