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चुनाव आयोग के पास पहुंचा दोनों गुटों का आवेदन
देर शाम चुनाव आयोग के सूत्रों ने ये स्पष्ट किया है कि उन्हें मुलायम सिंह और रामगोपाल यादव दोनों गुटों से आवेदन मिल चुका है और चुनाव चिन्ह पर आयोग नियमों के मुताबिक विचार करेगा.
17.00 बजे- मुलायम के घर पर शिवपाल, आजम ख़ान और अंबिका चौधरी मौजूद हैं. उधर भारतीय मीडिया में रामगोपल यादव का बयान आया है जिसमें उन्होंने कहा है कि समाजवादी पार्टी में कोई समझौता नहीं हो रहा है.
16.00 बजे- इससे पहले अखिलेश-मुलायम की अहम बैठक समाप्त हो गई है.
15.00 बजे- समाजवादी पार्टी की इस अहम बैठक में पार्टी में वरिष्ठ नेता अंबिका चौधरी भी शामिल हुए. बैठक में अखिलेश अपने गुट के इकलौते प्रतिनिधि माने जा सकते हैं.
14.30 बजे- इस बैठक में शामिल होने के लिए शिवपाल यादव भी पहुंचे. बैठक में आजम ख़ान भी शामिल हैं.
13.00 बजे - मुलायम सिंह के घर पहुंचे अखिलेश यादव. पिता-पुत्र के बीच बैठक जारी. विश्लेषकों का आकलन है कि सुलह की कोशिशें तेज़ हो गई हैं.
11.40 बजे - समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव धड़े के प्रतिनिधि के तौर पर प्रोफ़ेसर रामगोपाल यादव ने चुनाव आयोग के अधिकारियों से मुलाकात की है.
मुलाकात के बाद पत्रकारों से बात करते हुए रामगोपाल यादव ने कहा कि असल समाजवादी पार्टी अखिलेश यादव की है.
हालांकि दोनों ही पक्षों ने अभी तक खुलकर ये नहीं कहा है समाजवादी पार्टी का विभाजन हो गया है.
11.30 बजे - समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आज़म ख़ान ने कहा है कि पार्टी में पिछले कुछ दिनों में जो हुआ है, उससे वो निराश हैं, लेकिन उम्मीद करते हैं कि सबकुछ ठीक हो जाएगा.
समाजवादी पार्टी में पिछले कुछ हफ्तों से एक तरह का सत्ता संघर्ष छिड़ा हुआ है.
11.00 बजे - समाजवादी पार्टी में मचे घमासान के बीच पार्टी प्रमुख मुलायम सिंह यादव सोमवार को चुनाव आयोग से मिले थे और मंगलवार को सुबह एक विशेष विमान से लखनऊ चले गए हैं.
दो दिन पहले पार्टी प्रमुख मुलायम सिंह के बेटे और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पिता को नज़रअंदाज़ कर खुद को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित कर दिया था.
इस घोषणा के साथ ही पार्टी का अंदरूनी विवाद सतह पर आ गया और पार्टी अब टूट की कगार पर खड़ी है. हालांकि आज़म ख़ान जैसे सियासत के पुराने माहिर को लगता है कि राजनीति में कुछ भी संभव है.
उनका कहना है कि जब रामगोपाल यादव और अखिलेश यादव को पार्टी से निकालने के बाद दो दिन के भीतर उनकी वापसी हो सकती है तो राजनीति में क्या नहीं हो सकता है.
आनेवाले कुछ हफ्तों में यूपी में विधानसभा चुनाव होने हैं.
कुछ दिन पहले मुलायम सिंह ने चुनाव के लिए पार्टी उम्मीदवारों की सूची जारी की थी जिससे अखिलेश यादव संतुष्ट नहीं थे.
उसके बाद उन्होंने बतौर मुख्यमंत्री उम्मीदवारों की नई सूची जारी की थी जिसमें मुलायम के चुने कई उम्मीदवारों को जगह नहीं दी गई थी.
इसे मुलायम सिंह ने पार्टी विरोधी गतिविधि करार दिया था और अनुशासनात्मक कार्रवाई की थी.