नई पेशकश-पाकिस्तान का पन्ना
बीबीसी हिंदी की सत्तरवीं सालगिरह. सोचा अपने पाठकों को कुछ नया दिया जाए. लेकिन क्या?
कुछ नए कार्यक्रम तो हाल ही में शामिल किए गए हैं. बीबीसी इंडिया बोल का आपने दिल खोल कर स्वागत भी किया है. हमारे श्रोता लगातार बड़ी तादाद में उससे जुड़ भी रहे हैं. ऑनलाइन के पाठक फ़ोरम के माध्यम से अपनी राय व्यक्त कर रहे हैं और सुझाव दे रहे हैं.
फिर ख़्याल आया हमारी साइट पर आने वाले कुछ ऐसा चाहते हैं जो औरों से अलग हो. अंतरराष्ट्रीय ख़बरों का गहन विश्लेषण और अगर वह विश्लेषण पड़ोसी देश की ख़बरों का हो तो कहना ही क्या.
बीबीसी के वरिष्ठ सहयोगियों को लगा कि हमारी वेबसाइट पर एक ऐसा पन्ना हो जो पूरी तरह पाकिस्तान पर केंद्रित हो और वहाँ के समाचारों और रिपोर्टों की गहराई से पड़ताल कर सके.
हिंदी सेवा प्रमुख अमित बरुआ विशेष तौर पर इसको लेकर उत्सुक थे. उन्होंने इस बारे में गहरी रुचि दिखाई और हम सब को लगा कि यह पन्ना हमारी साइट पर आने वालों को कुछ ऐसा दे पाएगा जिसकी वे बीबीसी से अपेक्षा करते हैं.
बीबीसी हिंदी की परंपरा रही है कि उसने हमेशा अपने श्रोताओं और पाठकों की रुचि और उनकी इच्छा का सम्मान किया है.
तो चलिए, मामले को और ज़्यादा उलझाए बग़ैर आपको सूचित कर देती हूँ कि हम अब एक नया पाकिस्तान का पन्ना आपके लिए ले कर आए हैं.
यानी अब पहले पन्ने, भारत, खेल, मनोरंजन, कारोबार, विज्ञान, ब्लॉग-फ़ोरम और बीबीसी विशेष के साथ आप पाकिस्तान पर विस्तृत सामग्री भी देख पाएँगे.
हमसे कहा जाता था कि भारत के पड़ोसी देश की कला-संस्कृति, वहाँ के तौर-तरीक़ों से पाठकों को परिचित कराया जाए. तो आपकी मांग को ध्यान में रखते हुए हम यह एक नया प्रयोग कर रहे हैं.
हमारा यह प्रयास आपको कैसा लगा और इस पन्ने पर आप और क्या चाहते हैं, लिखिएगा ज़रूर.

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स्वागत... बहुत सुन्दर प्रयोग... 70 वीं सालगिरह मुबारक हो... पाकिस्तान कला-संस्कृति के मामले में काफी समृद्ध है वहां के शायरों का कहना ही क्या ! अद्भुत ... आशा है ढेर सारी जानकारी मिलेगी...
स्वागत !
मुझे भी यह आइडिया अच्छा लगा. मैं पाकिस्तानी अख़बार भी पढ़ता हूँ. वहाँ के बारे में जानने की उत्सुकता रहती है. आपका यह पन्ना उसमें मदद करेगा.
राकेश जैन, बोस्टन, अमरीका
बीबीसी हिंदी की सत्तरवीं सालगिरह मुबारक. पाकिस्तान पर काफ़ी दिनों से यह कमी महसूस हो रही थी और इस बात का अहसास हुआ यह बहुत ही ख़ुशी की बात है. बजाय चटपटी ख़बरों के यदि कुछ गंभीर लेख प्रस्तूत किये जाते हैं तो यह बेहतरीन रहेगा. आदर के साथ, लखन.
सबसे पहले बीबीसी हिंदी विभाग को पाकिस्तान पन्ने के लिए बधाई. सबसे ख़ुशी की बात है कि मैं पाकिस्तान की ख़बरें ज़रूर पढ़ता हूँ. लेकिन अब ज़्यादा ख़बरें मिलने की उम्मीद है. और भी अच्छा हो अगर पाकिस्तान के समाचारपत्रों की हेडलाइन भी पेश की जाएँ.
