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सोमवार, 23 जून, 2008 को 11:35 GMT तक के समाचार
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'मैच हारकर वापस नहीं जा सकते थे'
रॉजर बिन्नी
रॉजर बिन्नी ने विश्व कप में 18 विकेट लिए थे
भारत ने जब वर्ष 1983 में विश्व कप जीता तो इसमें जिन खिलाड़ियों की अहम भूमिका रही उसमें रॉजर बिन्नी भी शामिल थे.

भारत की जीत से जुड़ी यादें बाँट रहे हैं रॉजर बिन्नी.

क्या टीम को उम्मीद थी कि 1983 में वो वर्ल्ड कप जीतेगी?

पिछली वर्ल्ड कप प्रतियोगिताओं में भारत के प्रदर्शन को देखते हुए लोगों ने यही सोचा था कि इस बार भी टीम जाएगी और वापस आ जाएगी. लेकिन टीम चाहती थी कि पहले से बेहतर प्रदर्शन करे और कुछ मैच जीते ताकि सर ऊंचा करके वापस आ सकें.

भारत के स्पिन के बजाय मीडियम पेस गेंदबाज़ों को मौका देने का फ़ैसला क्यों किया?

चयन समिति में बिशन सिंह बेदी जैसे लोग थे जिन्होंने इंग्लैंड में क्रिकेट खेला था. लेकिन स्पिन पर निर्भर के बजाय जैसे पहले होता था चयनकर्ताओं ने ऐसे गेंदबाज़ों को चुना जो इंग्लैंड के मैदानों के लिए ज़्यादा ठीक थे. ये एक बड़ा कारण था कि हम बेहतर खेले.

भारत सेमीफ़ाइनल में इंग्लैंड को हराने में कैसे सफल रहा?

हमने वो सब कुछ नहीं सोचा..बस जाकर खेले क्योंकि इंग्लैंड का होम ग्राउंड था और ज़ाहिर है इसका फ़ायदा इंग्लैंड को मिलता.

फ़ाइनल मैच में वेस्टइंडीज़ फ़ेवरेट टीम थी, भारतीय टीम में कितना विश्वास था कि वो जीत पाएगा?

भारत फ़ाइनल तक पहुंच गया था इसलिए अब दवाब बहुत था. टीम अच्छा खेल रही थी और बस हमें ये करना था कि फ़ाइनल में भी अच्छा खेलें.

मैच से पहले कप्तान कपिल देव ने टीम से बात की और हमारे लिए उनकी बातें काम कर गईं.

फ़ाइनल में केवल 183 रन बनाकर भी भारत मैच कैसे जीत गया?

उस समय लगा था कि हम इतनी दूर तक आ गए हैं और अब ये मौका गंवा दिया है. लेकिन लंच ब्रेक में खिलाड़ी एक दूसरे का हौसला बढ़ाने लगे क्योंकि हर किसी का हौसला गिरा हुआ था. वरिष्ठ खिलाड़ियों ने कहा, हमें जीतना ही होगा. हम मैच हारकर वापस नहीं जा सकते.

इससे हमारा हौसला बढ़ा और चीज़ें एक के बाद एक ठीक होती चली गईं. हमने शुरू में ही गॉर्डन को आउट कर दिया. समय समय पर विकेट गिरते रहे.

भारत में लोगों की क्या प्रतिक्रिया थी?

एकदम पागलपन था..कैसा माहौल था उसे देखने के लिए आपको वहाँ होना चाहिए था. सड़कों पर लोगों की भीड़ थी, वे हमारी बस में फूल. पैसे फ़ेक रहे थे. उस वर्ल्ड कप ने भारतीय क्रिकेट का चेहरा ही बदल दिया.

(ये बातचीत पूर्व में बीबीसी को दिए इंटरव्यू पर आधारित है)

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