BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
सोमवार, 23 जून, 2008 को 11:33 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
भारत के लिए खुशी, इंग्लैंड के लिए दुख

कपिल देव
मुझे वो समय स्पष्ट रूप से याद है जब भारत ने 1983 में क्रिकेट विश्व कप जीता था. मैं दिल्ली में ही रहता था. मैं, मेरी साथी जिली और एक दोस्त निज़ामुद्दीन इलाक़े में टीवी पर मैच देख रहे थे.

जब साफ़ हो गया कि भारत जीत गया है तो हम सब लोग पुरानी दिल्ली गए. उस समय बीबीसी में मेरे सहयोगी सतीश जैकब पुरानी दिल्ली में रहते थे. लेकिन वहाँ का दृश्य ही दूसरा था. इतने लोग सड़कों पर बाहर निकल आए थे कि गलियों में जगह नहीं बची थी.

तुरंत पार्टी शुरु हो गई, ख़ूब गाना बजाना हुआ और नारेबाज़ी भी ख़ूब हुई. बहुत ही अजीब माहौल था.

जब विश्व कप जीतकर भारतीय टीम मुंबई लौटी तो मुझे मौका मिला कि मैं हवाईअड्डे पर जाकर बीबीसी के लिए कवरेज करूँ.

मुंबई में टीम का स्वागत करने के लिए तो इतने लोग जमा हो गए थे कि टीम को हवाईअड्डे से निकालना मुश्किल हो गया था.

मुझे बड़ी खुशी है कि उस समय मैं विजेता टीम के कप्तान कपिल देव से मिल पाया और इंटरव्यू किया. कपिल देव बेहद अच्छे इंसान हैं और बाद में भी उनसे तीन-चार बार मिलने का मौका मिला.

ख़ुशी भी,ग़म भी

 जब साफ़ हो गया कि भारत जीत गया है तो मैं अपने दोस्तों के साथ पुरानी दिल्ली गया. उस समय बीबीसी में मेरे सहयोगी सतीश जैकब पुरानी दिल्ली में रहते थे. लेकिन वहाँ का दृश्य ही दूसरा था. इतने लोग सड़कों पर बाहर निकल आए थे कि गलियों में जगह नहीं बची थी

विश्व कप जीतने के बाद जब मैने कपिल से उनकी प्रतिक्रिया पूछी तो उन्होंने बहुत दिल से जबाव दिया. उन्होंने कहा, लोग कहते हैं कि मैने भारत को विश्व कप दिलवाया लेकिन असल में ये पूरी टीम की जीत है.

विश्व कप में भारत ने सेमीफ़ाइनल में इंग्लैंड को हराया था. उस समय इंग्लैंड में क्या माहौल था ये तो पता नहीं लेकिन मेरे दिल में ज़रूर विभाजन हो गया था क्योंकि मैं अंग्रेज़ हूँ पर भारत को भी बहुत पसंद करता हूँ.

जब भारत जीता तो दिल में खुशी थी भारत के लिए पर इंग्लैंड के लिए दुख भी था.

1983 के विश्व कप के बाद हाल ही में भारत ने ट्वेन्टी- 20 और अंडर-19 वर्ल्ड कप जीता है. पहले के मुकाबले आज टीवी चैनल ज़्यादा हैं और मीडिया की कवरेज भी ज़्यादा है.

वर्ष 1983 की जीत के समय भले ही टीवी चैनलों की भीड़ नहीं था लेकिन जश्न मनाने के जज़्बे और लोगों के जोश में कोई कमी नहीं थी.

जीत के बाद भारत के लिए नया रास्ता खुल गया था और भारत आज भी उसी रास्ते पर चल रहा है. उस ज़माने में क्रिकेट की राजधानी लंदन था लेकिन आज मुंबई विश्व क्रिकेट की राजधानी है. इंडियन प्रीमियर लीग से भारत ने दिखाया है कि अब क्रिकेट उसके क़ब्ज़े में है.

( ये लेख बीबीसी संवाददाता वंदना से बातचीत पर आधारित है)

इससे जुड़ी ख़बरें
राजस्थान रॉयल्स ने जीता आईपीएल
01 जून, 2008 | खेल की दुनिया
'असली हक़दार टीम ऑस्ट्रेलिया ही थी'
29 अप्रैल, 2007 | खेल की दुनिया
भारतीय खेमे में छाया सन्नाटा
24 मार्च, 2007 | खेल की दुनिया
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>