अस्लाम आलेकुम, 70वीं सालगिरह मुबारक हो. बहुत ही अच्छी सोच है. हमलोग बचपन से ही बीबीसी रेडियो पर सुनते आए हैं. तब पाकिस्तान की ख़बरें जानने के लिए उर्दू सेवा सुनते थे. पर आज यह देख कर ख़ुशी हो रही है कि भारत और पाकिस्तान की ख़बरें एक ही साथ प्रकाशित हो रही हैं. हमलोग वाक़ई बहुत ख़ुश हुए हैं यह देख कर.
इसलिए बीबीसी परिवार को हम सब की तरफ़ से बहुत-बहुत शुक्रिया.
पाकिस्तान के लिए बीबीसी की तरफ़ से अलग पन्ना निकालने का स्वागत करते हैं,आप का ये फैसला इस लिए ज़रुरी था के दोनों देशों को लोगों को एक दूसरे की हाल हक़ीकत अच्छी तरह मालूम करने में मदद मिलेगी. दोनो देशों की जनता जो एक दूसरे से वाक़िफ़ हैं उन को इस पन्ने से ज्यादा एक दूसरे की खबर होगी, खास कर वो लोग जो हिंदी जानते हैं उन को बीबीसी के जरिए ताज़ा ताज़ा ख़बरें पढ़ने को मिलेंगी, वो लोग जो जानना चाहते हैं कि पाकिस्तान की पल पल की रिपोर्टें और ख़बरें उन को पड़ने के लिए बहुत कुछ मिले गा। मीडिया के इस तेज़ दौर में जहां आंख झपकते ही ख़बरें आपके आगे होती हैं वहां पर बीबीसी का ये कदम प्रशंसनीय है. ख़बरों का मामला नहीं मामला है आम लोगों के ख़्याल और उन की सोच को परखने का और मैं एक पत्रकार होने के नाते ये समझा हूँ कि बीबीसी ने जनता के मांग को स्वीकार कर के अहम फ़ैसला किया हैं, ये ज़रुरी इस लिए भी था कि लोग काफ़ी कुछ जानते हुए भी बीबीसी की जानिब से जानना चाहते हैं और बीबीसी का अपना अंदाज़ है.
अच्छा प्रयास है. .......यदि साहित्य के लिए भी मनोरंजन से अलग कर एक पन्ना दिया जाता ...तो सोने में सुगंध ......बीबीसी से इतनी आशा तो की ही जा सकती है. शुक्रिया.
बहुत अच्छी पहल है लेकिन पाकिस्तान ही क्यों सभी सार्क देशों की रिपोर्टें दें.
सलमा जी नमस्कार. आपको और समस्त बीबीसी हिन्दी टीम को बहुत -बहुत बधाई ! बहुत अच्छी शुरुआत है. भगवान करे कि इसी बहाने ही सही हम दोनों पड़ोसी देशों के लोग एक दूसरे के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानें. आपसी रिश्तों की खटास पर जमी बर्फ़ शायद इसी बहाने पिघल जाए तो क्या बात है, अमित जी ! बहुत अच्छा निर्णय लिया है आपने !
दोनों मुल्कों में रहने और कहने का अंदाज़ एक है,
हमारे सपने और उनके ख़्वाब एक हैं,
बहुत पसंद आया बीबीसी पर पाकिस्तान का पन्ना,
संस्कृतियों के मिलाप के ख़्याल नेक हैं.
सुंदर प्रयास के लिए धन्यवाद एवं बधाइयाँ.
आपको जन्मदिन की बहुत-बहुत बधाई.
बहुत अच्छी पहल है. पाकिस्तान को जानने का मौका मिलेगा.
क्या बेहतरीन आइडिया है. भारत में बहुत से लोग हैं जो पाकिस्तान के बारे में जानना चाहते हैं. इससे मुझ जैसे लोगों को बहुत मदद मिलेगी.
बहुत, बहुत शुक्रिया.
सत्तरवें जन्मदिन की बहुत-बहुत बधाई हो. मैं भारत में भी सलमा ज़ैदी के लेख पढ़ा करता था. अब बीबीसी हिंदी पर देख कर बहुत अच्छा लगा.
यह नया प्रयास आपको बहुत-बहुत मुबारक हो.
सलमा जी, बधाई हो बीबीसी की सालगिरह पर आपकी इस नई पेशकश के लिए. बीबीसी हमारी उम्मीदों पर खरी उतरती है और आशा है आगे भी ऐसा ही होगा.
आपके इस विशेष पन्ने के लिए मेरे कुछ सुझाव निम्नलिखित हैं
• पाकिस्तान के उदय से अब तक का इतिहास इस पन्ने पर होना चाहिए.
• पाकिस्तान और भारत के पुराने और वर्तमान रिश्तों का उल्लेख हो.
• पाकिस्तानियों के मन में भारतीयों के प्रति कैसी भावनाएँ हैं इसकी जानकारी हो. .
• दोनों देशों की कला और संस्कृति में समानताएँ और असमानताएँ...
• पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर के बारे में कश्मीरियों की राय और वहाँ के चित्र और वीडियो.
• पाकिस्तान के हर प्रांत की हर तरह की जानकारी.
• पाकिस्तानी महिलाओं की स्थिति..
• पाकिस्तान में स्थित चरमपंथी संगठनों के बारे में विस्तृत जानकारी.
• पाकिस्तान में शिक्षा की स्थिति.
अंत में मैं यह कहना चाहती हूँ कि पाकिस्तान के साथ हमारे अन्य पड़ोसी देश और भारत के साथ उनके रिश्तों के बारे में जानकारी बीबीसीहिंदी डॉट कॉम पर होनी चाहिए.
इस विशेष पन्ने पर ऑडियो और वीडियो अधिक से अधिक होने चाहिएं.
भारत पन्ने के साथ पाकिस्तान का पन्ना जोड़ना ऐसा लगा जैसे नाखुन के साथ मांस जुडा होता है. अच्छी बात है सुन्दर भी चाहता है कि हमारे दिल भी इसी तरह आपस में जुड़े अगर दोनों देश पुराने मतभेदों को भुलाकर नाखून और मांस का रिश्ता बना लें तो हम मिलकर अब भी पूरी दुनिया में महाशक्ति बन सकते हैं. सालगिरह मुबारक़ हो,
बधाई हो सलमा जी.
सच कहूँ तो सलाम जी, मुझे इसमे कुछ नयापन नहीं दिखा, मेरा आशय यह नहीं है कि आपको पाकिस्तान की ख़बरें नहीं दिखानी चाहिए, पर यह तो आप पड़ोसी देशों के समाचार वाली कॉलम में भी रख सकते थे, इसके लिए अलग कॉलम की ज़रूरत नहीं थी, ज़रूरत यह थी कि आप पहले भारत के ही सभी राज्यों की खबरों को समेट लेते. मैं यह नहीं कहता कि जितने राज्य उतने पेज शुरू करें, पर आप इसे दिशा को आधार पर भी बांट सकते थे. जैसे उत्तरी भारत, पश्चिम भारत, दक्षिण भारत और पूर्व या फिर पूर्वोत्तर भारत या फिर राज्यों की ख़बर के नाम से शुरू करते, वैसे नया पेज अच्छा ही है. पर मुझे आपके असली भारत से समाचार लाने की उम्मीद थी, जो कि गाँव और कस्बों में है.
चाहे पाकिस्तान पर नए पृष्ट निकलना हो या "अमन की आशा "जैसे प्रयास, पाकिस्तान आतंकवाद की वो प्रयोगशाला बन चुका है, जो केवल भारत ही नहीं अपितु संसार के लिए महा संकट है.वो दिन ज्यादा दूर नहीं जब इसी पन्ने पर खबर पढ़ने को मिलेगी की "पाकिस्तान के परमाणु हथियार दहशतगर्दो के हाथ मे". मैं आपकी इस पहल का विरोध नहीं कर रहा हूँ, पर मुझे ज्यादा प्रसन्नता तब होती यदि आप लोग इस "व्यर्थ प्रयास" के बजाय एक ऐसा पृष्ठ शुरु करते जो विश्व स्तर की समसामयिक घटनाओं का दैनिक विवरण देता जो मेरे जैसे लाखो विद्यार्थियों को उनके लक्ष्य प्राप्त करने में सहायक होता.
सलमा ज़ैदी साहिबा सबसे पहले आप और आपकी बीबीसी हिंदी की पूरी टीम को बहुत बहुत मुबारकबाद पेश है इस साहसिक क़दम के लिए और आपके बीबीसी हिंदी के 70 साल पूरे करने के लिए. अगर इस तरफ़ आप जैसे पत्रकार सकारात्मक होकर काम करेंगे तो इस पन्ने से दोनों मुल्कों की जनता एक दूसरे के क़रीब आएगी और काफ़ी कुछ जानने और समझने को मिलेगा क्योंकि अभी हमारे और पाकिस्तान के जो नौजवान हैं उन्हें एक दूसरे के मुल्क के बारे में ईमानदारी से कुछ पता नहीं है और साथ ही आज के जो राजनीतिक हालात हैं उससे नहीं लगता कि जल्द ही कोई बेहतर नतीजा सामने आने वाला है. इसलिए ये बहुत साहसिक क़दम है ताकि हम एक दूसरे के देश के हालात से रूबरू हो सकें और एक दूसरे की तहज़ीब को समझ सकें और दोनों मुल्कों के बीच एक बेहतर रिश्ता क़ायम कर सकें. मेरी यही दुआ है.
पाकिस्तान से भारत के रिश्ते जल्द से जल्द सुधरने में मीडिया की अहम भूमिका हो सकती है. बीबीसी ने इस दिशा में सराहनीय कार्य किया है. हमें उम्मीद है कि इस नए पन्ने से भारत-पाक रिश्तों की मिठास बढ़ाने की दिशा में सहयोग मिलेगा.
काफी अच्छा आइडिया. मैं कहना चाहूंगा कि हर रोज अपने पेज को स्थानीय खबरों के मुताबिक अपडेट करें तो अच्छा होगा. मैं देखता हूं कि बीबीसी उर्दू में हर रोज बदलाव आते हैं. उम्मीद करें कि उन खबरों से भी कुछ चीजें आपके यहां मौजूद होंगी.
पाकिस्तान हमारा पड़ोसी है. हमारे लिए यह काफी अहम है कि हमें इस देश के बारे में और भी खबरें जानने और सुनने को मिलें. जो लोग पाकिस्तान के बारे में ज्यादा जानना चाहते हैं, उनके लिए यह बड़ा अवसर होगा. हमारी भाषा, सोच और काफी कुछ एक दूसरे से मिलती-जुलती है. बीबीसी को उसकी वर्षगांठ पर बधाई. मुझे बीबीसी सुनना और पढ़ना काफी पसंद हैं.
ये बहुत अच्छा क़दम है. मैं हमेशा पाकिस्तान के बारे में उत्सुक रहता था. मैं कुछ दिनों से इस पन्ने को देख रहा हूं और मुझे ज़रा सा निराशा हुई है. इस पन्ने पर पाकिस्तान की ताज़ा ख़बरें नहीं होती हैं. इसमें वही ख़बरें होती हैं जो दो तीन दिन पहले भारत के पन्ने पर प्रकाशित हो चुकी होती हैं.
सलमा जी नमस्कार. आपको बधाई.
शुक्रिया.....
पाकिस्तान भी भारत की तरह साहित्य कला शेरो शायरी में भरपूर है और घटनाएँ भी रोज़मर्रा नई नई घटती होंगी. पर जब भी मैं पाकिस्तान का पन्ना खोलता हूँ वही पुरानी खबरें ही पढ़ने को मिलती हैं. क्या नई ख़बरें पाकिस्तान के पन्ने पर लाना मुश्किल है? वहां पर भी और देशों की तरह ढेर सी घटनाएँ घटती होंगी. फिर क्या वजह है कि हम ख़बरों के प्रेमी इस पन्ने पर नई ख़बरों से महरूम रह जाते हैं. पिछले कई हफ़्तों से कुछ कहानिएँ तो वहाँ से हटने का नाम ही नहीं ले रहीं. कृपया कर इस पर ध्यान देने का कष्ट करें. आपकी मेहनत तथा प्रयोग काबिले तारीफ़ तो है ही पर इस में फेरबदल और नई नई चीज़ों की कमी सी महसूस हो रही है.